एनडीटीवी की 642 करोड़ रुपए की नई धोखाधड़ी आई सामने, सरकार ने भेजा 525 करोड़ का नोटिस!

प्रो-पाकिस्तानी न्यूज चैनल NDTV के एक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है! पी. चिदंबरम के काले धन को सफेद बनाने के पुराने खेल के अतिरिक्त यह नया धोखा है, जिसके जरिए भारतीय कानून व्यवस्था की आंख में धूल झोंकी गई है। वाया बरमूडा एनडीटीवी ने 642 करोड़ रुपए की हेराफेरी की है, जिस पर आयकर विभाग ने उसे 525 करोड़ रुपए जुर्माने का नोटिस भेजा है। 15 जून 2016 को आईटीडी द्वारा भेजे गए नोटिस का एनडीटीवी ने अभी तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है!

ताजा मामला 2008 से जुड़ा है। तब केंद्र में कांग्रेस संचालित यूपीए सरकार थी और एनडीटीवी की पूरी दखलअंदाजी यूपीए सरकार में थी, इसे हम सबने देखा है! यहां तक कि 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के शपथ से पूर्व ही एनडीटीवी की एक संपादक बरखा दत्त ने ए.राजा को टेलीकाम मंत्री बनने का आश्वासन दे दिया था, जिसकी पुष्टि बरखा-नीरा राडिया टेप से होती है! https://www.pgurus.com/ के मुताबिक 2008 में एनडीटीवी ने धोखाधड़ी के जरिए 642 करोड़ रुपए जुटाए, जो वाया बरमूडा एनडीटीवी के खाते में आया। इस बारे में आईटी विभाग ने जब पूछा तो एनडीटीवी ने कुरियर से भेजे अपने जवाब में कहा कि ‘हमने सपने बेचकर इसे हासिल किया!’ एनडीटीवी ने इसके लिए ‘सोल्ड ए ड्रिम’ शब्द का प्रयोग किया है! इसका अर्थ यह है कि इसने किसी चिट फंड कंपनी की तरह लोगों को सपने बेचकर 642 करोड़ रुपए ठग लिया! https://www.pgurus.com/ नाम वेब सर्वप्रथम इसे प्रकाश में लेकर आयी है।

इनकम टैक्स द्वारा भेजे गए 14 पेज के नोटिस को एनडीटीवी ने तो दबाया ही है, सारी मीडिया ने भी इसे दबा दिया है जबकि सच्चाई यह है कि यह साफ तौर पर एनडीटीवी में विदेशों से आ रहे कालेधन की ओर इशारा करता है। 150 मिलियन यूएस डाॅलर अर्थात करीब 642 करोड़ रुपए की इस धोखाधड़ी में एनडीटीवी प्रमुख प्रणव राय सहित एनडीटीवी के सीईओ विक्रम चंद्रा का नाम भी शामिल है! एनडीटीवी ने यह धन एनबीसी यूनिसर्वसल इंक एंड यूनिवर्सल स्टूडियोज इंटरनेशनल से हासिल किया है। यह पैसा एनडीटीवी नेटवर्क इंटरनेशनल होल्डिंग से होता हुआ भारत पहुंचा, जिसमें कर की पूरी चोरी की गई है। इस धोखाधड़ी को छुपाने के लिए एनडीटीवी ने वित्तीय वर्ष 2009-10 में 64 करोड़ का नुकसान दर्शाया था। आयकर विभाग ने 2010 में ही इस धोखाधड़ी को पकड़ लिया था, लेकिन चूंकि एनडीटीवी पर कांग्रेस की यूपीए सरकार का वरदहस्त था, इसलिए उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।

कालेधन से चलने वाले इसी एनडीटीवी एवं इसके पत्रकार बरखा दत्त, रवीश कुमार आदि कश्मीरी आतंकी बुरहान वानी के खून से देश में ‘लाल क्रांति’ उत्पन्न करने की कोशिश में जुटे हैं!

साभार- मूल लिंक: https://www.pgurus.com/ndtv-claimed-sold-dreams-said-no-sham-transaction-slaps-%E2%82%B9525-cr-fine/#li-comment-1345

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