मालेगांव ब्लास्ट: कर्नल पुरोहित को फंसाने के लिए कांग्रेस सरकार के निर्देश पर मुंबई ATS ने रखा था RDX !

मुंबई ATS में कार्यरत एक निलंबित कर्मचारी महबूब अब्दुल करीम मुजावर ने Republic tv को दिए एक इंटरव्यू में एटीएस तथ तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के खिलाफ एक सनसनीखेज खुलासा किया है। मालेगांव ब्लास्ट को लेकर मुजावर ने दावा किया है कि इस ब्लास्ट की साजिश कांग्रेस सरकार के निर्देश पर एटीएस ने रची थी। अब्दुल करीम मुजावर ने यह तक कहा कि उन्होंने ही ब्लास्ट के लिए आरडीएक्स उपलब्ध कराया था। लेकिन बाद में कर्नल पुरोहित को फंसाने के लिए उनके घर से RDX की बरामदगी दिखा दी। इतना बड़ा सनसनीखेज खुलासा करने वाले मुंबई एटीएस के सदस्य महबूब अब्दुल मुजावर अभी नौकरी से निलंबित हैं।

मुख्य बिंदु

* एटीएस में काम करने वाले एक कर्मचारी ने किया यह दावा
* कर्नल पुरोहित को फंसाने के लिए उनके घर से बरामद किया आरडीएक्स
* कांग्रेसी नेता और एटीएस अधिकारी के दबाव में साधी थी चुप्पी
* सबूत के तौर पर दस्तावेज और तस्वीरे जज के सामने रखने की बात कही

मालेगांव धमाके के मामले में अभी तक का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए मुंबई ATS से निलंबित कर्मचारी महबूब अब्दुल करीम मुजावर ने दावा किया है कि मालेगांव ब्लास्ट में कर्नल पुरोहित को फंसाया गया है। उनपर आरोप लगाया था कि पुरोहित ने मालेगांव में विस्फोट करने वालों को आरडीएक्स पहुंचाया था। जबकि सच्चाई यह है कि धमाका करने वालों को यूपीए सरकार के निर्देश पर एटीएस ने ही आरडीएक्स पहुंचाया था।

उन्होंने कहा कि मालेगांव विस्फोट में आरडीएक्स को प्लांट किया गया था। यह काम किसी और ने नहीं बल्कि तत्कालीन UPA सरकार के निर्देश पर एटीएस ने खुद किया था। इस मामले में जब रिपब्लिक टीवी के पत्रकार ने जानना चाहा कि आखिर वह कौन सा अधिकारी था जिसने आरडीएक्स प्लांट किया था? तो महबूब अब्दुल करीम मुजावर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह कोई एटीएस अधिकारी या फिर तत्कालीन सरकार हो सकती है।

मालूम हो कि साल 2008 में जब यह धमाका हुआ था उस समय केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार थी और महाराष्ट्र में भी कांग्रेस नेतृत्व वाली ही सरकार थी। महबूब अब्दुल करीम मुजावर ने कहा कि उस समय किसी के पास इतनी मात्रा में आरडीएक्स होना कोई सामान्य बात नहीं थी। जब तक सिस्टम के अंदर का कोई शख्श या फिर पूरा सिस्टम आपके साथ न हो। महबूब का कहना है कि आरडीएक्स बाहर से आया था। कोई इसे बाहर से लाया था। इसमें से कुछ आरडीएक्स की बरामदगी दिखाई और कुछ को छोड़ दिया।

जब महबूब अब्दुल करीम मुजावर से पूछा कि क्या आप भी आरडीएक्स प्लांट करने में शामिल थे? तो उन्होंने कहा कि उन्हें उस टीम का हिस्सा ही नहीं बनाया गया, उन्हें तो कवरिंग पार्टी का हिस्सा बनाया था। इसलिए उन्होंने सारा कुछ अपनी आंखों से देखा। इसलिए वे प्रत्यक्षदर्शी हैं। मुजाविर ने कहा कि अपनी बातों को साबित करने के लिए उनके पास दस्तावेज और तस्वीरों के रूप में पर्याप्त सबूत भी हैं। साक्ष्यों को वो कोर्ट में ही पेश करेंगे।

मुजावर से जब पत्रकार ने पूछा कि आखिर इतना बड़ा सनसनीखेज खुलासा सबूत के साथ पहले क्यों नहीं किया? इस पर मुजावर ने कहा कि इस मामले में नाम बाहर आने से डरने वाले लोग और नेताओं ने उन्हें दबा रखा था। वे आज भी हमें लड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन लोगों में वे नेता भी शामिल हैं,जिनका 2008 में केंद्र के साथ-साथ महाराष्ट्र से भी ताल्लुक था। पिछले शुक्रवार को ही लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहत को सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक राहत देते हुए द्वेषभाव से लगे आरोपों पर कार्रवाई खत्म करने के मामले को उठाने की स्वतंत्रता दी है।

URL: ats had placed rdx in malegaon blast on congress instructions

Keywords: malegaon blast case, karnal purohit, mehboob abdul karim mujawar, congress, RDX, sadhvi pragya, col purohit, ats planted rdx, मालेगांव ब्लास्ट, अब्दुल करीम मुजावर, आरडीएक्स

आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध और श्रम का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

 
* Subscription payments are only supported on Mastercard and Visa Credit Cards.

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078
ISD Bureau

ISD Bureau

ISD is a premier News portal with a difference.

You may also like...

Write a Comment