भारत निर्माण

जिनकी वजह से राजनीति की मेरी समझ विकसित हुई, वह अटल हैं!

मैं भी राजनीति से उदासीन एक युवा था। राजनीति को अछूत समझता था। कोई रुचि नहीं थी मेरी राजनीति में। तब पहली बार…


गंगा में ‘अलकनंदा’ 750 रुपये में दिखाएगा वाराणसी के घाटों का नजारा!

कुछ जानने से पहले इस भव्य नजारे को देखिए और आनंद लीजिए। लेकिन भूल से यह नहीं सोच बैठिएगा कि यह हांगकांग, मलेशिया…


कांग्रेस सरकार की तरह यदि मोदी सरकार भी सोती रहती तो उत्तराखंड त्रासदी से भी बुरे हालात हो जाते केरल में आई बाढ़ से!

दो सरकारें, दो प्राकृतिक आपदाएं, दोनों की तीव्रता एक समान। फर्क देखिये। इतनी विनाशकारी बाढ़ में 29 लोग मरते हैं। यदि मौसम विभाग,…


इंडिया स्पीक्स अंग्रेजी के साथ बंगाली, मलयालम, तमिल भाषा में भी आनी चाहिए। घुन की तरह देशद्रोही हर जगह हैं!

कई मित्रों के फोन और मैसेज आए। कहा, संदीपजी, हम इंडिया स्पीक्स को जो डोनेशन भेज रहे हैं, उसमें मेरा नाम प्लीज उजागर…


वामपंथी वेब वायर, प्रिंट आदि को नंदन निलेकणी से लेकर आमिर खान तक डोनेट कर रहे हैं, हमारे लिए तो आम लोग ही हैं!

इंडिया स्पीक्स को चलाने के लिए मैंने आप सबसे एक अपील की थी कि आर्थिक रूप से सक्षम एक हजार साथी यदि हर…


मोदी सरकार की स्टार्ट अप योजना से एक पत्रकार ने किया खेती किसानी की ओर रुख!

एक ओर जहां देश के किसान गरीबी, बढ़ते कर्ज और खेतीबाडी में मुनाफा न होने के चलते शहरों में पलायन कर रहे हैं।…



प्रधानमंत्री मोदी का काम बोलता है! उन्होंने बखूबी निभाई चौकीदार की भूमिका!

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले लोकसभा चुनाव जीतने के बाद देशवासियों से दो बातें कही थीं। पहला यह कि वह देश के चौकीदार है…


देश के लिए गर्व के पल: ‘कलरी लड़ाके’ विद्युत जामवाल का नाम विश्व के श्रेष्ठ मार्शल आर्ट लड़ाकों में शामिल हुआ।

भारत की जिस युद्ध कला को श्रीकृष्ण से लेकर बोधिधर्मन ने विकसित किया, आज उसी में महारत एक योद्धा ने फिर से भारत…


एक योगी जिसने धरती को हराभरा रखने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया!

योगी अरविन्द, जो कि कुंजापुरी, नरेंद्रनगर, टिहरी में रहते हैं, विगत सात वर्षों से पौधे लगाने का अभियान चला रहे हैं। वृक्षों के…


असम में जारी एनआरसी लिस्ट से डरीं ममता, बंगालियों को भड़काकर अपना वोट बैंक साधने में जुटी!

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में असम की जारी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन की सूची पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल उठाकर…


राहुल गांधी से लेकर रवीश कुमार तक, झूठ का वह मनोविज्ञान, जिसकी काट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तुरंत ढूंढ़ना होगा, अन्यथा देर हो जाएगी!

आजकल कांग्रेस अध्यक्ष और उनके ‘पीडी पत्रकारों’ के झूठ बोलने का तरीका एक-सा हो गया है! और यह एकदम वही तरीका है, जिसे…


प्रत्यर्पण संधि पर विश्व के सारे देशों से सहयोग की ओर अग्रसर मोदी सरकार!

आर्थिक अपराध को अंजाम देने के बाद देश छोड़कर भागने वाले अपराधियों को रोकने के लिए संसद ने एक बिल पास किया है।…


बरखा दत्त राहुल गांधी की ‘मेट्रोसेक्सुअल पर्सानालिटी’ पर रिझी हुई है, तो सागरिका घोष उसके प्रति ‘ऑब्जेक्टिव एंग्जाइटी’ की शिकार है!

महिला पत्रकार बरखा दत्ता द्वारा राहुल गांधी के ‘आलिंगन-पोलिटिक्स’ पर लिखे गये लेख का फ्रायडियन मनोविज्ञान के आधार पर विश्लेषण किया गया है।…


क्या ‘कैस्ट्रेशन कांप्लेक्स’ जैसी यौन-ग्रंथि के शिकार हैं राहुल गांधी?

संसद के अंदर 20 July 2018 को राहुल गांधी की हरकत पर यह पूरा लेख फ्रायडीय मनोविज्ञान के आधार पर लिखा गया है।…


प्रधानमंत्री को अपनी सीट से खड़े होने के लिए कहने वाले राहुल गांधी का अहंकार अभी भी यह स्वीकारने को राजी नहीं कि यह राजतंत्र नहीं, लोकतंत्र है! धन्यवाद PM नरेंद्र मोदी जी, एक अहंकारी उद्दंड को उसकी औकात दिखाने के लिए!

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी के नुक्कड़छाप भाषण के बाद जो हुआ, वह लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है! यह तो…


राजदीप सरदेसाई ने फिर से लिखा, हां दाऊद इब्राहिम एक देशभक्त था, उसका अंडरवर्ल्ड गिरोह सेक्यूलर था! बाबरी मसजिद टूटने के कारण वह आतंकवादी बना!

महान् सेक्यूलर पत्रकार राजदीप सरदेसाई दुखी हैं। उनके दुख का कारण कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दाऊद इब्राहिम हैं। राजदीप सरदेसाई की नजर…


सुप्रीम कोर्ट, शासन तंत्र और मीडिया से आग्रह है कि वह गो-वध पर महारानी विक्टोरिया द्वारा वायसराय को लिखे पत्र को पढ़ ले! अब बहुत हुआ हिंदू मन से खिलवाड़!

सुप्रीम कोर्ट, मीडिया, तथाकथित बुद्धिजीवियों ने भारत में भीड़-तंत्र के व्यवहार को गो-हत्या से जोड़ दिया है, लेकिन कभी उसने यह जानने का…


सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश, देश का सबसे बड़ा अभियुक्त और एक अखबार! ‘लुटियन लॉबिस्टों’ द्वारा मर्यादा को तार-तार करता एक हैरतअंगेज दास्तान!

दिल्ली का लुटियन कल्चर शायद हर तरह की संवैधानिक, कानूनी और नैतिकता की मर्यादा से परे है? खुद को साहसिक पत्रकारिता का पर्याय…