आधुनिक भारत


तो क्या गाँधी की हत्या के बाद महाराष्ट्र में ब्राह्मणों का नरसंहार नेहरू की सुनियोजित चाल थी?

रामेश्वर मिश्र पंकज। एक विचित्र स्थिति पैदा हो गई है, हम सभी जानते हैं कि ऋषियों और ब्राह्मणों के कुल में ही राक्षस…


द्वितीय विश्‍व युद्ध में गांधी ब्रिटेन को दोस्‍त कह रहे थे और सुभाष अंग्रेजों को मिटाने पर आमदा थे!

पुरानी कहावत है, दूसरे के फटे में टांग अड़ाना। जब द्वितीय विश्‍व युद्ध शुरु हुआ तो गांधी जी के नेतृत्‍व में कांग्रेस ब्रिटिश…


Farooq Abdullah family



शेख अब्दुल्ला ने कश्मीर घाटी को जिहाद में ढकेला था, अब उसके बेटे-पोते जिहादी जुबान बोल रहे हैं!

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने धमकी दी है कि यदि इस राज्य से धारा-35ए हटाया जाएगा, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने…


कल पीएम मोदी ने हामिद अंसारी को अलीगढ़ मुसलिम विवि की याद दिलाकर यह साबित कर दिया कि अंसारी सैयद अहमद खां की विभाजनकारी सोच के वारिस हैं!

कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को उनकी कट्टरता से भरे परिवेश की जबरदस्त याद दिलाई, जिसमें अलीगढ़…


झूठ बोलना बंद कीजिए…1942 के आंदोलन से नहीं भागे थे अंग्रेज!

आज संसद भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ मना रहा है। संसद में इस पर आयोजित बहस में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी…


1962 चीन युद्ध में आर्मी चीफ के मना करने के बाद भी नेहरू और मेनन ने सैकड़ों सैनिकों को युद्ध की आग में झोंक दिया था!

अविनाश वाजपेयी। साठ के दशक में नेहरू के आंकलन के विपरीत चीन सिंगकियांग तिब्बत रोड के पश्चिम में सत्तर मील आगे बढ़ आया…


मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए पंडित नेहरू ने जब बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर की बात नहीं मानी! ‪

चूंकि रोहित वेमुला मामले में मीडिया और सभी वितंडावादियों का झूठ पकड़ा गया– तेलंगाना सरकर व पुलिस ने अदालत को जो रिपोर्ट सौंपी…


पूर्वी पाकिस्‍तानी (अब बंगलादेश ) घुसपैठियों को भारत में बनाए रखने की मंजूरी पंडित नेहरू ने दी थी!

अजय कुमार, यथावत के लिए असम और पूर्वोत्तर के बांग्लादेशी सीमा से लगे राज्यों में घुसपैठ की समस्या कांग्रेस पार्टी की अदूरदर्शिता का…


जब पंडित नेहरू भारत पर दोबारा से शासन करने के लिए लॉर्ड माउंटबेटन को मनाने गए!

14 अगस्‍त की रात को ब्रिटेन ने भारत की सत्‍ता कांग्रेस को हस्‍तांतरित कर दिया था। विभाजन के कारण देश में गृहयुद्ध की…


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जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है। देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें! धन्यवाद !