इलाहबाद में भाई भतीजावाद के बाद, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी भरे गए जजों के रिश्तेदार!

इसे केवल Nepotism (भाई-भतीजावाद) नहीं कह सकते है! एक दो जजों के रिश्तेदार यदि भरे जाएं तो भाई-भतीजावाद कह सकते हैं, लेकिन यदि बड़े पैमाने पर जजों की सिफरिश या रिश्तेदारी से हाईकोर्ट में भर्ती हो, तो यह साफ-साफ भ्रष्टाचार का मामला है! पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है! हाई कोर्ट भरी पड़ी है सिफ़ारिशो से!

हाईकोर्ट के जजों की सिफारिश से उनके बच्चे व उनके जूनियर से करीब 38 पद भरे गए हैं! जब पंजाब हाई कोर्ट के जज ही अपनी पोस्ट का फायदा उठाकर अपने बच्चों या रिश्तेदारों/जूनियर को गलत तरीके से जजों के पद पर रखेंगे, तो जनता इनके न्याय पर कैसे भरोसा करेगी? कैसे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जजों ने अपने बच्चो, रिश्तेदारों /जूनियर को जज व सीनियर वकील बनवाया है, इसके कुछ उदाहरण निम्न हैं:

1.Justice Kuldeep Singh Retd: जज साहब ने अपने 3 जूनियर को जज बनवाए, जिनके नाम हैं-
JUSTICE R.S.MONGIA
JUSTICE S.S. NIJJAR
JUSTICE M.M. KUMAR

VOTING से उनके दो बेटे- SH. P.S. PATWALIA एवं SH. D.S. PATWALIA सीनियर बनाये गये! लेकिन सवाल उठता है कि वो वोट किन जजों के थे?

2. फिर बारी आई JUSTICE S.S. NIJJAR की जिनके 2 जूनियर एडवोकेट्स- SH. G.S.BAJWA एवं SH. J.S.PURI के नाम सुप्रीम कोर्ट भेजे गए, परंतु वो APPROVE नहीं हुए ।

3 फिर बारी आई जस्टिस M.M.KUMAR जी की जिनका भाई पवन कुमार सीनियर वकील बनाया गया।

4. उसके बाद आई बारीJUSTICE ASHOK BHAN RETD. जी की । जिनके 3 जूनियर वकील थे- SH. AJAY KUMAR MITTAL,
SH. R.K.GARG एवं SH. G.S. SANDHAWALIA. ये तीनों ही जज बनाए गए!

इनके बेटे SHRI AKSHAY BHAN को हाल ही में सीनियर वकील बनाया गया है! इनके लिए वोट जिन जजों ने डाले, उनमें करीब 3 वोट तो घर के थे, जिन जूनियर्स को जज बनाया था, यह उनका वोट था!

5. Sh. AJAY KUMAR MITTAL के बेटे SH. ALOK MITTAL, SH. R.K. GARG की बेटी MS. SUPRIYA GARG, SH.AJAY TEWARI का भतीजा SH. ANIMESH SHARMA- इन
तीनों को JUSTICE अशोक भान के बेटे सीनियर वकील AKSHAY BHAN के साथ लगाया गया है । क्या आने वाले टाइम में यह तीनों भी सीनियर वकील /सरकारी वकील या जज होंगे ?

6. अब बारी है JUSTICE JASBIR SINGH retd. JI की, जिनके 2 जूनियर थे-
Sh. PARAMJIT SINGH जो अब हाई कोर्ट के जस्टिस है और SH. R.K.S BRAR जिनका नाम तो भेजा गया था, पर सुप्रीम कोर्ट ने APPROVE नहीं किया। इनका अपना बेटा SH. NAVJOT SINGH हाई कोर्ट में ही काम करता है जिसमें यह जस्टिस थे!
अभी हाल ही में Sh. SUNIL CHADHA JI को सीनियर बनाया गया है! इनके पास JUSTICE JASBIR SINGH का बेटा जूनियर है । इनका नाम दो बार सुप्रीम कोर्ट भेजा गया पर सुप्रीम कोर्ट ने APPROVE नहीं किया ।

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7. अब बारी है JUSTICE V.K.BALI RETD.की
इनके जूनियर थे Surya Kant जो जस्टिस बने ।
इनका बेटा SH. PUNIT BALI जिसे अभी हाल ही में SENIOR बनाया गया है! इनका जूनियर वकील SH. ANIL KSHETARPAL इन्हें भी हाल ही में सीनियर बनाया गया है!

