मनोविश्लेषण

इमरान खान के लिए भारत की कोई महिला पत्रकार बिना अंगिया पहने चली जाए तो फिर उसका उद्देश्य साक्षात्कार लेना नहीं, बल्कि ‘कुछ और’ है!

वामपंथ ने हमेशा, विरोधियों के चरित्र का हनन किया है, जबकि इनका खुद का चरित्र बहुत गिरा हुआ है। इसलिए मैंने कांगी-वामी के…


राहुल गांधी से लेकर रवीश कुमार तक, झूठ का वह मनोविज्ञान, जिसकी काट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तुरंत ढूंढ़ना होगा, अन्यथा देर हो जाएगी!

आजकल कांग्रेस अध्यक्ष और उनके ‘पीडी पत्रकारों’ के झूठ बोलने का तरीका एक-सा हो गया है! और यह एकदम वही तरीका है, जिसे…


बरखा दत्त राहुल गांधी की ‘मेट्रोसेक्सुअल पर्सानालिटी’ पर रिझी हुई है, तो सागरिका घोष उसके प्रति ‘ऑब्जेक्टिव एंग्जाइटी’ की शिकार है!

महिला पत्रकार बरखा दत्ता द्वारा राहुल गांधी के ‘आलिंगन-पोलिटिक्स’ पर लिखे गये लेख का फ्रायडियन मनोविज्ञान के आधार पर विश्लेषण किया गया है।…


क्या ‘कैस्ट्रेशन कांप्लेक्स’ जैसी यौन-ग्रंथि के शिकार हैं राहुल गांधी?

संसद के अंदर 20 July 2018 को राहुल गांधी की हरकत पर यह पूरा लेख फ्रायडीय मनोविज्ञान के आधार पर लिखा गया है।…


ओशो ने संभोग से समाधि तक जाने की एक कला प्रदान की, जो समझने वाली बात है!

ओशो का नाम सुनते ही मस्तिष्क मे एक ही शब्द उभरता है, सेक्स या शायद ओपन सेक्स! बुद्धत्व, अध्यात्म, प्रेम, ध्यान, ग्यान, वगैरह…


स्वराभास्कर, शोभा-डे जैसी महिलाएं ‘सादेनफ्रायदे’ यानी ‘मासोकवाद’ नामक यौन बीमारी से पीड़ित हैं!

स्वराभास्कर, शोभा-डे जैसी महिलाएं ‘सादेनफ्रायदे’ या ‘मासोकवाद'(Sexual masochism disorder) नामक यौन बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी से पीड़ित महिलाएं या पुरुष कष्ट…


क्या आप जानते हैं आपके बच्चों को मिलने वाला होमवर्क उनमें नकरात्मक प्रभाव डालता है ?

भारत में शिक्षा प्रणाली गुरुकुल से निकल कर कान्वेंट और ईसाई मिशनरीज स्कूलों के हाथों की कठपुतली बन गयी है, नर्सरी से लेकर…


आज निम्न पशुओं के बहुत सारे गुण और विशेषताएं मनुष्यों में दिखाई देती हैं, तो इसकी वजह है !

आनंद कुमार:। सिगमंड फ्रायड का जन्म 6 मई 1856 को आस्ट्रिया के फ्रीबर्ग शहर में हुआ. फ्रायड के पिता ऊन के व्यापारी थे…