ईमानदार लोगों के लिए कड़क चाय जैसी है नरेंद्र मोदी की नोटबंदी ; नाना पाटेकर



Sanjeev Joshi
Sanjeev Joshi

सिनेमा और क्रिकेट भारतीयों की रग-रग में बसता है,भारतीय जनता क्रिकेटर और अभिनेताओं को सर आंखों पर बिठा कर रखती है लेकिन मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर बॉलीवुड और क्रिकेट के कई धुरंधर मोदी जी फैन हो गए! उनके इस फैसले में साथ एकसुर होते दिख रहे है। बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकारों ने इस फैसले का स्वागत किया है। अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, रजनीकांत जैसे अन्य कई अभिनेताओं ने प्रधानमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। इस सूची में एक और बड़ा नाम शामिल हुआ वह है नाना पाटेकर का !

समाज सेवी और अभिनेता नाना पाटेकर ने भी इस फैसले की सराहना करते हुए कहा है कि यह ईमानदार लोगों के लिए कड़क चाय है’ आपको याद दिला दूं की मोदी जे ने गाज़ीपुर की अपनी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि मेरे फैसले (नोटबंदी) कड़क चाय जैसी है जो गरीबो को तो भाती है लेकिन अमीरों को नहीं!मोदी सरकार की नोटबंदी पर जहाँ बॉलीवुड सरकार के साथ कदम-ताल कर रहा था तो क्रिकेट जगत अपनी प्रतिक्रिया न दे यह कैसे संभव था? भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने हजार पांच सौ के नोटों के चलन पर प्रतिबन्ध लगाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह देश के राजनैतिक इतिहास का महानतम कदम है। कोहली ने कहा कि ‘मेरे लिए यह अब तक भारतीय राजनीति का महानतम कदम है। यह अविश्वनीय है और मोदी जी के इस फैसले से बहुत प्रभावित हुआ।

हालाँकि अलग-अलग क्षेत्रों ने इस विषय अपनी प्रतिक्रियाएँ दी है। जहाँ अधिकांश राजनैतिक दलों ने इस अभूतपूर्व फैसले पर अपनी असहमति जताई है, अब इस असहमति के पीछे क्या मर्म हो सकते हैं वह किसी से छुपा नहीं है लेकिन इतना तो तय है कि मोदी जी ने कई बड़ी मछलियों को पानी होते हुए भी तड़पने के लिए छोड़ दिया है।

Comments

comments


राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सपोर्ट करें!

जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है। देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें! धन्यवाद !
* मात्र 200 ₹ प्रतिमाह का सहयोग करें और मिलकर प्रोपोगंडा वार को ध्वस्त करें।



राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सपोर्ट करें!

 

जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है। देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें! धन्यवाद !