व्यक्तित्व विकास


युद्ध में अयोध्याः बाबरी ध्वंस से तीन दिन पहले नरसिंह राव कल्याण सिंह सरकार को बर्खास्त करना चाहते थे, लेकिन राज्यपाल ने ऐसा होने नहीं दिया!

आज भी कांग्रेस पार्टी, उसके समर्थक और काफी सारे लोगों को यह लगता है कि बाबरी ध्वंश कराने में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव…


युद्ध में अयोध्या: बाबरी एक्शन कमेटी और इसलामपंथी-वामपंथी इतिहासकारों ने किस तरह अयोध्या मामले को उलझाने का खेल खेला, इसे एक उदाहरण से समझते हैं!

सुप्रीम कोर्ट ने यह तय कर दिया कि अयोध्या मामले में सुनवाई केवल जमीन विवाद पर होगी, अन्य किसी भी चीज पर नहीं।…





मृत्यु से पूर्व ही अपनी मौत का एहसास हो गया था वी.एस.नायपाल को! सनातन ब्राह्मणत्व की समझ से यह संभव हुआ!

दुनिया में ऐसे बहुत कम साहित्यकार हुए हैं जो अपनी मृत्यु का आभास कर अपनी रचना को अंतिम बता गए हों। अपना अधिकांश…


मार्क्सवादी इतिहासकारों के प्रपंच को उजागर करती नीरज अत्री और मुनीश्वर सागर की ऐतिहासिक किताब ‘Brainwashed Republic’

हमारे देश में स्कूली बच्चों का इतिहास के माध्यम से शुरू से ब्रेनवाश करने की कोशिश की गई है। स्वतंत्रता के बाद से…



मध्यप्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा और उसके इर्द गिर्द पनपी संस्कृति से रूबरू करा रही है पत्रकार अलोक मेहता कि किताब ‘नमन नर्मदा’!

जाने माने पत्रकार आलोक मेहता की नई किताब नमन नर्मदा का लोकार्पण भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ओ पी रावत ने किया…




अपनी किताब की मार्केटिंग के लिए शहरी नक्सलियों के बचाव में उतरे रामचंद्र गुहा!

गांधी के नाम पर पहले ही दो किताबें ‘इंडिया आफ्टर गांधी ‘ तथा ‘गांधी बिफोर इंडिया’ लिख चुके इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने एक…


विक्रम सूद की किताब ‘द अनइंडिंग गेम’ ने बिकाऊ मीडिया की खोली पोल!

विक्रम सूद की लिखी यह किताब न तो ज्ञापन मात्र है न तो किसी खुफिया संगठनों की अंदरुनी दस्तावेज है। लेकिन हां यह…



मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक दुनिया में सिर्फ पांच प्रकार के लोग है, इनमें से आप किस प्रकार के हैं?

एक बार जब आप अपने व्यक्तित्व के प्रकार को समझ लेते हैं, तो दूसरों को पहचानना आसान हो जाता है एमी मॉरिन। आपका…


भारतीय शिक्षा प्रणाली- पाठ्यपुस्तक लिखने वालों को काटे हुए है एक विचारधारा का कीड़ा!

सूर्य सिद्धांत स्पष्ट करता है कि – “सर्वत्रैय महीगोले स्वस्थामुपरिस्थितम्। मन्यन्ते खेयतो गोलस्तस्यक्कोर्ध्वक्कवोप्यध:” अर्थात यह पृथ्वी गोल है इसलिये हम सभी अपने अपने…




अटल बिहारी वाजपेयी की कविता: ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ, लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ’

ठन गई! मौत से ठन गई! जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह…