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अभी सेना ने ही सरकार को पाकिस्तान पर सीधे हमले से बचने का सुझाव दिया है! - India Speaks Daily: Pressing stories behind the Indian Politics, Legislature, Judiciary, Political ideology, Media, History and society.

अभी सेना ने ही सरकार को पाकिस्तान पर सीधे हमले से बचने का सुझाव दिया है!



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कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बाद देश की जनता में जबरदस्त गुस्सा है! लोग सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म से अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं। सरकार को लोगों के गुस्से का अंदाजा है, यही कारण है कि सरकार ने हमले के बाद हुई बैठक में जब सीधी कार्रवाई के विकल्प पर चर्चा छेड़ा तो सेना प्रमुख ने इस पर जाड़े तक रुकने की बात कही। सूत्र बताते हैं कि भारतीय सेना अपनी पूरी तैयारियों का आकलन करने के उपरांत ही सीधी लड़ाई में उतना चाहती है, जिस कारण अभी सरकार को रुकने का संकेत दिया है!

सूत्रों के अनुसार, सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में यह सुझाव दिया है कि POK में हमला करने के लिए यह सही वक्त नहीं है। जाड़े की शुरुआत होने वाली है, ऐसे में यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो भारतीय सेना के लिए अभियान चलाना बेहद मुश्किल होगा और हताहत सैनिकों की संख्या भी तब बढ़ सकती है! अच्छा यही है कि अभी घुसपैठ को रोका जाए, LOC के पार हमला किया जाए, अपनी ओर से सीधी लड़ाई की पूरी तैयारी की जाए और जाड़े के मौसम के समाप्त होते ही हमला कर दिया जाए! आतंकवादी कैंप पर हमले के बाद यदि पाकिस्तान ने आक्रमण किया तो ही सीधी कार्रवाई में उतरा जाए! यही कारण है कि सेना की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति व बयान में ‘सही वक्त और सही जगह’ की बात कही गई थी। पाकिस्तान पर सीधी कार्रवाई का यह सही समय मार्च-अप्रैल 2017 हो सकता है! मोदी सरकार के लिए प्राथमिकता फिलहाल सेना के सुझावों को मानना है क्योंकि कठिन पहाड़ी लड़ाई और मैदान में उन्हें ही लड़ने के लिए उतरना है! यही कारण है कि जनता के गुस्से को समझने व उसका सामना करने के बावजूद, मोदी सरकार ने देश हित व सेना प्रमुख की बात को ज्यादा महत्व दिया है।

मोदी सरकार ने सेना के सुझाव को मानते हुए सेना को अपनी तैयारी करने के लिए पूरा वक्त लेने को कहा है! सरकार सेना के सुझाव के अनुरूप सीधी कार्रवाई के लिए जाड़े के समय के गुजरने का इंतजार करेगी। जाड़े में कश्मीर घाटी व पीओके की ढंड में युद्ध के हालात मुश्किल होंगे, जिसके लिए सेना ने जाड़े के समाप्त होने तक का समय मांगा है! वैसे घुसपैठ को रोकने के लिए सेना को खुली छूट सरकार ने पहले ही दे दी है!

साथ ही यह भी इजाजज दे दी गई है कि यदि पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की ज्यादा कोशिश की गई तो एलओसी के पार हमला किया जाए! उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने कल ही घुसपैठ करते हुए पाकिस्तान के 10 आतंकियों को मार गिराने में सफल रही है, जिसके बाद से पाकिस्तान सरकार व आर्मी ने अपने सभी सैनिकों की छुट्टियां रद्द करते हुए उत्तरी सीमा पर अपने विमानों की आवाजाही पर रोक लगा दी है और एयरफोर्स को तैयार रहने को कह दिया है! भारतीय मीडिया व सोशल मीडिया पर लोगांे के गुस्से को देखते हुए पाकिस्तान को उम्मीद है कि भारत अभी हमला कर सकता है, जिसके लिए उसने तैयारी शुरु कर दी है! यदि यही हाल रहा तो देह गलाने वाली ठंड में मार्च-अप्रैल तक खड़े-खड़े पाकिस्तानी सेना का मनोबल भी टूटेगा और यह भारतीय सेना के लिए एक और सकारात्मक संकेत होगा!

इस बीच सरकार पाकिस्तान को आतंकवादी राष्ट्र घोषित कराने, उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने और उसे आर्थिक व कूटनीतिक रूप से घेरने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। अमेरिकी संसद में पाकिस्तान को आतंकवादी राष्ट्र घोषित करने के लिए डेमोक्रेट व रिपब्लिकन, दोनों पार्टियों के सांसद ने विधेयक पेश किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासभा में आतंकवादी हमले की जगह ‘किसी देश द्वारा छद्म युद्ध’ को गलत ठहराने की बात सीधे-सीधे पाकिस्तान को संकेत है कि वह भारत पर युद्ध थोपने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, श्रीलंका, जापान, दक्षिण कोरिया, मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमिरात, बंगलादेश, बहरीन, कतर और अफगानिस्तान ने साफ-साफ उरी हमले पर भारत के साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता दिखाई है। पाकिस्तान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने, उससे विशेष देश का दर्जा छीनने और अमेरिका से उसे मिल रहे ऋण की रकम रोकने की दिशा में भी कदम बढ़ाया जा चुका है।

जानकार बताते हैं कि मोदी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की नीति रंग लाने लगी है। इसके बाद अफगानिस्तान की सहायता से पाकिस्तान के बलुचिस्तान व सिंध में भारत मोर्चा खोलने को तैयार है, जिससे पाकिस्तान एक और विभाजन के कगार पर खड़ा नजर आएगा। भारत सरकार बलुचिस्तान के नेताओं को शरणार्थी का दर्जा देकर उसकी निर्वासित सरकार को भी भारत से चलाने की मान्यता प्रदान कर सकती है, जैसा कि तिब्बत की निर्वासित सरकार दलाई लामा के नेतृत्व में भारत के धर्मशाला से चल रही है! बलुचिस्तान की इस सरकार को दुनिया के अन्य देशों से भी मान्यता दिलाने के लिए भारत सरकार प्रयास कर सकती है। कहने का तात्पर्य यह कि अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक कूटनीतिक रूप से और मार्च-अप्रैल 2017 से पाकिस्तान से सीधे तौर निपटने की योजना पर भारत सरकार ने काम शुरु कर दिया है!

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