All posts by Manish Thakur

भारत को ही बदनाम करने का दांव चल कर बचना चाहता था देश का सबसे बड़ा फ्रॉड। ब्रिटेन की अदालत ने यहां कानून के राज का हवाला देकर उसकी सलाखें तय कर कईयों की नींद हराम कर दी…

    देश की वो सबसे काबिल जांच एजेंसी, जिसकी साख सुप्रीम कोर्ट में दांव पर लगी है उसी जांच एजेंसी की काबिलियत…


खुलासा…यादव और कुर्मी जैसे ‘नवसवर्ण’,ओबीसी के नाम पर सरकारी नौकरी का 97 प्रतिशत हिस्सा गटक गये! बांकियों को मिला बाबाजी का ठुल्लू!

पिछले ढाई दशक में भारत के नव सवर्णों ने सरकारी नौकरियों में जरुरतमंदो के नाम पर दी गई आरक्षण की रेवड़ी चाट ली।…


पत्रकारिता के मूल सिद्धांत को दरकिनार करने वाले सुप्रीम अदालत को नैतिकता और कानून का पाठ पढ़ा रहे हैं!

    भारत के मुख्य न्यायाधीश को नैतिकता का पाठ इनसे जरुर सिखना चाहिए! कानून क्या है! आईपीसी में अभियुक्त की परिभाषा क्या…


राहुल गांधी क्या देश से कांग्रेस सल्तनत कीआखिरी कील उखाड़ने के लिए सिद्धू को खालिस्तानी आतंकी संग गलबहिंया करा, पंजाब को आतंकवाद की आग में फिर ढ़केलना चाहते हैं..

जब लगातार देश से कांग्रेस का विकेट गिरता जा रहा था पंजाब के कैप्टन ने कांग्रेस की डूबती नैया थाम लिया। देश को…


करतारपुर, खालिस्तानी आतंकवादी को भारत में घुसाने के लिए इमरान का लॉंच पैड…

  करतार का मतलब होता है परमात्मा। करतारपुर मतलब भगवान घर। उस भगवान के घर के दर्शन के नाम पर पाकिस्तान ने एक…


रंगा सियार इमरान खान और भारत को गुमराह करने का पाकिस्तानी खेल!

इमरान खां पाकिस्तान के इतिहास में सबसे बड़े स्टार हैं। क्योंकि इमरान के नेतृत्व में पाकिस्तान को विश्वपटल पर बड़ा गौरव मिला है।…


जिनकी अगुआई में 2019 का लोक सभा चुनाव होना है उस पर अभी से हार का ठीकरा फोड़ने की तैयारी शुरु कर दी मोदी विरोधी मीडिया ने…

    चुनाव आयोग ने तय कर दिया है कि देश का 17 वां लोक सभा चुनाव किसके अगुआई में होगा। सुप्रीम कोर्ट…


आप तो न्याय के सर्वोच्च पद पर बैठे हैं मि-लॉर्ड, खुद जज कर बताइए कि इन तस्वीरों की व्याख्या कोई कैसे करे?

जब से नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं मीडिया, देश के इतिहास में पहली बार का जुमला खुब गढ रहा है। रविवार…


राहुल गांधी के सारथी ‘सिंधिया नरेश’ उनसे किस बात का बदला लेना चाह रहे हैं..!

दो दिनो से ज्योतिर्यादित्य सिंधिया के दो वीडियो वायरल हो रहे है। एक वीडियो अभी रविवार को मध्यप्रदेश में चुनावी सभा के दौरान…


‘राममंदिर पर भाजपा का पेंटेट नही’ ! शिव सेना की ‘अयोध्या लीला’ के बाद उमा भारती के इस संदेश के मायने!

    शिवसेना प्रमुख कभी मुंबई के बाहर निकले हों इसका रिकार्ड नहीं। लेकिन जिन पूर्बियों के खिलाफ नफरत पाल कर शिवसेना ने…


पर्दे पर राहुल दलित हितैषी के रुप में प्रकट हो रहें और पर्दे के पीछे उनके सिपहसलार दलितों को गरियाते है!

  पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी जब उत्तर प्रदेश में दलितों के घर जाकर भोजन कर रहे थे तो मायावती ने…


ईवीएम की आड़ में, हार का बहाना तलाशने वाले राजनीतिक दलों को सुप्रीम तमाचा..

    जनता द्वारा लगातार खारिज किए जाने को स्वीकारने के बदले ईवीएम को अपराधी बनाने के गैर भाजपाई पार्टियों के बहाने और…


CBI वाले आलोक वर्मा और फेक न्यूज की फैक्टरी द वायर, क्या जानते हैं फली नरीमन होने के मायने?

    सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार को खून की आंसू रुला देंगें! यह उम्मीद पाले लोगों को सुप्रीम…



झूठा ही सही इंसाफ की आस में जीने के लिए भरोसा तो करना होता कि हमारी सुप्रीम जांच एजेंसी बहुत काबिल है और अदालतें इंसाफ का मंदिर

राजनीतिक मामले में सुप्रीम जांच एजेंसी और अदालतें अपनी काबिलियत से इंसाफ पर हमारे भरोसे को हिलाते- डुलाते रहते हैं…हम भी उंघते हुए…


चंद्रबाबू नायडू सीबीआई के चंगुल में फसे!

चंद्रबाबू नायडू सीबीआई के चंगुल में फसे, माया, मुलायम, ममता, लालू और चौटाला जैसे राजनेताओं को एक जुट होने के लिए भ्रामक संदेश…


गुजरात दंगा मामले में डेढ दशक से भौंकने वाले लोकतंत्र के वॉच डॉग के मुंह पर झन्नाटेदार तमाचा है 84 दंगा मामले में अदालत का ये फैसला!

1984 के सिख विरोधी दंगे में 34 साल बाद पहली दफा किसी अपराधी को दोषी ठहराने के अदालत के फैसले ने भारतीय लोकतंत्र…


दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट से हिंदी को एक उम्मीद मिली है, सुप्रीम अदालत से भी है उम्मीद!

दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने हिंदी में शपथ लेकर यह उम्मीद जगा दी है कि एक दिन दुनिया के…


सड़क छाप बिल्डर पत्रकारिता के शिखर पुरुष बन जाते हैं ! क्या वे प्रणय राय जैसे संपादकों से प्रेरित होते हैं जो अपराध के बाद चौथे स्तंभ का कवच ओढ़ लेते हैं!

डेढ़ साल पहले एक पत्रकार मित्र के साथ एक रिजनल चैनल के मालिक संग मुलाकात के बाद ज्यों ही मैं दफ्तर से बाहर…


छठ महापर्व: लोक आस्था का वह महापर्व जिसने अप्रवासियों को दिलाया परदेश में सम्मान!

छठ को यदि आप पर्व कहेंगें तो बिहारी आपको समझाने लगेंगे ऐसी गलती न कीजिए छठ पर्व नही महापर्व है। बिहार समेत पूरे…