Agustawestland घोटाले में कांग्रेस व Augusta Patrakar का हर झूठ हो रहा है बेनकाब! मोदी सरकार की कार्रवाई से फैली है घबराहट!

Posted On: May 2, 2016

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाॅप्टर घोटाले में इटली के उच्च न्यायालय में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके राजनैतिक सलाहकार अहमद पटेल, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता आस्कर फर्नांडिस का नाम सामने आने पर कांग्रेस ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे‘ वाली बेशर्म कहावत को चरितार्थ कर रही है! संसद में एक के बाद दूसरा झूठ बोलने वाले कांग्रेसी सांसद हों या फिर न्यूज चैनलों व अखबरों में बयान जारी करने वाले कांग्रेसी नेता,या फिर स्वयं सोनिया गांधी व अहमद पटेल- सभी खुद को दूध का धुला दिखाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पर यह आरोप लगा रहे हैं कि दो साल से उनकी सरकार है, वह अभी तक जांच क्यों नहीं करा रहे हैं? जबकि सच तो यह है कि अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने से लेकर इसमें पहली गिरफ्तारी तक- सब वर्ष 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद ही शुरु हुआ है!

कांग्रेसी नेता और अगस्ता पत्रकारों के बढ़ते झूठ को देखते हुए 4 मई को रक्षामंत्री स्वयं सारी सच्चाई से राज्यसभा के मार्फत पूरे देश को अवगत कराएंगे। लेकिन उससे पहले सरकार ने 29 अप्रैल को PIB के मार्फत सारी सच्चाई एक प्रेस रिलीज के रूप में मीडिया के लिए जारी की थी, लेकिन अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से 45 करोड़ की रिश्वत खाने वाले प्रेस्टीट्यूट पत्रकारों व संपादकों ने इस पूरी सच्चाई को दबा दिया और कांग्रेस की झूठ में हां-हां कर रहे हैं! ये पत्रकार सोनिया गांधी की सुर में सुर मिलाते हुए भ्रष्टाचार के विरोध में रिपोर्टिंग करने की जगह मोदी सरकार पर तोहमत लगाते रहे कि यदि भ्रष्टाचारियों को पकड़ सको तो पकड़ क्यों नहीं लेते? अब तक क्या कर रहे थे? इनके इन्हीं आचरण के लिए इन दलाली खाने वाले पत्रकारों को अब Augusta Patrakar भी कहा जाने लगा है!

मोदी सरकार बनने के बाद ही देश के अंदर और बाहर Agusta Westland International and Finmeccanica कंपनी व भ्रष्टाचारियों पर सिकंजा कसा जाने लगा था। 3 जुलाई 2014 को मोदी सरकार ने इन दो कंपनियों सहित छह कंपनियों के सभी पूर्व के सौदों को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। सीबीआई ने मोदी सरकार बनने के बाद 2014 में ही जिन छह कंपनियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, उनके नाम हैं- M/S Agusta Westland International Ltd., UK, M/S Finmeccanica, Italy, and its group companies, including subsidiaries and affiliates, M/S IDS, Tunisia, M/S Infotech Design System (IDS), Mauritius, M/S IDS Infotech Ltd, Mohali and M/S Aeromatrix Info Solution Pvt Ltd, Chandigarh.

कांग्रेसी नेता और उनके पाले हुए अगस्ता पत्रकार यह आरोप लगा रहे हैं कि मोदी सरकार ने Make In India के तहत Augusta Westland को 100 Naval Utility Helicopters की प्रदर्शनी व ठेके में अप्रैल 2015 में भाग लेने की छूट दी थी, जो कि सरसर झूठ है! यूपीए सरकार ने ही 2 सितंबर 2011 को अगस्ता को ज्वाइंट वेंचर के लिए मंजूरी दी थी। अगस्ता वेस्टलैंड ने Indian Rotorcraft Ltd का गठन किया था, जो टाटा सन्स और अगस्ता वेस्टलैंड का joint venture था और इसके लिए यूपीए सरकार के समय Foreign Investment Promotion Board ने उसे मंजूरी दी थी!

उस समय अगस्ता से घूस में मिला पैसा यूपीए सरकार के सिर इस तरह चढ़ कर बोल रहा था कि ज्वाइंट वेंचर बनाने के बाद अगस्ता को कंपनी पुनर्गठन के नाम पर सारे नियम-कायदे से छूट दे दिया गया! 7 फरवरी 2012 को हेलीकाॅप्टर निर्माण के नाम पर अगस्ता वेस्टलैंड व टाटा सन्स के ज्वाइंट वेंचर Indian Rotorcraft Ltd को यूपीए सरकार ने इंडस्ट्रीयल लाइसेंस प्रदान कर दिया। ताज्जुब देखिए, जब यह आदेश यूपीए सरकार ने जारी किया, उस समय Indian Rotorcraft Ltd के पास हेलीकाॅप्टर निर्माण का लाइसेंस तक नहीं था!

