Author: Sandeep Deo

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एक छोटी सी लड़की ने इस्लाम को खतरे में डाल दिया है! अब समाज को कट्टरपंथी मुल्ला-मौलवियों से निजात दिलाने का वक्त आ गया है!

आसाम की एक छोटी लड़की नाहिद आफरीन ने इस्लाम मजहब को खतरे में डाल दिया है! यह कोई अन्य नहीं, बल्कि इस्लाम के ठेकेदार मुल्ला-मौलवी ही कह रहे हैं, जिन्होंने नाहिद के खिलाफ फतवा...

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मीडिया के फर्जीवाड़े के कारण मर रहे हैं जवान, आखिर कब लगेगी मीडिया के झूठ पर रोक?

आप सभी को याद होगा, मैंने बहुत पहले कई लेख लिखा था कि किस तरह से देश, मोदी सरकार, भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए 2014 के बाद बड़े-बड़े लेफ्ट जर्नलिस्ट अपना वेब...

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मीडिया की अंदरूनी लड़ाई सड़क पर उतरी, भाजपा के पक्ष में सर्वे छापते ही दैनिक जागरण के खिलाफ सभी अंग्रेजी व वाम मीडिया ने खोला मोर्चा!

उत्तरप्रदेश के पहले चरण में 73 सीटों पर हुए चुनाव के बाद देश के सबसे बड़े हिंदी अखबार दैनिक जागरण ने मतदाताओं से प्रश्न पूछते हुए उनका मत छाप दिया, जिसके कारण आज चुनाव...

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उप्र चुनाव की रिपोर्टिंग देखिए, लगता है पत्रकारों ने सुपारी ले रखी हो!

उत्तरप्रदेश चुनाव की रिपोर्टिंग देखिए! साफ-साफ पता चलता है कि पत्रकारों ने सुपारी ले रखी है! एनडीटीवी का रवीश कुमार हो, आजतक का पुणय प्रसून वाजपेयी हों, क्विंट का माइक लिए घूम रही बरखा...

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तुम ‘लूट’ कहो तो कोई बात नहीं, हम ‘रेनकोट’ कहें तो मुश्किल हुई!

कांग्रस एक अलोकतांत्रिक पार्टी है, यह तो इसके वंशवादी चरित्र से स्पष्ट ही है, यह आराजक और अहंकारी है- दिनों दिन यह और स्पष्ट होता जा रहा है! जिस तरह से मंगलवार को लोकसभा...

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मि. राजकमल झा, इंडियन एक्सप्रेस कांग्रेस हित में खुल कर कर रहा है बौद्धिक बेईमानी!

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने जो डिक्लासिफाइड डक्यूमेंट जारी किया है। आपने नोट किया कि इंडियन एक्सप्रेस ने केवल कांग्रेस के हित में सेलेक्टिव डक्यूमेंट पर राजीव गांधी को हाइड्रोजन बम की थिंकिंग रखने...

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सोवियत संघ के ढ़हने के 25 साल: गोर्वाच्योब ने सोवियत संघ को तोड़कर ‘स्टालिनवाद’ से आखिर किस बात का लिया था बदला?

26 दिसंबर 1991 को सोवियत संघ टूट कर बिखर गया। दुनिया की एक तिहाई आबादी को तानाशाहीपूर्ण साम्यवादी व्यवस्था के अधीन लाने वाले सोवियत संघ के बिखरने का कारण क्या रहा? परमाणु शक्ति से...

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क्रिसमस के दिन मनुस्मृति दहन के जरिए आखिर बाबा साहब आंबेडकर क्या कहना चाहते थे?

25 दिसंबर को महामना मदन मोहन मालवीय, अटल बिहारी वाजपेयीज के जन्मदिन और क्रिसमस के अलावा एक और दिवस मनाया जाता है, क्या आप जानते हैं कि वो क्या दिन है? आज ‘मनुस्मृति दहन’...

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कहीं पाकिस्तान और चीन के पक्ष में तो नए सेना प्रमुख का विरोध नहीं कर रही कांग्रेस-कम्युनिस्ट पार्टी?

मोदी सरकार ने उप सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत को जब से नए सेना प्रमुख बनाने की घोषणा की है, कांग्रेस और कम्युनिस्ट एक सुर में इसका विरोध कर रहे हैं! इसे केवल विरोधी...

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जो स्वयंभूत नहीं, उसे नष्ट होना ही है! फिर नश्वर के लिए क्यों मातम मनाते हो?

मरना तो एकदिन सबको है। मां के गर्भ में जिस दिन जिंदगी की यात्रा शुरू होती है, उसी दिन से उसकी आखिरी मंजिल भी सुनिश्चित हो जाती है, और वह मंजिल है मृत्यु! मुझे...

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बार-बार लुटियन पत्रकारों का PM नरेंद्र मोदी के प्रति नफरत, इस बात का सबूत है कि वो 21 वीं सदी में भी गांधी परिवार को राजपरिवार और देश को उनकी प्रजा मानते हैं!

अभी हाल ही में राजदीप सरदेसाई ने इंडिया टुडे टीवी के लिए सोनिया गांधी का एक साक्षात्कार लिया। सरकी हुई कमर, चेहरे पर गुलामों-सा भाव, सवालों में हद दर्जे की चापलूसी और जबरदस्ती की...

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दिलीप पडगांवकर की मौत से उनके अहंकारी स्वभाव और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट से उनके संबंध पर पर्दा तो नहीं पड़ता ?

टाइम्स ऑफ इंडिया के पूर्व संपादक दिलीप पडगांवकर की आज मृत्यु हो गई। पत्रकारों का फेसबुक वॉल उन्हें श्रद्धांजलि देने से भरा पड़ा है। वह एक वरिष्ठ पत्रकार थे, उन्हें पत्रकारों की ओर से...

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जानिए किस तरह इंडियन एक्सप्रेस के संपादक ने इंदिरा गांधी के प्रेम संबंधों पर पर्दा डालने के लिए निभाई थी दलाल की भूमिका!

आप सभी को याद होगा कि हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस के संपादक राजकमल झा ने गोयनका पुरस्कार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करने के लिए कहा था कि ‘गोयनका जी ने इंडियन...

गीता में भगवान कृष्‍ण ने अर्जुन से कहा, हे अर्जुन वृक्षों में मैं पीपल हूं! आखिर उन्होंने स्वयं को पीपल ही क्यों कहा, कोई दूसरा वृक्ष क्यों नहीं ?

गीता और उपनिषदों को पढने के दौरान मन को असीम शांति का अनुभव होता है! वर्तमान में जब मैं अपनी ‘भारतीय वामपंथ का काला इतिहास’ पुस्तक लेखन के दौरान थक जाता हूं तो गीता...

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गो हत्‍या को रोकने के लिए तर्क दीजिए न कि हथियार उठाइए!

“गाय सिर्फ़ एक जानवर है, जैसे कि घोड़ा एक जानवर है. तो फिर उसे गोमाता कैसे कहा जा सकता है.?” जस्टिस मार्केंडेय काटजू साहब पूछ रहे हैं। और वह यह भी पूछ रहे हैं-...

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