अवैध तरीके से बैंकों में पहुंचा तिरुपति बालाजी मंदिर का 5 हजार करोड़! आंध्रप्रदेश की सरकार ने श्रद्धालुओं से किया छल!

अवैध तरीके से बैंकों में पहुंचा तिरुपति बालाजी मंदिर का धन! आंध्रप्रदेश की सरकार ने श्रद्धालुओं से किया छल! प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर मंदिर के पैसे अपने चहेते बैंकों में जमा करने का आरोप लगा है। आरोप है कि मुख्यमंत्री ने बिना किसी टेंडर निकाले ही आंध्रा बैंक को मंदिर के 4000 करोड़ रुपये दे दिए और इंडसलैंड बैंक को एक हजार करोड़ रुपये फिक्स डिपोजिट करने के लिए दिए। जबकि विजया बैंक ने सरकार को बेहतर ब्याज देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन सरकार ने टेंडर करने की जगह अपने पसंदीदा बैंकों के बीच मंदिर के धन की बंदरबांट कर दी।

मुख्य बिंदु

* बिना टेंडर निकाले ही चंद्रबाबू की सरकार ने मंदिर के पांच हजार करोड़ रुपये दो बैंको को दे दिए
* बेहतर ब्याज देने के प्रस्ताव के बावजूद विजया बैंक को नहीं देकर दूसरे बैंकों में जमा हुई रकम
* वस्त्र सेवा वाली पवित्र पूजा के लिए टिकट की कीमत 100 रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है

इतना ही नहीं, इस मंदिर में वस्त्र सेवा के नाम से एक पवित्र पूजा की परंपरा है। इसके लिए टिकट की व्यवस्था है। सालों से इस पूजा के लिए टिकट की कीमत मजह 100 रुपये रखी गई है। जबकि लेकिन आज इस टिकट की कीमत बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। इतना ही नहीं आरोप है कि मंदिर बोर्ड टीटीडी के आदमी उसे ब्लैक में 20 लाख रुपये तक में बेच रहे हैं। स्पष्ट है कि सीधे तरीके से किसी को वस्त्र सेवा के लिए टिकट दी ही नहीं जाती।

इससे स्पष्ट है कि मंदिर में दान के रूप में आए पैसों का का उपयोग मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उनकी सरकार अपना राजनीतिक हित साधने में खर्च करते हैं। दान का पैसा जहां मंदिर के विकास से लेकर उसके उद्देश्य और लक्ष्य के अनुरूप खर्च होना चाहिए, वहीं नायडू अपने राजनीतिक के लिए अवैध तरीके से खर्च कर रहे हैं। आरोप है कि वह अपनी सरकारी योजनाओं के लिए मंदिर के धन का उपयोग कर रहे हैं, जो गलत है।

भाजपा से अलग होने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने स्वयं कहा है कि वे प्रदेश में कई मदरसे और मसजिद बनवाएं हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनसे ज्यादा मुसलिमों के विकास के लिए कोई और काम किया ही नहीं है। मुख्यमंत्री नायडू प्रदेश को पर्याप्त फंड नहीं देने के कारण केंद्र सरकार से अलग हो गए, दूसरी ओर प्रदेश भर में मसजिद और मदरसे बनाने का बखान कर रहे हैं। अब सवाल उठता है कि कहीं चंद्रबाबू नायडू मंदिर के फंड से मदरसे और मसजिद तो नहीं बना रहे? क्योंकि अगर सरकार के पास पैसे हैं नहीं तो मदरसे और मसजिद बनाने के पैसे आए कहां से? कहीं मंदिर में दान देने वाले दानदाओं के पैसे का दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा? प्रदेश सरकार खासकर प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से ये सवाल अवश्य पूछा जाना चाहिए?

तिरुपति मंदिर में हुए भ्रष्टाचार का मामला अब राजनीतिक मामला भी बन गया है। इस मामले में आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जगनमोहन रेड्डी ने कहा है कि इतने बड़े भ्रष्टाचार के खुलासे से अब तो यह सबके सामने आ गया है कि वर्तमान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पैसे और सत्ता का कितना भूखा है। उन्होंने मंदिर के मुख्य पुजारी रमण दीक्षितुलू को जबरदस्ती हटाने की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अनुवांशिक सेवाकुलू को यह अधिकार है कि क्षमता के अनुकूल वे जीवन भर भगवान की सेवा करे। चूंकि मुख्य पुजारी सरकार के नियमित कर्मचारी नहीं होते हैं इसलिए उनकी सेवानिवृत्त होने की बात ही नहीं है। उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है, इतिहास में इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था।

वहीं तिरुपति बालाजी मंदिर के कूप्रबंधन और आर्थिक भ्रष्टाचार के मामले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रहमण्यम स्वामी एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने वाले हैं। उन्होंने पहले ही राज्य सरकार को मंदिर के मामले से दूर रहने की हिदायत दे रखी है। लगता है कि तिरुपति मंदिर के भ्रष्टाचार का मामला चंद्रबाबू नायडू को अगले चुनाव में ले डूबेगा।

URL: andhra pradesh chief minister chandrababu naidu government was given 5000 crores temple fund without issuing tenders

Keywords: Chandrababu naidu gov was given temple fund without issuing tenders, tirupati temple, Tirupati Controversy, tirupati Vastra Seva pooja, andhra pradesh, chandrababu naidu, chandrababu naidu bank connection, tirupati temple, Chandrababu Naidu accused, ttd, Raman Dekshithulu, tirupati devasthanam, आंध्रप्रदेश, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, तिरुपति मंदिर, जगनमोहन रेड्डी

आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध और श्रम का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

 
* Subscription payments are only supported on Mastercard and Visa Credit Cards.

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078
ISD Bureau

ISD Bureau

ISD is a premier News portal with a difference.

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर