उपदेश एवं उपदेशक

ओशो संबोधि दिवस (21मार्च) के अवसर पर जानिए, कैसे हुए थे वो ज्ञान को उपलब्ध।

आज ओशो संबोधि दिवस है। आज ही के दिन 21 मार्च 1953 को संस्कारधानी जबलपुर के भंवरताल पार्क स्थित मौलश्री वृक्ष के तले…


जीवन का सत्य अज्ञात है, उसे शब्दों और शास्त्रों को पढ़ कर जाना नहीं जा सकता – OSHO

मैंने सुना है, एक संध्या एक व्यक्ति, एक अजनबी गांव में एक रास्ते पर से एक मकान के सामने से गुजरता था। उस…


नीम करौली बाबा और उनका इतिहास-1

अनन्त कथामृत से साभार प्राकट्य एवं लीला-सागर : युवावस्था को छूती वय का भस्मल लपेटे कौपीनधारी जटायुक्त एक जोगी बाबा हाथों में चिमटा-कमण्डल…


संवैधानिक है आशुतोष महाराज के अनुयायियों का अधिकार !

आशुतोष महाराज के केस में आज लम्बी सुनवाई चली। सुनवाई के आरम्भ में ही कोर्ट ने तथाकथित बेटे पर टिपण्णी करते हुए कहा…


पत्नी का इतना अधिक प्रेम केवल भारत में घट सकता है, और कहीं नहीं: OSHO

ओशो । एक बहुत सुन्दर कहानी है। एक महान दार्शनिक था, विचारक, जिसका नाम था वाचस्पति। वह अपने अध्ययन में बहुत ज्यादा व्यस्त…


ओशो का अपना कोई दर्शन, कोई सिद्धांत नहीं, उनकी चेतना एक शून्य है!

मां माधवी राय। 19 जनवरी, ओशो के महापरिनिर्वाण दिवस पर हम सभी ओशो प्रेमियो की तरफ से, गुरुवर को शत् शत् कोटि कोटि…


‘आशुतोष महाराज के अनुयायियों को उनके धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता!’

आशुतोष महाराज के मामले में अदालत ने सोमवार 16 जनवरी को तीक्ष्ण टिप्पणी करते हुए आशुतोष महाराज के पुत्र होने का दावा करने…



आंखों का कोई संस्कारित रूप नहीं होता,यह शुद्ध प्रकृति हैं ! ओशो

OSHO । आंखों का कोई संस्कारित रूप नहीं होता,आंखें शुद्ध प्रकृति हैं। आंखों पर मुखौटा नहीं है। और दूसरी बात याद रखने की…


मदर टेरेसा एक औसत दर्जे की पाखंडी कैथोलिक महिला थीं, न कि कोई संत: osho

 मदर टेरेसा को नोबल पुरस्कार मिलने पर ओशो ने मदर टेरेसा के कार्यों का विश्लेषण किया था, जिससे मदर टेरेसा नाराज हो…


राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सपोर्ट करें!

 

जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है। देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें! धन्यवाद !