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Author: Dr. Mahender Thakur

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सन 1872 से आज तक जबलपुर का दुर्गोत्सव

प्रशांत पोळ जबलपुर का दुर्गोत्सव यह अपने आप मे अनुठा हैं. पूरे देश मे रामलीला, दुर्गोत्सव और दशहरा जुलूस का अद्भुत और भव्य संगम शायद अकेले जबलपुर मे होता हैं. भारत मे १८५७ का...

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ए नेवर एंडिंग कॉन्फ्लिक्ट: एपिसोड्स फ्रॉम इंडिक रेसिस्टेन्स

पुस्तक का नाम: ए नेवर एंडिंग कॉन्फ्लिक्ट: एपिसोड्स फ्रॉम इंडिक रेसिस्टेन्सलेखक: अमित अग्रवालप्रकाशक: गरुड़ प्रकाशनपृष्ठ: 428मूल्य: 599 (प्रिंट) ट्वीट की गति से चलने वाले इस युग में पिछले कुछ वर्षों से इतिहास लेखन के...

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: क्या, क्यों, कैसे?

पुस्तक का नाम: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: क्या, क्यों, कैसे? लेखक: विजय कुमार प्रकाशक: प्रभात प्रकाशनपृष्ठ: 184मूल्य: 250 (प्रिंट) भारत देश की एक विडंबना है कि यहाँ भारत विरोधी चीजें बहुत तीव्र गति से फैलती...

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अमर बलिदानी राजा शंकर शाह कुँवर रघुनाथ शाह

चन्द्रशेखर पटेल, जबलपुर पूजे न शहीद गए तो फिर, यह पंथ कौन अपनाएगा? तोपों के मुँह से कौन अकड़ अपनी छातियाँ अड़ाएगा? चूमेगा फन्दे कौन, गोलियाँ कौन वक्ष पर खाएगा? अपने हाथों अपने मस्तक...

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क्या राष्ट्रभाषा हिन्दी के बिना भारत विश्वगुरु या वैश्विक महाशक्ति बन पाएगा?

प्रतिवर्ष 14 सितम्बर हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। तीव्र गति से चलने वाले सोशल मीडिया के इस युग को धन्यवाद कि अब हर घटनाक्रम सार्वजनिक हो जाता है। भाषा अथवा मातृभाषा...

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गौमाता को होने वाले ‘लम्पी रोग’ के उपचार और बचाव हेतू उपाय

सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार सागर कुमार का एक ट्वीट देखा, जिसमें राजस्थान में लम्पी रोग से मरी हुई गायों के ढेर देखे। ऐसी गायें देखी जिनको कीड़े पड़े हुए हैं। हृदय व्याकुल, मन व्यथित...

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भारतीय इतिहास पुनर्लेखन का आन्दोलन खड़ा करने वाले इतिहास पुरुष ‘हमारे ठाकुर रामसिंह जी’

यह आलेख एक ऐसे इतिहासपुरुष के बारे में लिख रहा हूँ, जिनके बारे में युवा वर्ग कदाचित ही जानता होगा भले ही उनके नाम पर विकिपीडिया पेज बना हुआ है। यह लेख समर्पित है...

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जिहाद, मतांतरण और झारखंड: भाग-4

डॉ शैलेन्द्र कुमार के गहन शोध पर आधारित जिहाद, मतांतरण और झारखंड श्रृंखला का यह चौथा और अंतिम भाग है। पिछले तीनों भाग इस लिंक से पढ़े जा सकते हैं। भाग-3 से क्रमशः केशरी नाथ सहाय...

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जिहाद, मतांतरण और झारखंड: भाग-3

जिहाद, मतांतरण और झारखंड श्रृंखला का यह तीसरा भाग है। पिछले दोनों भाग इस लिंक से पढ़े जा सकते हैं। भाग-2 से क्रमशः सारिणी 5 : सभी संप्रदायों और ईसाइयों की वृद्धि दर  ...

