Warning: Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /nfs/c12/h04/mnt/223577/domains/indiaspeaksdaily.com/html/wp-content/themes/isd/includes/mh-custom-functions.php:277) in /nfs/c12/h04/mnt/223577/domains/indiaspeaksdaily.com/html/wp-content/plugins/wpfront-notification-bar/classes/class-wpfront-notification-bar.php on line 68
प्रो-पाकिस्तानी एनडीटीवी को आज पाकिस्तान ने ही कर दिया बेइज्जत! - India Speaks Daily: Pressing stories behind the Indian Politics, Legislature, Judiciary, Political ideology, Media, History and society.

प्रो-पाकिस्तानी एनडीटीवी को आज पाकिस्तान ने ही कर दिया बेइज्जत!



ISD Bureau
ISD Bureau

कश्मीर के अलगाववादियों से लेकर पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों तक की एनडीटीवी की रिपोर्टिंग आप देख लीजिए, उसका प्रो-पाकिस्तानी स्टैंड साफ झलक जाएगा। लेकिन आज पाकिस्तान ने ही एनडटीवी के पत्रकार को न्यूयॉर्क में बेइज्जत किया! हालांकि एक भारतीय के नाते मुझे बुरा लग रहा है, लेकिन जब टीवी स्टूडियो में बैठे एनडीटीवी के रवीश कुमार, बरखा दत्त, प्रणव राय, अभियान प्रकाश, निधि राजदान ‘भारत के टुकड़े करने वालों’ व ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ की वकालत करने वालों को हीरो बनाकर पेश रहते हों, आतंकी बुरहान वानी जैसों के लिए मासूम शब्द का इस्तेमाल करते हों तो फिर हम ऐसे प्रो-पाकिस्तानियों के लिए दुखी क्यों हों?

एनडीटीवी वेब के अनुसार,अमेरिका के न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी की मीडिया ब्रीफिंग से पहले एनडीटीवी के पत्रकार को बाहर जाने के लिए कहा गया.

एनडीटीवी के अनुसार, ‘इस इंडियन को निकालो’, ये वे शब्द हैं, जो एनडीटीवी की नम्रता बरार को बाहर करने से पहले कहे गए. न्यूयॉर्क के रूसवेल्ट होटल में पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी संयुक्त राष्ट्र की आम सभा से पहले मीडिया को ब्रीफ करने वाले थे जब यह घटना घटी।

हालांकि एनडीटीवी ने यहां भी कड़ी रिपोर्टिंग की जगह पाकिस्तान को पुचकारने वाली रिपोर्टिंग ही की और इसके लिए सीधे पाकिस्तान को दोष देने की जगह भारत-पाक के बीच उरी आतंकी हमले के बाद हुए तनाव को दोष दिया! एनडीटीवी लिखता है- भारत के जम्मू-कश्मीर के उरी में रविवार को आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल है. इस मीडिया ब्रीफिंग में एक भी भारतीय को शामिल नहीं होने दिया गया यह साफ दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच संबंध किस हद तक खराब होते जा रहे हैं! देखिए, अपमानित होने के बावजूद यह भारत-पाक को एक ही तराजू में तौल कर रिपोर्टिंग का गंदा उदाहरण है!

आपको याद होगा कि जेएनयू में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने वालों को एनडीटीवी और उसके पत्रकार रवीश कुमार व बरखा दत्त किस तरह से ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ के नाम पर सही ठहरा रहे थे! बरखा दत्त देशद्रोह के आरोपी कन्हैया कुमार की जेल से रिहाई से लेकर उसके हॉस्टल तक में साथ-साथ नजर आ रही थी, उसके साथ सेल्फी खिंचवा रही थी, उसके हॉस्टल में कंडोम नहीं मिला, जैसा व्यंग्य कर ठहाके लगा रही थी! रवीश कुमार कन्हैया की गिरफ्तारी को काला इतिहास बताकर चैनल के स्क्रीन को काला कर रुदाली गा रहे थे। एनडीटीवी के मालिक प्रणय राय सोशल मीडिया पर बैन लगाने की मांग ऑन स्क्रीन साक्षात्कार में सूचना प्रसारण मंत्री से कर रहे थे!

अभी कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद बरखा दत्ता ने उसे एक मासूम स्कूल मास्टर का बेटा करार दिया था, जबकि उसका बाप उसे जेहादी शहीद बताते हुए उस पर गर्व करने की बात दोहरा रहा था! बाद में बुरहान के बाद आतंक की कमान संभालने आतंकी के स्कूटर पर भी कथित रूप से बरखा दत्त श्रीनगर में दिखी थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जब हमारे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को औरतों जैसी हरकत करने वाला बताया था तो वही बरखा दत्ता वहां बैठकर हंस रही थी, यह सूचना भी उस समय बाहर आई थी।

कश्मीरी अलगावादियों और आतंकियों के पक्ष में हमेशा रिपोर्टिंग करने वाले एनडीटीवी की बरखा दत्त की रिपोर्टिंग की पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हाफिज सईद ने भी खूब तारीफ की थी। ऐसे में आज पाकिस्तान सरकार द्वारा एनडीटीवी के अपमान पर वह पुरानी कहावत याद आ रही है- जो अपनों का नहीं हुआ, वह तुम्हारा क्या होगा? अपने देश में छोटे-छोटे बच्चों को आतंक की बली चढ़ाने वाला पाकिस्तान एनडीटीवी और उसके पत्रकारों का क्या होगा? खैर, जैसी करनी-वैसी भरनी। हमारे लिए तो एनडीटीवी प्रो-पाकिस्तानी न्यूज चैनल है और हमेशा रहेगा! आज एनडीटीवी के एक पत्रकार को उसके ही वैचारिक देश पाकिस्तान ने अपने मूल इंडियन पासपोर्ट की याद दिलाई है! रवीश, बरखा याद रखना, भारत से तुम लोग हो, भारत तुमसे नहीं है!



राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सपोर्ट करें !

जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है । देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें ! धन्यवाद !
*मात्र Rs. 500/- या अधिक डोनेशन से सपोर्ट करें ! आपके सहयोग के बिना हम इस लड़ाई को जीत नहीं सकते !

About the Author

ISD Bureau
ISD Bureau
ISD is a premier News portal with a difference.