एनएसजी! चीन कूटनीति की लड़ाई जीता जरूर है किन्तु भारत अभी हारा कहाँ है?

Posted On: June 25, 2016

पिछले कई दिनों से चली आ रही अटकलों पर चीन की अस्वीकृति ने भारत की एनएसजी में सदस्यता के सफर को विराम दिया है! यहाँ विराम इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि खेल अभी शुरू हुआ है। कूटनीति और विश्वमंच पर स्वयं को साबित करने का ! याद रहे हम युद्ध नहीं हारे केवल कूटनीति के तहत असफल हुए हैं! भारत के एनएसजी में सदस्यता के प्रयास जारी रहेंगे! बस विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता है।

पिछले दो सालों में भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने आपको जिस अंदाज और तेवरों से प्रस्तुत किया है हर दिशा मैं सिर्फ एक ही नाम सुनाई दे रहा है भारत ! क्या अमेरिका क्या इंग्लैण्ड क्या चीन और क्या पाकिस्तान। श्रेय जाता है सिर्फ नरेंद्र मोदी को! प्रत्येक राष्ट्र अपनी बेहतरी के लिए कार्य करता है और उससे श्रेष्ठतम बनाने के लिए प्रयासरत है। चीन ने वही किया जो कोई भी अन्य देश कर सकता है! चीन एशिया का सबसे वर्चस्व वाला देश है! वह कैसे किसी ऐसे मुल्क को अपने परस्पर खड़ा होने दे सकता है, जो कल तक सिर्फ उसकी घुड़की से सिहर जाता था। आज वही देश सरपट भाग कर उससे आगे निकलने को तत्पर है,चीन तो क्या कोई भी राष्ट्र बिलबिलायेगा ही! आखिर लड़ाई वर्चस्व की है ! दबदबे की है!

तेजी से बदलते भारत ने चीन के आर्थिक हिस्से पर प्रहार किया है! पिछले दो वर्षों में भारत की बढ़ती साख से चीन, चिंता में आ गया है! विदेशी निवेश के लिए भारत की भाजपा सरकार ने जो जमीन तैयार की है ! चीन उससे सकपका सा गया लगता है इसलिए वह भारत को प्रत्येक मोर्चे पर विफल करने के लिए वो कार्य करेगा जिससे भारत उसकी प्रतिस्पर्धा में ना आ पाये। मैं यह कह सकता हूँ कि कभी-कभी आपका विरोध भी आपके लिए औषधि का कार्य करता है! चीन का भारत का विरोध कर भारत के लिए टॉनिक का कार्य कर रहा है।

लगातार विरोध की जो रणनीति चीन ने बनाई है उसने चीन को वैश्विक पटल पर छवि ख़राब हुई है! वीटो पावर प्राप्त राष्ट्रों में केवल चीन ही ऐसा देश जो भारत का एनएसजी में सदस्यता का विरोध कर रहा था! होना लाज़िमी भी है, वर्षों से सिंहासन पर आरूढ़ शक्ति को अपने सिंहासन को खो देने का डर होना भी चाहिए ! यह स्वाभाविक प्रक्रिया है! माना आज भारत एन एस जी की सदस्यता प्राप्त नहीं कर पाया और चीन ने राजनीतिक बाज़ी जीत ली किन्तु राजनीति की शतरंज में ऊंट किस करवट बैठेगा किसी को नहीं पता नहीं ?

चीन कूटनीति की लड़ाई आज जीता है किन्तु भारत भी अभी हारा कहाँ है? सवा सौ करोड़ लोगों ने विश्वास की जो मशाल माननीय नरेंद्र मोदी को थमा रखी है बस उसे अपने विश्वास के तेल से जलाए रखने कि जरूरत है ! उन्होंने कहा है ‘मैं देश नहीं झुकने दूंगा’ और सच मानिये वो ऐसा ही कर रहे हैं।

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