AgustaWestland हेलीकाॅप्टर के लिए TOI और HT ने की थी लाॅबिंग?

Posted On: May 12, 2016

AgustaWestland scam में बिचैलिए क्रिश्चियन मिशेल ने मीडिया को मैनेज करने के लिए जो 45 करोड़ रुपए खर्च किए थे! उस 45 करोड़ का असर उस समय की टाइम्स आॅफ इंडिया(TOI) और हिंदुस्तान टाइम्स(HT) की रिपोर्टिंग पर बहुत ज्यादा दिखता है! अंग्रेजी के ये दोनों लीडिंग अखबार न केवल अगस्ता हेलीकाॅप्टर डील के पक्ष में लिख रहे थे, बल्कि डील होने से पहले लाॅबिंग वाली रिपोर्टिंग भी इन्होंने की!

मीडिया क्षेत्र के जानकार यह भलीभांति जानते हैं कि किसी रिपोर्ट को टाइम्स आॅफ इंडिया में छपने का असर क्या होता है? सरकार से लेकर, नौकरशाह तक और पीआर एजेंसी से लेकर हथियार दलाल तक का टारगेट टाइम्स में रिपोर्ट छपवाना होता है और यही बात टाइम्स को एक लाॅबिस्ट अखबार के रूप में स्थापित करता है!

यूपीए सरकार और अगस्ता वेस्टलैंड के बीच 12 वीवीआईपी हेलीकाॅप्टर खरीदने की डील फरवरी 2010 में हुई थी, लेकिन टाइम्स ने अगस्ता के पक्ष में पहली रिपोर्टिंग 30 जुलाई 2009 को की थी! आश्चर्य है कि डील फाइनल होने से पहले ही अगस्ता के पक्ष में रिपोर्टिंग की जा रही थी! इसे ही पत्रकारिता और दलाली की भाषा में ‘लाॅबिंग’ कहते हैं! बिचैलिए क्रिश्चिन मिशेल ने इसके लिए ही अगस्ता से 45 करोड़ रुपए की डील (http://www.indiaspeaksdaily.com/agustawestland-chopper-manufacturer-finmeccanica-managing-the-indian-media-by-six-million-euros/) की थी! तो क्या माना जाए कि 45 करोड़ में से पहला प्रसाद टाइम्स आॅफ इंडिया ने ग्रहण किया था?

देखिए डील से करीब 7 महीने पहले टाइम्स के रिपोर्टर रजत पंडित क्या लिखते हैं! टाइम्स लिखता है- “जिस तरह से अमेरिका के राष्ट्रपति के चढ़ने के लिए एयरफोर्स वन है, उसी तरह भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के वीवीआईपी सवारी के लिए 12 वीवीआईपी हेलीकाॅप्टर खरीदे जा रहे हैं। मिनिस्ट्री के स्रोत बताते हैं कि इटली के एविशन के बड़े खिलाड़ी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ डील फाइनल स्टेज में है!” (http://timesofindia.indiatimes.com/india/PM-President-to-get-swanky-copters/articleshow/4836077.cms)

आज जांच में यह पता चल रहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाॅप्टर बनाता ही नहीं, लेकिन रिपोर्टर उसे इटली के एविएशन क्षेत्र का बड़ा खिलाड़ी बता रहा है! रिपोर्टर की नीयत यदि साफ होती तो वह गूगल सर्च कर या अपने डिफेंस के स्रोत से अगस्ता पर पूरी जानकारी हासिल कर सकता था, लेकिन ऐसा लगता है कि किसी ने उसे बना-बनाया रिपोर्ट पेश किया और उसने केवल टाइप कर दिया! यही लाॅबिंग है!

किसी के कहने पर किसी डील से पहले उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई रिपोर्टिंग लाॅबिंग है! आपको इंडिया स्पीक्स की पिछली रिपोर्ट (http://www.indiaspeaksdaily.com/agustawestland-chopper-manufacturer-finmeccanica-managing-the-indian-media-2/) में यह बताया था कि इंडिया टुडे ग्रुप एक एक संपादक व न्यूज एंकर राहुल कंवल ने एक ट्वीट किया था और उसमें भी कहा गया था कि यह सुनिश्चित किया जाए कि डील किसी भी रूप में निरस्त न हो! आखिर इन पत्रकारों को अगस्ता की डील को सुनिश्चित करने में इतनी दिलचस्पी क्यों थी? इसकी एक ही वजह समझ में आती है कि क्रिश्चिन मिशेल का 45 करोड़ रुपए की गूंज, उस समय अगस्ता के पक्ष में रिपोर्टिंग करने वाले बहुत सारे पत्रकारों के कानों में सुनाई दे रही थी!

Read Total Report on AgustaWestland scam @India Speaks daily

कल पढ़िए कि प्योर कांग्रेसी व बिड़ला ग्रुप के अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने आखिर किस तरह से की थी अगस्ता वेस्टलैंड के लिए लाॅबिंग….

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