आतंकवादियों के लिए विलाप करने वाली मीडिया को नहीं दिखता सैनिकों के परिवार का दुःख!

Posted On: July 14, 2016

कश्मीर के मुद्दे पर पूरे देश को बरगलाने वाली पैड मीडिया से मोदी नाराज हुए , लेकिन क्या सिर्फ नाराज होकर इस संशय का हल ढूँढा जा सकता है. मोदी जी आतंकवादी बुरहान वानी को कश्मीरी नेता साबित करने पर तुली भारतीय मीडिया का एक वर्ग जो वर्षों से देश में छदम रूप से स्लीपिंग सेल का काम कर रही है, भारत में भारत के खिलाफ होने वाले हर उस शख्स को शह देता आ रहा है! मीडिया का एक अभिजात्य धड़ा जो खुद को सेक्युलर साबित करना चाहता है चाहे उसके लिए उसे किसी भी हद से गुजरना पड़े.

मोदी जी आपको नाराज होने का हक़ है लेकिन केवल नाराजगी जताने भर से यह तस्वीर बदलने वाली नहीं है, पहले इशरत फिर जेएनयू फिर दादरी उसके बाद श्रीनगर एनएनआईटी, रोहित वेमुला और अब बुरहान वानी, सबके पक्ष में मेंढक की टर्र-टर्राने वाले मीडिया के सुरों में कोई बदलाव नहीं आया. तथाकथित बुद्धिजीवी समूह, अवार्ड वापसी गैंग, सिने स्टार का एक समूह जो इनके सुर में अपना सुर मिला कर गर्दभ गान करते है न उनके रवैय्ये में ही कोई फर्क आया और न आपकी नाराजगी से आने वाला दिख रहा है, मोदी जी इनके सुरों को सुधारने के लिए एक उस्ताद की जरूरत है. कोई कड़वा सा टॉनिक देकर इनके गले और दिमाग साफ़ करवाने की व्यवस्ता तो कीजिये, नहीं तो इनका सुर देश की गति को बिगाड़ सकता है.

आतंकवादियों और देश द्रोहियों के लिए घड़ियाली आंसू बहाकर अपना दुखड़ा रोने वाली मीडिया और बुद्धिजीवी जमात के कानों में शायद देश के लिए शहीद हुए सैनिकों के परिवार वालों की करुण चीत्कार नहीं गूंजती, इन्हें एक आतंकवादी बुरहान वानी की मौत का गम देश पर मिटने वाले हजारों शहीदों से ज्यादा लगता है. संदेह है भारत की मिटटी से जन्मे है ये लोग ? जो अपने देश के खिलाफ उठने वाले मस्तकों की आवाज बने हुए हैं. मोदी जी सीमाओं पर खड़े दुश्मनों से भी ज्यादा खतरनाक मंसूबे पाले ये लोग देश को अंदर से खोखला कर रहे हैं. ये वक़्त गुस्सा होने का नहीं है कुछ कर गुजरने का है.

कश्मीर भारत का मुकुट है और भारत ने सदा इसे मुकुट की ही भांति सहेज कर रखा है, एक बच्चे की तरह पुचकारा है, उसके हर दर्द पर मरहम रखा लेकिन इस मुकुट में अब आतंकवाद नाम के कांटे घुस गए हैं जो बार-बार हमारे सिर और आत्मसम्मान को ठेस पहुँचा रहे है, मोदी जी अब वक़्त आ गया है कि उग आये अथवा जान बूझ कर उगाए गए खरपतवारों को समूल उखाड़ फैंकने का. विश्व आपके साथ है, भारत की जनता आपके साथ है. मोदी जी आप ही वो उस्ताद बन जाइये न जो देश के बेसुरों को सुर में ला सके. आप पहल कीजिये भारत आपके साथ है.
जय हिन्द जय भारत!

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