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‘रिक्लेमिंग हिन्दू टेम्पल्स: एपिसोड्स फ्रॉम एन ओप्प्रेसिव एरा’ पुस्तक इस्लामिक आक्रांताओं के ‘काले युग’ का काला चिट्ठा है।

पुस्तक का नाम : ‘रिक्लेमिंग हिन्दू टेम्पल्स: एपिसोड्स फ्रॉम एन ओप्प्रेसिव एरा’ लेखक: डॉ चांदनी सेनगुप्ता भाषा : अंग्रेजी प्रकाशक: गरुड़ प्रकाशन पृष्ठ: 227 मूल्य : 299 (प्रिंट) क्या आपने ‘रिक्लेमिंग हिन्दू टेम्पल्स: एपिसोड्स...

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‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ विशेष: क्या देश इस बात को नकार सकता है कि आज भारत में हजारों विभाजनकारी जिन्ना पैदा हो चुके हैं?”

14 अगस्त 2022, ‘विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस’ और कुछ लोग 14 अगस्त को ‘अखंड भारत दिवस’ के रूप में भी मनाएंगे। 14 अगस्त 2022 की सुबह हिंदी समाचार पत्र ‘अमर उजाला’ के ऑनलाइन...

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विभाजन की चुभन भाग-4

विभाजन की चुभन श्रंखला का यह चौथा और अंतिम भाग है। पाठक पिछले 3 भाग इस लिंक से पढ़ सकते हैं। खंडित भारत को पुनः अखंड बनाएंगे.. 15 अगस्त 1947. खंडित भारत का स्वतंत्रता...

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जिहाद, मतांतरण और झारखंड: भाग-2

सुप्रसिद्ध लेखक डॉ. शैलेन्द्र कुमार के गहन शोध पर आधारित जिहाद, मतांतरण और झारखंड श्रृंखला का यह दूसरा भाग है। प्रथम भाग पाठक इस लिंक से पढ़ सकते हैं। भाग 1 से आगे……. सारिणी...

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विभाजन की चुभन-भाग 3

विभाजन की चुभन श्रंखला का यह तीसरा भाग है। पाठक पिछले 2 भाग इस लिंक से पढ़ सकते हैं। … और कांग्रेस ने विभाजन स्वीकारा ! प्रशांत पोळ अपने देश में चालीस का दशक...

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जिहाद, मतांतरण और झारखंड: भाग-1

यह लेख सुप्रसिद्ध लेखक डॉ. शैलेन्द्र कुमार के गहन शोध पर आधारित है। जिहाद, मतांतरण और झारखंड लेख श्रृंखला का प्रथम भाग है। आगे और भाग आएंगे। डॉ. शैलेन्द्र कुमार झारखंड लंबे समय से...

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विभाजन की चुभन-भाग 2

प्रशांत पोळ यह विभाजन की चुभन लेख श्रृंखला का भाग 2 है। पाठक इस श्रृंखला का भाग-1 यहाँ पढ़ सकते हैं। ‘डायरेक्ट एक्शन’ का डर…! हमारे देश में जब 1857 का स्वातंत्र्य युध्द समाप्त...

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15 अगस्त के दिन हिन्दू समाज के जागरण हेतू वर्ष 2020 में ‘श्राद्ध संकल्प दिवस’ की शुरुआत करना मीनाक्षी शरण का भगीरथी प्रयास

10 अगस्त 2022, समय दोपहर 3 बजे। इंडिया स्पीक्स डेली पर संदीप देव जी के साथ मीनाक्षी शरण जी का संवाद देखा। विषय था ‘भारत विभाजन, हिंदुओं की अतृप्त आत्मा और अधूरी स्वतंत्रता!‘ इस...

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विभाजन की चुभन-भाग 1: प्रशांत पोळ

यह लेख सुप्रसिद्ध लेखक श्रीमान प्रशांत पोळ जी की अनुमति से प्रकाशित किया गया है। विभाजन टल सकता था..! ‘और 15 अगस्त 1947 को हमारा देश बट गया..!’ इस वाक्य के साथ कहानी का...

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वन्दे मातरम् को राष्ट्र गान होने का सम्मान क्यों नही मिला?

भारत ने अगस्त 15, 1947 को अंग्रेज़ी राज से स्वतंत्रता पायी और जनवरी 26, 1950 से स्वतंत्र भारत का संविधान लागू हुआ, ये तो सभी जानते हैं। हम में से कितने ये जानते हैं...

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