अध्यात्म

जब जर्मन सम्राट के पुत्र ने ओशो का चौकीदार बनने के लिए त्याग दिया था अपना राजपाट!

यह सच्ची दास्तान है, एक राजकुमार ने कभी एक बुद्ध पुरुष की चौकीदारी करने के लिए अपना राजपाट त्याग दिया था। यह लेख…


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर महारास के जरिए धर्म में नारी की महत्ता को अध्यात्मिक तरीके से स्थापित किया दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने!

श्री कृष्ण-एक परिवर्तनकारी युगपुरुष जिनकी क्रांति में भी शांति के छंद थे, विध्वंस में भी महा-सृजन का उद्घोष था। जिन्होंने महाभारत में महान-भारत…



जो स्वयंभूत नहीं, उसे नष्ट होना ही है! फिर नश्वर के लिए क्यों मातम मनाते हो?

मरना तो एकदिन सबको है। मां के गर्भ में जिस दिन जिंदगी की यात्रा शुरू होती है, उसी दिन से उसकी आखिरी मंजिल…


गीता में भगवान कृष्‍ण ने अर्जुन से कहा, हे अर्जुन वृक्षों में मैं पीपल हूं! आखिर उन्होंने स्वयं को पीपल ही क्यों कहा, कोई दूसरा वृक्ष क्यों नहीं ?

गीता और उपनिषदों को पढने के दौरान मन को असीम शांति का अनुभव होता है! वर्तमान में जब मैं अपनी ‘भारतीय वामपंथ का…