Articles by Ashwini Upadhyay

यदि संविधान को तत्काल सौ प्रतिशत लागू नहीं किया तो 20-25 साल के बाद भारत की स्थिति बहुत खतरनाक हो जाएगी; अश्विनी उपाध्याय

साथियो… देश की एकता और अखंडता के लिए देश के संविधान को शत-प्रतिशत लागू करना बहुत जरूरी है, अगर तत्काल संविधान को सौ…


इस देश में लोकतंत्र नहीं भीड़तंत्र है! जो संविधान में है, वह लागू नहीं है और जो संविधान में नहीं है वह भीड़ के दबाव में लागू है!

साथियों, हमारे देश में लोकतंत्र की नहीं बल्कि भीड़तंत्र है। यदि भीड़ इकट्ठी हो जाए तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया जाता…


जिस देश में नारियां स्वयं अपने पति का चयन करती थी, वहां बलात्कार जैसा घृणित कार्य आखिर किस मानसिकता के लोग लेकर आए?

रामायण और महाभारत में युद्ध के बावजूद किसी ने स्त्रियों को हाथ नहीं लगाया! वो आखिर कौन लोग हैं जो भारत में बलात्कार…


भारत के सर्वांग एकीकरण के पक्षधर सरदार पटेल पर एक अनुपम कृति!

हिंदी और अंग्रेज़ी के सुप्रतिष्ठित लेखक और अनेक कालजयी उपन्यासों के रचनाकार श्री Amarendra Narayan ने हिंदी में ‘एकता और शक्ति’ और अंग्रेज़ी…


“तीन-तलाक” से पीड़ित बहनों के लिए जरूरी सूचना!

“तीन-तलाक” से पीड़ित बहनों के लिए जरूरी सूचना! “तीन-तलाक” पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस मामले में भी ऐतिहासिक है कि इसने भारतीय…



झूठे वादे और खोटी नियत वाली आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की जनता को वादों के अलावा कुछ नहीं दिया!

लोक लुभावन वादों का मीठा चूरन खिला कर अरविन्द केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री तो बन गए लेकिन किये गए वादों की लंबी फेहरिस्त…


धर्मनिरपेक्ष पार्टियां, धर्मान्तरण के खिलाफ कठोर कानून का विरोध क्यों कर रही हैं ?

विदेशी पैसे का इस्तेमाल कर, ईसाई मिशनरियों ने लालच देकर, उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों तथा आन्ध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखण्ड और छत्तीसगढ़ में…


जाति और मजहब की जगह बाबा साहब अंबेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए मतदान करें!

इस बार विधानसभा चुनाव में अपना वोट जाति या धर्म के आधार पर नहीं बल्कि बाबा साहब अंबेडकर के सपनों को पूरा करने…


समान शिक्षा नीति लागू किए बिना, भारतीय संविधान का कोई मतलब नहीं!

क्या वर्तमान शिक्षा व्यवस्था सबको समान अवसर उपलब्ध कराती है? क्या आप भी सहमत हैं कि बाबा साहब अंबेडकर और दीनदयाल उपाध्याय जी…


वोटबैंक की राजनीति नहीं लागू करने देती है सम्पूर्ण संविधान !

देश की एकता-अखंडता और आपसी भाईचारा को मजबूत करने के लिये भारतीय संविधान को शत-प्रतिशत लागू करना जरुरी है। वोटबैंक राजनीति के कारण…


भारतीय न्यायपालिका के लिए शर्म की बात है मीलॉड! यह आपकी लाचारी है या देश में इंसाफ की बदनसीबी!

हमने तो यही पढ़ा और जाना है कि भारत की सुप्रीम कोर्ट के पास असीम शक्ति है मीलॉड! लेकिन इंसाफ के राज में…



न्यायपालिका में कॉलेजियम सिस्टम को क्यों बरकार रखना चाहते हैं न्यायाधीश ?

जब आम भारतीय़ चारो तरफ से हताश होता है तो उसे भारत की सबसे बड़ी अदालत से ही आखिरी उम्मीद होती है। आंखों…




वामपंथी पत्रकार जब तक चाहें अपना एजेंडा चलाए रखें, नरेंद्र मोदी को भी समस्याओं से टकराने में मजा आता है

मनीष ठाकुर । टीवी पर प्रधानमंत्री के लालकिले की प्रचीर से भाषण सुनने की आदत सन 1987 से है। शायद ही ऐसा कोई…


मुझे चाहिये आजादी, अंग्रेजों द्वारा 1860 में बनाई गई भारतीय दंड संहिता (IPC) से

मुझे चाहिये आजादी : अंग्रेजों द्वारा 1860 में बनाई गई भारतीय दंड संहिता (IPC) से, जिसके कारण भ्रष्टाचारी, बलात्कारी, अलगाववादी, देशद्रोही, गुंडे, बदमाश…



समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए भाजपा का सधा हुआ कदम !

दोस्तों देश में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) को लेकर लंबे समय से बहस चली आ रही है।बीजेपी लम्बे समय से सिविल…