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अगस्ता के इस ज्वाइंट वेंचर को अप्रैल 2015 में ठेके व प्रदर्शनी में भाग लेने की इजाजत भी पूर्व की यूपीए सरकार ही देकर जा चुकी थी। अगस्ता सहित आठ कंपनियों के टेक्नो-कमर्शियल प्रपोजल को यूपीए सरकार ने ही 4 अगस्त 2012 को मंजूरी दी थी! उल्टा मोदी सरकार ने 13 अक्टूबर 2014 को इसे निरस्त कर दिया था। इसलिए मोदी सरकार पर आरोप लगाना, जानबूझ कर जनता को भ्रमित करने के लिए किया जा रहा है!

कांग्रेसी नेता और अगस्ता पत्रकार जानबूझ कर इन सारे तथ्यों के साथ यह तथ्य भी जनता से छुपा रहे हैं कि CBI and Enforcement Directorate (ED) अभी तक इस मामले में तीन विदेशियों के खिलाफ गिरफ्तारी व प्रत्यर्पण के लिए कार्रवाई कर चुकी है, जिनका नाम हैं- Carlo Gerosa, Mr. Guido Haschke Ralph and Christian Michel James. क्रिश्चियन माइकेल जेम्स के खिलाफ 24 सितंबर 2015 को गैर जमानती वारंट एवं दिसंबर 2015 व जनवरी 2016 में Money Laundering Act and Prevention of Corruption Act के तहत इंटरपोल से रेड काॅर्नर नोटिस जारी कराया जा चुका है। 4 जनवरी 2016 को सीबीआई ने व 29 फरवरी 2016 को ईडी ने यूके सरकार से मिशेल के प्रत्यर्पण की मांग की है।

इतना ही नहीं सीबीआई अभी तक इसमें संलिप्त 100 लोगों को पूछताछ कर चुकी है। सितंबर 2014 से नवंबर 2014 के बीच ही बहुत सारे लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और कईयों की संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा सीबीआई व ईडी ने माॅरिसस, ट्यूनीशिया, इटली, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, सिंगापुर, ब्रिटेन, यूएई, स्वीटजरलैंड की सरकारों को भी जांच में सहयोग के लिए पत्र लिखा जा चुका है।

जिस देश में भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य अभियुक्त एंडरसन को भगाने का आरोप स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर हो और सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद बोफोर्स के मुख्य आरोपी क्वात्रोच्चि के बैंक एकाउंट को खुलवाने का आदेश पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने दिया हो, वहां केवल दो साल में मोदी सरकार द्वारा अगस्ता घोटाले में आरोपी कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने से लेकर इसमें शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी तक इतनी त्वरित गति से हुई है! कांग्रेसी नेताओं और अगस्ता पत्रकारों को यही परेशान कर रहा है!

कांग्रेसी नेता और उनके सहयोगी अगस्ता पत्रकार यदि मोदी सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगा रहे हैं तो तय मानिए, ऐसी मांग करने वाली सारी आवाजें घोटाले में फंसे लोगों की है, जो देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए चिल्ला रहे हैं! वो जानते हैं कि अंग्रेज जमाने की भारतीय दंड संहिता, पुलिस एक्ट व एविडेंस एक्ट में इतनी ताकत नहीं है कि कानून इतनी जल्दी उनका कुछ बिगाड़ पाए! इसलिए जब कांग्रेसी नेता व पत्रकार हमाम में पूरी तरह से नग्न हो चुके हैं तो एक ईमानदार सरकार को भी झूठ बोल कर नंगा-नंगा कह रहे हैं! क्योंकि वो जानते हैं कि इस देश की जनता जब भोपाल गैस त्रासदी, बोफोर्स घोटाले व हसन अली हवालाकांड आदि को भूल चुकी है तो शीघ्र ही अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले की ड्राइविंग फोर्स ‘सिग्नोरा गांधी’ व उसके गिरोह के कुकृत्यों को भी भूल जाएंगी!

Web Title: Corruption in Agusta Westland case-The investigative agencies will stay their course

Keywords: Helicopter Scam| Agustawestland|Augusta patrakar|Sonia Gandhi| Congress| Modi gov| Scam|

Comments

comments



Be the first to comment on "क्या मीडिया को इसलिए आजादी चाहिए कि वह इंडियन एक्सप्रेस की तरह हथियार दलालों के पक्ष में रिपोर्टिंग करे और एनडीटीवी की तरह भारतीय सेना की सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं को लीक करे!"

Leave a comment

Your email address will not be published.

*