भाषा और साहित्य

हिंदी का अक्षर बोध, ‘अ’ अज्ञान से ‘ज्ञ’ ज्ञान तक की यात्रा!

हमारे बच्चों को हम अपनी मातृभाषा हिंदी ठीक से नहीं सिखाते, क्योंकि हम स्वयं ही शुद्ध हिंदी न लिख पाते हैं, और न…









हिंदी का बाज़ार बढ़ रहा है, लेकिन एक खास विचाधारा ने हिंदी साहित्य को मृतप्राय बना दिया है!

सोनाली मिश्रा। एक बार फिर से साहित्य अकादमी सम्मानों की घोषणा हुई है और एक बार फिर से उन्हें विवादों में घसीट लिया…


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जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है। देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें! धन्यवाद !