जन अदालत

आप तो न्याय के सर्वोच्च पद पर बैठे हैं मि-लॉर्ड, खुद जज कर बताइए कि इन तस्वीरों की व्याख्या कोई कैसे करे?

जब से नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं मीडिया, देश के इतिहास में पहली बार का जुमला खुब गढ रहा है। रविवार…


दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट से हिंदी को एक उम्मीद मिली है, सुप्रीम अदालत से भी है उम्मीद!

दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने हिंदी में शपथ लेकर यह उम्मीद जगा दी है कि एक दिन दुनिया के…


भारत की न्यायपालिका निष्पक्ष न हो कर बन चुका है एक विपक्षी दल!

मैंने कल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मोदी सरकार के अधिकार क्षेत्र पर अतिक्रमण किये जाने पर लिखा और आक्रोश व्यक्त किया था। वहां आयी…


सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने वरिष्ठ वकील और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय से कहा, अपनी जनहित याचिका को रोकें नहीं तो कर देंगे बैन!

किसी भी कोर्ट में जनहित याचिका दायर करना किसी भी व्यक्ति का न्याय संगत और लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में क्या किसी को…



पटाखे पर आखिरी बैन औरंगजेब ने लगाया था, और आज फिर से हिंदुओं के खिलाफ कई औरंगजेब खड़े हो गये है!

आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जहां देश में पटाखे पर पाबंदी का शोर है, वहीं कोर्ट के दिशानिर्देश के उल्लंघन के नाम…


रेप के आरोपी पादरी को बेल और सबरीमाला के भक्तों को जेल! यह भेदभाव क्यों?

सबरीमाला मंदिर में पूजा करने के लिए गिरफ्तार निरपराध हिंदुओं को बेल देने पर सवाल उठाने वाले केरल कोर्ट को शर्म तक नहीं…


जब कोर्ट दही हांडी की ऊंचाई तय कर सकता है तो फिर मसजिद में महिला प्रवेश पर सुनवाई क्यों नहीं?

जिस प्रकार देश में कोर्ट के फैसले भेदभावूर्ण आने लगे हैं इससे अब पूरी न्यायपालिका पर ही सवालिया निशान लग गया है। लोगों…


अयोध्या के लिए सुप्रीम कोर्ट को समय नहीं लेकिन राफेल में इनको दस दिन में चाहिए जवाब, जनता देख रही है मी लार्ड!

करीब 132 साल से अदालतों में घिसट रहे राममंदिर विवाद को सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायधीश के पास तीन मिनट…


अयोध्या विवाद मामले को लटकाने से सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली पर उठने लगे हैं सवाल!

अयोध्या विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला उसकी खुद की साख पर बट्टा लगा गया है। तभी तो सोशल मीडिया पर…


राम मंदिर के लिए अदालत के पास वक्त नहीं, लेकिन सैंडिल और चप्पल की परिभाषा देने के लिए पूरा वक्त है?

देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सोमवार को दशकों से चले आ रहे अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई तीन मिनट…


आखिर सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेसी साजिश के तहत लटका ही दिया अयोध्या विवाद का मामला!

मोदी जी राम मंदिर पर अध्यादेश लाइए नहीं तो जाइये! देखिये विडियो… सुप्रीम कोर्ट जैसी शीर्ष न्यायिक संस्थान जब तक औपनिवेशिक गुलाम मानसिकता…


ब्यूरोक्रेसी, न्यायपालिका तथा कांग्रेस के कॉकटेल से चिदंबरम के अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ी!

जब भी देश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार द्वारा करारा प्रहार की बात उठती है लोग पूछ बैठते हैं कि आखिर प्रधानमंत्री…





मी- लार्ड ऊपर वाले की लाठी बे-आवाज होती है! देश के 40 प्रतिशत जजों के बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग!

इसमें तो कोई दो राय नहीं कि भारतीय न्यायपालिका में अभिजात वर्ग की बहुलता है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि…



सुप्रीम अदालत में अर्बन नक्सल मानसिकता को पनपने से पहले ही जस्टिस मिश्रा ने उखाड़ दिया!

सुप्रीम कोर्ट ने देश के प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचने वाले अर्बन-नक्सलियों को सलाखों के पीछे भेजे जाने का रास्ता साफ कर…


व्यभिचार कानून- मी लार्ड! ये तो कम्प्लीट दिवालियापन है!

अभिरंजन कुमार। धारा-497 के मौजूदा स्वरूप का मैं भी समर्थन नहीं करता, लेकिन अदालत ने इसे तर्कसंगत बनाने के बजाय इसे ख़त्म करके…