अनोखा इतिहास


क्यों न नेहरु के नाम पर बने फुटबाल स्टेडियमों का दोबारा नामकरण हो, नेहरु ने ही किया था भारतीय फुटबॉल का बेड़ा गर्क!

फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट का कल समापन हुआ। अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि भारत जैसा बड़ा देश आखिर…


कर्म कभी पीछा नहीं छोड़ता, मुगलों के कुकर्म का फल उनकी पीढियां आज भोग रही हैं!

वैसे तो भगवान कृष्ण ने गीता में अर्जुन से कहा था कि कर्म कभी किसी का पीछा नहीं छोड़ता, कर्म के अनुरूप फल…


कश्मीर का अतीत! कोटा रानी जिसने इसलामी आक्रमणकारियों से कश्मीर को बचाने के लिए मरते दम तक प्रयास किया!

कश्मीर इन दिनों विवादों में है। रहस्य का आवरण ओढ़े कई कहानियां आज कश्मीर के बहाने हम सब के सामने आ रही हैं।…


सोनिया के सहयोगी ने कहा.. अगर संघ के गोलवलकर नहीं होते तो जम्मू कश्मीर का विलय भारत में नहीं हो पाता

जिस संघ को कांग्रेस अछूत मानती है उसी संघ ने भारत के एकीकरण में अहम भूमिका निभाई है। जम्मू-कश्मीर अगर आज भारत का…


भारत के क्रांतिकारियों में वीर सावरकर का क्या स्थान था, यह इस बात से समझा जा सकता है कि जब भगत सिंह और सुखदेव अपने संगठन में नौजवानों को शामिल करते थे तो पूछते थे, क्या ‘लाइफ ऑफ बेरिस्टर सावरकर’ पढ़ी है?

Pushker Awasthi| कल भारत माता के सर्वोत्तम पुत्रो में से एक वीर विनायक दामोदर सावरकर जी का जन्म दिवस (28 May 1883 –…


प्राचीन अरब था कभी हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग!

प्रख्यात इतिहासकार श्री पुरुषोत्तम नागेश ओक (1917-2007) ने अपनी पुस्तक ‘वैदिक विश्व राष्ट्र का इतिहास’ के खण्ड 2, पृ. 466-467 पर इस्लाम-पूर्व अरब…



ईशा मसीह द्वारा भारत में ज्ञान प्राप्त करने और यहां समाधि लेने का एक-एक सबूत, आप खुद पढ़िए!

गुंजन अग्रवाल। ईसाइयत (Christianity) के जनक कहे जानेवाले ईसामसीह अपने 12वें वर्ष से लेकर 30 वर्ष तक क्या करते रहे अथवा कहाँ थे,…


प्राचीन अरब कभी हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग था।

गुंजन अग्रवाल। इस्तांबुल, तुर्की के प्रसिद्ध राजकीय पुस्तकालय ‘मक्तब-ए-सुल्तानिया’ (सम्प्रति मक्तब-ए-ज़म्हूरिया), जो प्राचीन पश्चिम एशियाई-साहित्य के विशाल भण्डार के लिए प्रसिद्ध है, के…



कल पीएम मोदी ने हामिद अंसारी को अलीगढ़ मुसलिम विवि की याद दिलाकर यह साबित कर दिया कि अंसारी सैयद अहमद खां की विभाजनकारी सोच के वारिस हैं!

कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को उनकी कट्टरता से भरे परिवेश की जबरदस्त याद दिलाई, जिसमें अलीगढ़…


जवाहरलाल नेहरू के जन्म के लिए पुत्रेष्टि काम यज्ञ करने वाले पंडित की मृत्यु, कहीं ‘नियोग’ को छिपाने की कोशिश तो नहीं थी?

जवाहरलाल नेहरू को सनातन धर्म से चिढ़ थी, लेकिन उनके जन्म के लिए उनके पिता मोतीलाल नेहरू ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था। जवाहरलाल…


पंडित मदन मोहन मालवीय ने सनातन धर्म के लिए ठुकरा दिया था गवर्नल जनरल का आग्रह !

जीतेन्द्र कुमार सिंह। कलकत्ता विश्वविद्यालय के उपकुलपति का एक पत्र पाकर पं. मदन मोहन मालवीय असमंजस में पड़ गए। वे बुदबुदाए “अजीब प्रस्ताव…


क्रिसमस के दिन मनुस्मृति दहन के जरिए आखिर बाबा साहब आंबेडकर क्या कहना चाहते थे?

25 दिसंबर को महामना मदन मोहन मालवीय, अटल बिहारी वाजपेयीज के जन्मदिन और क्रिसमस के अलावा एक और दिवस मनाया जाता है, क्या…


जानिए किस तरह इंडियन एक्सप्रेस के संपादक ने इंदिरा गांधी के प्रेम संबंधों पर पर्दा डालने के लिए निभाई थी दलाल की भूमिका!

आप सभी को याद होगा कि हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस के संपादक राजकमल झा ने गोयनका पुरस्कार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर…


क्या जदुनाथ सिन्हा की थीसिस को अपने नाम से छपवाया था डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने ?

महेंद्र यादव । भारत के राष्ट्रपति पद तक पहुंचे राधाकृष्णन की सारी प्रसिद्धि उनकी पुस्तक इंडियन फिलॉसॉफी के कारण है। आपको यह जानकारी…



गौ-रक्षा के लिए, संत कबीर ने शादी से भी कर दिया था इंकार !

जनमसाखी भगत कबीर जी की मूल पंजाबी रचयिता : सोढी मनोहरदास मेहरबान रचनाकाल : १६६७ विक्रमी, साखी नं• ४ का अनुवाद राजेन्द्र सिंह(हिन्दी…


जिन्‍हें आप ‘चमार’ जाति से संबोधित करते हैं, दरअसल वह चंवरवंश के वीर क्षत्रिए थे !‬

आज जिन्‍हें आप ‘चमार’ जाति से संबोधित करते हैं, उनके साथ छूआछूत का व्‍यवहार करते हैं, दरअसल वह वीर चंवरवंश के क्षत्रिए हैं।…