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Author: Manish Thakur

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जीरो सांसद वाली माया के सामने, मुलायम पुत्र के समर्पण के मायने क्या हैं?

सपा का मतलब है मुलायम सिंह यादव !  मोदी के सामने अपने वजूद को बचाने के लिए  जब उत्तर प्रदेश में बसपा संग सपा ने गठबंधन की घोषणा की तो  मुलायम ने इसका पूरजोर...

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पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक से निढ़ाल विपक्ष! गठबंधन की मारामारी!

देश के सबसे बड़े प्रदेश में सपा और बसपा ने महागठबंधन का समीकरण तैयार कर लिया था। कांग्रेस के लिए उसके दो पारंपरिक लोकसभा सीट, रायबरेली और अमेठी को छोड़कर बांकी के 78 सीटों...

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पीएम मोदी ने गंगा तट पर स्वच्छता कर्मियों की पैर धोकर पूरे विपक्ष को धो दिया !

लोकतंत्र में नेता कुछ भी करें उसके राजनीतिक मायने तो होते ही हैं । भारत के प्रधानमंत्री ने कुंभ के दौरान गंगा तट पर समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े छूआ छूत का...

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मुलायम ‘चोर बोले जोर से’ मुहावरे को खारिज करते हैं! इसीलिए कभी ‘मुल्ला मुलायम’ तो कभी ‘संघी मुलायम’ नजर आते है!

मुलायम ‘चोर बोले जोर से’ मुहावरे को खारिज करते हैं! इसीलिए कभी ‘मुल्ला मुलायम’. कभी ‘संघी मुलायम’ नजर आते है! मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी...

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सामाजिक न्याय के ‘ठकेदारों’ को अदालत ने सिखाया ‘असली न्याय’!

सामाजिक न्याय और गरीबों की हित की लड़ाई के नाम पर सबसे ज्यादा राजनीति बिहार और उत्तर प्रदेश में हुई। इन्हीं दोनों राज्य के नेता जो गरीबों और पिछड़ों के नाम पर, गरीबी और...

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विमर्श बदलने के लिए राजदीप और बरखा ने फैलाया CRPF का झूठ!

क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि राजदीप और बरखा जैसे अंग्रेजी द पत्रकार बीएसएफ को सीआरपीएफ के अंतर को न समझे! पुलवामा आतंकी हमले के बाद कुछ लुटियन पत्रकारों ने यह फरेब फैलाया...

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पुलवामा का संदेश स्पष्ट है! संसद का सत्र बुलाकर धारा 35A और अनुच्छेद 370 को खत्म करने का यही सही वक्त है प्रधानमंत्री जी!

  पुलवामा में सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत से देश भर में आक्रोश है। भारत  हाल में इसका बदला चाहता है। लेकिन सवाल अहम है कि बदला कैसे कब और किस से लेना...

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यदि आप भ्रष्ट और बेईमान है तो मुलायम बनिए !

16वीं लोकसभा के आखिरी सत्र के आखिरी दिन, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव  ने नरेंद्र मोदी सरकार का धन्यवाद ज्ञापन कर सत्ता में उनकी  वापसी की शुभकामनाएं दी, तो बगल में बैठी यूपीए सुप्रीमो...

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यूपी और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत ! विपक्ष के लिए यह मुद्दा क्यों नहीं है?

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में जहरीली शराब पीने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई । किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए बेहद गंभीर मसला है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था...

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भाजपा प्रवक्ता के अहंकार की फोटो जर्नलिस्टों ने की अध्यक्ष अमित शाह की शिकायत! कहा, आपके प्रवक्ता खुद को मोदी-शाह समझने लगे हैं!

बिना खास मेहनत के जब इंसान पर परमात्मा की मेहरबानी हो जाती है और उसकी स्वप्ननिल मनोकामनाएं पूर्ण हो जाए तो अहंकार लाजमी है। लेकिन उसके इस अहंकार से संगठन को जब चोट पहुंचने...

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CBI वाले आलोक वर्मा मामले में मन मुताबिक फैसला न आने पर, फर्जीवाड़ा के सहारे जस्टिस सीकरी की मानहानि पर उतरे Fake News Makers!

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी ने फैसला किया कि आलोक वर्मा सीबीआई निदेशक की गरिमा के लायक नहीं हैं। लिहाजा उन्हें पद से तत्काल हटा दिया गया। वर्मा मामले में इसी कमिटी...

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‘ए क्रूसेड अगेंस्ट करप्शन ऑन दी न्यूट्रल पाथ’ का हुआ विमोचन, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने कहा यह दस्तावेजी किताब है ,रामबहादुर राय ने इसे पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की वकालत की!

    राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने वरिष्ठ पत्रकार मनोहर मनोज द्वारा लिखित पुस्तक ”ए क्रूसेड अगेंस्ट करप्शन ऑन दी न्यूट्रल पाथ” का प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक समारोह में विमोचन किया। इस...

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वो मीलॉड का प्रेस कांफ्रेंस ! वो सुप्रीम अदालत के फैसले से ऊपर प्रवक्ताओं का फैसला !…अब माई लॉड के आदेश को नजरअंदाज करते, जेपीसी के दलीलों के मायने….

    राफेल पर सुप्रीम आदेश के बाद भी घमासान ! कई बार लगता है यही शायद लोकतंत्र की पूंजी है। राहुल गांधी या पूरे विपक्ष को आखिर क्यों मान लेना चाहिए सुप्रीम कोर्ट...

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नए कांग्रेस की इस नई संस्कृति में अराजकता और अनुशासनहीनता, लाचार दिखता आलाकमान को क्या नोटा डरा रहा है?

  सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में जब ईवीएम में नोटा का बटन बनाए जाने का आदेश दिया तो अंदाजा नहीं लगाया गया कि सत्ता की चाबी नोटा के बटन तय करने लगेंगे। नोटा का...

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सुप्रीम कोर्ट का आदेश! बलात्कार मामले में TRP के चक्कर में हिंदु मुस्लिम खेल मेनस्ट्रीम मीडिया को अब भारी पर सकता है!

  पत्रकारिता का मूलभूत सिद्धांत है, संवेदनशील मामले में  पीड़ित और पीड़िता की पहचान छिपाना। पहचान के मायने उसके नाम, जाति,मजहब और स्थान से है। हाल तक प्रिंट और टीवी मीडिया पत्रकारिता के इस...

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विजय माल्या और मिशेल का प्रत्यर्पण रोकने के लिए  सीबीआई का इस्तेमाल कौन करता रहा, जिसने उसकी साख चौपट कर दी गई…!

    हफ्ते भर के अंदर विजय माल्या और क्रिश्चल मिशेल का प्रत्यर्पण रातों रात नहीं हुआ। हजारों करोड़ रुपये के आर्थिक घोटालों में यह भारत के इतिहास में पहला और दुसरा प्रत्यर्पण है।...

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भारत को ही बदनाम करने का दांव चल कर बचना चाहता था देश का सबसे बड़ा फ्रॉड। ब्रिटेन की अदालत ने यहां कानून के राज का हवाला देकर उसकी सलाखें तय कर कईयों की नींद हराम कर दी…

    देश की वो सबसे काबिल जांच एजेंसी, जिसकी साख सुप्रीम कोर्ट में दांव पर लगी है उसी जांच एजेंसी की काबिलियत का असर है कि विजय माल्या जल्द ही भारत की जेल...

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खुलासा…यादव और कुर्मी जैसे ‘नवसवर्ण’,ओबीसी के नाम पर सरकारी नौकरी का 97 प्रतिशत हिस्सा गटक गये! बांकियों को मिला बाबाजी का ठुल्लू!

पिछले ढाई दशक में भारत के नव सवर्णों ने सरकारी नौकरियों में जरुरतमंदो के नाम पर दी गई आरक्षण की रेवड़ी चाट ली। जरुरतमंदो तक उसकी हक पहुंचने ही नहीं दिया जो उसके हकदार...

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पत्रकारिता के मूल सिद्धांत को दरकिनार करने वाले सुप्रीम अदालत को नैतिकता और कानून का पाठ पढ़ा रहे हैं!

    भारत के मुख्य न्यायाधीश को नैतिकता का पाठ इनसे जरुर सिखना चाहिए! कानून क्या है! आईपीसी में अभियुक्त की परिभाषा क्या है! भारत की सुप्रीम अदालत और उसके मुख्य न्यायाधीश को उनसे...

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राहुल गांधी क्या देश से कांग्रेस सल्तनत कीआखिरी कील उखाड़ने के लिए सिद्धू को खालिस्तानी आतंकी संग गलबहिंया करा, पंजाब को आतंकवाद की आग में फिर ढ़केलना चाहते हैं..

जब लगातार देश से कांग्रेस का विकेट गिरता जा रहा था पंजाब के कैप्टन ने कांग्रेस की डूबती नैया थाम लिया। देश को आजादी दिलाने का गुमान पालने वाली कांग्रेस पार्टी के शासन का...

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