8. अब बारी है JUSTICE J.V.GUPTA RETD. जी की । इनका अपना बेटा JUSTICE HEMANT GUPTA हाई कोर्ट में रखा गया। SH. HEMANT GUPTA जी का Brother in law SH. RAJESH GARG को अभी सीनियर बनाया गया है!

9. अब बारी है JUSTICE H.S. BRAR RETD. की। इनकी बेटी LISA GILL HIGH COURT में जस्टिस बनी । JUSTICE LISA GILL की बहन MS. ANU PAL. ASSISTANT ADVOCATE GENERAL हैं । SHRI AMAN PAL (Brother in law) HIGH COURT में ही प्रैक्टिस करते हैं । JUSTICE LISA GILL के पति श्री G.S. GILL को भी हाल ही में SENIOR वकीलों में शामिल किया गया है । और तो और इनके कई अन्य रिश्तेदार भी हाई कोर्ट में ही हैं ।

10. अब बारी है retd. JUSTICE J.L GUPTA जी की। इनका बेटा SH. NIDHESH GUPTA भी सीनियर वकील हैं!

11. अब बारी है JUSTICE ANITA CHAUDHARY की। इनके पिता श्री HARBHAGWAN SINGH जी ALREADY सीनियर वकील हैं । इनके भाई श्री ARUN WALIA जिन्हें हाल ही में SENIOR बनाया गया है।

12. अब बारी है जस्टिस R P NAGRATH जी की ।
इनका बेटा श्री MANUJ NAGRATH , D.A.G. HARYANA है । SHRI SANJIV MANRAI से भी इनकी नजदीक है जिसे अभी हाल ही में SENIOR वकील बनाया गया है!

13. अब बारी आती है JUSTICE H.S BEDI की ।
जिनका बेटा श्री JASJIT SINGH BEDI हाल ही में senior advocate बनाया गया है!

14. अब बारी है RETD. JUSTICE UJAGAR SINGH जी की। इनके बेटे SHRI G.S PUNIA को हाल ही में SENIOR वकील बनाया गया है।

15. अब बारी है RETD. JUSTICE A.S ANAND की। इनकी बेटी MS. MUNISHA GANDHI का नाम सुप्रीम कोर्ट भेजा गया था पर APPROVE नही हुआ। इन्हें हाल ही में SENIOR वकीलों में शामिल किया गया है। इनके बैलट पेपर का सारा रिकॉर्ड डिस्ट्रॉय करने का रूल बनाया गया क्यों ? ताकि बाद में कोई अपनी दावेदारी पेश न कर सके! कहीं ऐसा तो नही जजों के रिश्तेदारों को वोट पूरे न मिले हो और डर हों कोई RTI के जरिये record न मांग ले । डिस्ट्रॉय करने का रूल बना दिया ?

जानकारी के लिए बता दूं कि सीनियर वकील बनाने के लिए वोट जज ही डालते हैं! जज एक-दूसरे के बेटों, रिश्तेदारों और जूनियरों के लिए वोट डालकर, आपसी नेटवर्क को मजबूत बनाते हैं!

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नोट: इसमें व्यक्त विचार पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट के वकीलों के नेटवर्क Advocate law group द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। इससे Indiaspeaksdaily का सहमत होना जरूरी नहीं है। ISD इन तथ्यों की पुष्टि का दावा नहीं करता है।

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