प्रेरक व्यक्तित्व

‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ, लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ’-अटल बिहारी वाजपेयी

ठन गई! मौत से ठन गई! जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह…


जिनकी वजह से राजनीति की मेरी समझ विकसित हुई, वह अटल हैं!

मैं भी राजनीति से उदासीन एक युवा था। राजनीति को अछूत समझता था। कोई रुचि नहीं थी मेरी राजनीति में। तब पहली बार…


बिहारी वाजपेयी जी की वह कविता जो गूगल में भी नहीं है, ‘सुनो प्रसून की अगवानी का स्वर उन्चास पवन में’।

पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित सचित्र साप्ताहिक अभ्युदय में प्रकाशित अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविता, 11 फरवरी 1946 नौ अगस्त सन…


हरिवंशजी के रूप में राज्यसभा को मिला एक पढ़ाकू पत्रकार उपसभापति!

दयानंद पांडेय। ख़ूब पढ़ाकू, भाषा के धनी, सार्वजनिक जीवन में शुचिता और शालीनता के लिए जाने जाने वाले मेरे मित्र हरिवंश जी आज…



एक कुली जिसने प्रधानमंत्री मोदी के Digital India का सही उपयोग किया और पास कर गये सिविल सेवा की परीक्षा!

केरल के एर्नाकुलम स्टेशन पर कुली का काम करने वाले श्रीनाथ के. ने लोगो के लिए एक मिसाल कायम की है जो न…


इंजीनियरिंग के छात्र ने डॉक्टर बनकर हवा में बचाई एक व्यक्ति की जान!

आईआईटी कानपुर के इंजीनियरिंग के छात्र कार्तिकेय मंगलम ने अपने तकनीकी कौशल से हवा में एक व्यक्ति की जान बचा कर यह साबित…


2018 Commonwealth Games में भारत की बेटियां ने बढ़ाया देश का मान!

भारतीय महिलाओं ने पिछले कॉमनवेल्थ खेलों में अपने स्वर्णिम अभियान को दोहराते हुए ऑस्टेलिया में हो रहे कॉमनवेल्थ 2018 में भी पीले तमगे…


आप मर कर भी जिन्दा रह सकते हैं बस जज्बा पैदा कीजिये!

“जिंदगी जिंदादिली का नाम है, मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते हैं?” … यह पंक्तियाँ सार्थक होती हैं पिथौरागढ़ (बड़ाबे) निवासी गीता देवी…


फोटोग्राफी के शौक ने कायनात को बना दिया हिंदी का बेस्ट ब्लॉगर!

डा. कायनात काज़ी जितना अच्छा लिखती हैं, उतनी अच्छी फोटोग्राफी भी करती हैं। हिंदी साहित्य में पीएचडी कायनात एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर हैं। राहगिरी…



पुश-अप में गिनीज बुक मे अपना नाम दर्ज कर रोहताश ने रचा इतिहास ;स्लिप डिस्क भी जिनका हौसला नहीं तोड़ सकी

जिनके हौसलों में जान होती है अक्सर वही अपने निशान छोडते हैं इतिहास के पन्नों में. दिल्ली के रोहताश चौधरी भी नित नयी…


बिहार के दूसरे दसरथ मांझी की कहानी -35 साल से एक नदी पर लाखों लोगों की सुविधा के लिए खुद बना रहे हैं बांस का पुल!

विभूति कुमार रस्तोगी: बीते 35 साल से एक 27 गांव के साथ साथ भारत-नेपाल को जोड़ने वाले सड़क के बीच बहने वाली नदी…


पुश-अप में गोल्डन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले रोहताश, स्लिप डिस्क भी जिनका हौसला नहीं तोड़ सकी!

शशिरंजन वर्मा नई दिल्ली खानपुर गाँव निवासी रोहताश चौधरी इन दिनों अपने नए मिशन पर हैं। वह अपनी पीठ पर 25 किलो वजन…