Watch ISD Videos Now Listen to ISD Radio Now

सोशल मीडिया को ट्रोलर की टोली और बैन करने की मांग करने वाले मुख्यधारा के पत्रकार जब 18 डिग्री के वातानुकूलित स्टूडियो में चैनल की टीआरपी के लिए गला फाड़ रहे थे उसी समय ट्विटर के जरिये सोशल मीडिया का एक पहरेदार 25 मासूम लड़कियों को जिस्मफरोशी के दलदल में जाने से बचाने में लगा था!

सोशल मीडिया का इससे बेहतर सदुपयोग नहीं हो सकता जो आदर्श श्रीवास्तव ने किया है! उन्होंने अपने ट्विटर खाते से पहला ट्वीट किया और 25 मासूम लड़कियों के साथ अमानवीय कृत्य होने से बचा लिया। सोशल मीडिया को ट्रोलर की टोली और बैन करने की मांग करने वाले मुख्यधारा के पत्रकार जब अपने 18 डिग्री के वातानुकूलित स्टूडियो में अपने चैनल की टीआरपी के लिए गला फाड़ रहे थे उसी समय ट्विटर के रूप में सोशल मीडिया एक आम आदमी के हाथों को ताकत दे रहा है ताकि वह 26 मासूम लड़कियों को जिस्मफरोशी के दलदल से बचा सके! अच्छे के साथ बुरे पहलू हमेशा होते हैं तो क्यों न इसके अच्छे पहलू के साथ आगे बढ़ा जाए!

हम सभी सोशल मीडिया नामक के दैत्य से जूझ रहे हैं। इसके मत्थे हम अपनी नाकामियां छिपा रहे हैं। मगर यह तक तकनीक है और इस तकनीक का प्रयोग आपको कैसे करना है यह आप पर निर्भर करता है कल एक बहुत ही छोटी सी खबर थी कि रेल यात्री के एक ट्वीट ने 25 लड़कियों को बचाया। जी हाँ, एक या दो नहीं पूरी पचीस लड़कियों को एक आदमी की जागरूकता ने बचा लिया, जो उसी डिब्बे में सफ़र कर रहा था।

किस्सा यह है कि कोई आदर्श श्रीवास्तव अवध एक्सप्रेस से एस5 में सफर कर रहे थे, उनका शायद ट्विटर पर एकाउंट भी नहीं था। उनके सामने 10 से 14 बरस की 22 से अधिक लडकियां थीं, सभी सहमी हुई और कुछ रो रही थीं। ट्विटर पर शायद उनका एकाउंट नहीं है यह इसलिए कह रही हूँ क्योंकि शायद यही उनका पहला ट्वीट था। उन्होंने फटाफट रेलवे पुलिस और मुख्यमंत्री आदि को टैग करते हुए ट्वीट किया कि कुछ लडकियां मेरे सामने हैं, और बहुत असहज लग रही हैं। उस ट्वीट को रीत्वीट किया गया और प्रशासन हरकत में आया। बनारस के बाद से दो पुलिसकर्मी उस डिब्बे में चढ़े और अंत में उन लड़कियों को बचा लिया गया। पुलिस ने उन दोनों आदमियों को भी पकड़ लिया है जो इन लड़कियों को बेचने जा रहे थे। इन सभी लड़कियों की उम्र केवल 10 से 14 वर्ष के बीच है।

Related Article  चाटुकार समीक्षक मसंद ने केदारनाथ को बॉलीवुड का 'टाइटेनिक' बताया

जरा सोचिये बस चंद पंक्तियों ने उन छबीस लड़कियों की ज़िन्दगी बदल दी। यदि यह जागरूकता नहीं होती और यह तकनीक न होती, तो आज की सुबह ही वे लडकियां न जाने कहाँ बेच दी गयी होंती। तकनीक बुरी नहीं है, उसका प्रयोग आप किस तरह से करते हैं, यह आप पर निर्भर है। अगर आप कुछ सकारात्मक करेंगे, कुछ सीखेंगे तो सोशल मीडिया आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है,, हाँ मगर यहाँ पर भी आप इसकी बुराई, उसकी बुराई, फेक तस्वीरें आदि शेयर करेंगे तो यह इस ब्रह्माण्ड का सबसे बुरा शाप है।

सजग रहें, इस मंच का सदुपयोग करें। और उस व्यक्ति को दुआएं दें जिसने यह भला काम किया। इस मंच को कोसना बंद करें।

URL: avadh express tweet alert rescue 25 minor girls

keywords: indian railways, avadh express, passenger tweet save girls trafficking, twiter, awareness, social media news, भारतीय रेलवे, अवध एक्सप्रेस, यात्री ट्वीट्स, लड़कियों की तस्करी, ट्विटर, जागरूकता, सोशल मीडिया,

Join our Telegram Community to ask questions and get latest news updates
आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध, संसाधन और श्रम (S4) का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Other Amount: USD



Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078

Sonali Misra

Sonali Misra

सोनाली मिश्रा स्वतंत्र अनुवादक एवं कहानीकार हैं। उनका एक कहानी संग्रह डेसडीमोना मरती नहीं काफी चर्चित रहा है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति कलाम पर लिखी गयी पुस्तक द पीपल्स प्रेसिडेंट का हिंदी अनुवाद किया है। साथ ही साथ वे कविताओं के अनुवाद पर भी काम कर रही हैं। सोनाली मिश्रा विभिन्न वेबसाइट्स एवं समाचार पत्रों के लिए स्त्री विषयक समस्याओं पर भी विभिन्न लेख लिखती हैं। आपने आगरा विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में परास्नातक किया है और इस समय इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से कविता के अनुवाद पर शोध कर रही हैं। सोनाली की कहानियाँ दैनिक जागरण, जनसत्ता, कथादेश, परिकथा, निकट आदि पत्रपत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं।

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर