एक सुन्नी मुसलमान ने छह वर्ष के बच्चे का गला इसलिए रेत दिया, क्योंकि वह शिया था!

सऊदी अरब के मुसलमानों में कट्टरता और क्रूरता इस कदर हावी हो गई है कि शिया के खिलाफ सुन्नी हैवानियत पर उतर आए हैं। सऊदी अरब में दिनदहाड़े एक सुन्नी ड्राइवर ने छह साल के मासूम बच्चे का गला शीशे के एक टुकड़े से इसलिए रेत दिया क्योंकि वह सुन्नी समुदाय का था। उस हैवान ने मां की गोद से उस मासूम बच्चे को छीन कर न केवल उसकी गर्दन रेत दी बल्कि शीसे के टुकड़े से ही उसके शरीर को गोद डाला। मालूम हो कि उस बच्चे की हत्या करने से पहले उसने उसकी मां से पूछा था मदीना में मोहम्मद प्रोफेट की मसजिद जाने के बाद भी आप शिया हैं ? महिला ने हां में जवाब दिया। महिला के इतना कहने के बाद ही उस दरिंदे ने बच्चे को उसकी गोदी से छीनकर मां के सामने में उसकी क्रूरता और बर्बरता पूर्वक हत्या कर दी।

इस संदर्भ में इमाम मोहम्म तवाहिदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि इसलामिक अतिवादी टैक्सी ड्राइवर ने एक छह साल के मासूम की उसकी मां के सामने निर्दयता पूर्वक इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह सही मुसलमान नहीं था। यहां गौर करने वाली बात यह है कि मुसलमान में जो लोग सुन्नी हैं वे शिया को सही मुसलमान नहीं मानते हैं।

उनके निकट परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक छह साल के बच्चे का नाम जकारिया अल जबर था। वह नन्हा सा बालक अपनी मां के साथ प्रोफेट मोहम्मद के पवित्र स्थल को देखने मदीना जा रहा था। शिया राइट वाच से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक उन अज्ञात टैक्सी ड्राइवर ने उसकी मां से पूछा कि जब आप मोहम्मद प्रोफेट की मसजिद गई उसके बाद भी आप शिया थीं। जैसे ही उसकी मां ने हां में जवाब दिया उस हैवान ने गोद से उसके छह साल के बच्चे को छीन लिया और टूटे शीशे के टुकड़े से उस पर हमला कर दिया। वह महिला अपने नन्हीं सी जान को बचाने का भरसकर प्रयास किया लेकिन हैवान ने नहीं माना और शीशे के टुकड़े से मां के सामने उस बच्चे की पीछे से गला रेतकर हत्या कर दी। मां चिल्लाती और बिलखती रह गई।

यह महज सऊदी अरब की घटना नहीं है, मुसलमानों में कट्टरता और बर्बरता काफी बढ़ी है। आज तो यह हृदय विदारक घटना का गवाह सऊदी अरब बना है, लेकिन जिस प्रकार से दुनिया में इस कट्टर समुदाय की आबादी बढ़ रही है एक दिन दूसरे समुदाय के हर व्यक्ति का यही हाल करने वाला है। क्योंकि जब वह अपने ही समुदाय में सही और गलत मुसलमान में फर्क कर एक मासूम बच्चे का यह हाल कर सकता है तो दुसरे समुदाय के बारे में तो आप महज अंदाजा ही लगा सकते हैं।

दुनिया में मुसलमानों की आबादी काफी तिव्र गति से बढ़ रही है। जहां कई समुदायों की आबादी या तो घट रही है या फिर मामूली वृद्धि दर्ज हुई है वहीं मुसलमानों में वैश्विक स्तर पर 10 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है।

दुनिया की आबादी में जहां 1910 में क्रिश्चियन की सहभागिता 34.5 प्रतिशत थी वहीं 2010 में यह घटकर 32.8 प्रतिशत रह गई है। कहने का मतलब है कि क्रश्चियन समुदाय की जनसंख्या कम हुई है। वहीं जहां विश्व जनसंख्या में इस्लाम मतावलंवियों की आबादी 12.6 प्रतिशत थी वही 2010 में बढ़कर यह आंकडा़ 22.05 प्रतिशत पर पहुंच गया है। कहने का मतलब है कि इसलाम मतावलंबियों की जनसंख्या में करीब 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। जबकि विश्व की जनसंख्या में हिंदूओं की हिस्सेदारी 1910 में 12.7 से बढ़कर 2010 में 13.8 प्रतिशत हो गई। कहने का मतलब सौ साल में हिंदुओं की आबादी में एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार बुद्धिज्म में भी दुनिया की हिस्सेदारी के मुताबिक 1910 में 7.9 प्रतिशत से बढ़कर 8 प्रतिशत हो गई है।

जिस तेजी से दुनिया में इसलाम मतावलंबियों की जनसंख्या बढ़ रही है उससे पूरी दुनिया की डेमोग्राफी बदल रही है। अगर ऐसा ही रहा तो हर मुल्क में इस प्रकार की कट्टरता और क्रूरता देखी जाएगी। क्योंकि ये लोग अपने मजहब के अलावा किसी दूसरे मजहब को मानते ही नहीं यहां तक कि अपने ही समुदाय में भेद करते हैं। मुसलमानों में सुन्नी वाले शिया के अस्तित्व को ही खत्म कर देना चाहते हैं, तो फिर किसी दूसरे समुदाय या मजहब को कैसे बख्स देंगे।

URL : 6 year Zakaria has been beheaded by barbaric before his mother!

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