Category: जन अदालत

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Richa Bharti ने अदालत का और अमित शाह ने उजागर किया ओवैसी का पाखंड!

Ranchi की Richa Bharti को मिली कुरान बांटने की सज़ा, ये कैसा सेक्युलरिस्म? ऋचा भारती को ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट मनीष सिंह ने जमानत देते हुए कहा कि उसे सदर अंजुमन इस्लामिया कमिटी को 1 कुरान...

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आप तो न्याय के सर्वोच्च पद पर बैठे हैं मि-लॉर्ड, खुद जज कर बताइए कि इन तस्वीरों की व्याख्या कोई कैसे करे?

जब से नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं मीडिया, देश के इतिहास में पहली बार का जुमला खुब गढ रहा है। रविवार को देश के संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर दुनिया के...

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दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट से हिंदी को एक उम्मीद मिली है, सुप्रीम अदालत से भी है उम्मीद!

दुनिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने हिंदी में शपथ लेकर यह उम्मीद जगा दी है कि एक दिन दुनिया के सबसे बडे लोकतंत्र की सुप्रीम अदालत में भी उसके राजभाषा का...

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भारत की न्यायपालिका निष्पक्ष न हो कर बन चुका है एक विपक्षी दल!

मैंने कल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मोदी सरकार के अधिकार क्षेत्र पर अतिक्रमण किये जाने पर लिखा और आक्रोश व्यक्त किया था। वहां आयी कुछ प्रतिक्रियाओं से ऐसा आभास हुआ जैसे लोग, सर्वोच्च न्यायालय के...

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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने वरिष्ठ वकील और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय से कहा, अपनी जनहित याचिका को रोकें नहीं तो कर देंगे बैन!

किसी भी कोर्ट में जनहित याचिका दायर करना किसी भी व्यक्ति का न्याय संगत और लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में क्या किसी को जनहित याचिका दायर करने से रोकने और प्रतिबंधित करने की धमकी...

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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश गोगोई की सुनवाई के तरीके पर उठा सवाल!

एक बार फिर पूरे देश में अयोध्या विवाद बहस के केंद्र में आ गया है। आम जनों में रोष है कि इस बहस के लिए किसी हद तक सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश रंजन...

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पटाखे पर आखिरी बैन औरंगजेब ने लगाया था, और आज फिर से हिंदुओं के खिलाफ कई औरंगजेब खड़े हो गये है!

आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जहां देश में पटाखे पर पाबंदी का शोर है, वहीं कोर्ट के दिशानिर्देश के उल्लंघन के नाम पर पुलिस प्रशासन हिंदुओं को गिरफ्तार कर रही है। पटाखे पर...

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रेप के आरोपी पादरी को बेल और सबरीमाला के भक्तों को जेल! यह भेदभाव क्यों?

सबरीमाला मंदिर में पूजा करने के लिए गिरफ्तार निरपराध हिंदुओं को बेल देने पर सवाल उठाने वाले केरल कोर्ट को शर्म तक नहीं आती। जबकि उसने खुद रेप के आरोपी पादरी फैंको मुल्लकाल को...

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जब कोर्ट दही हांडी की ऊंचाई तय कर सकता है तो फिर मसजिद में महिला प्रवेश पर सुनवाई क्यों नहीं?

जिस प्रकार देश में कोर्ट के फैसले भेदभावूर्ण आने लगे हैं इससे अब पूरी न्यायपालिका पर ही सवालिया निशान लग गया है। लोगों ने तो अब यह भी सवाल पूछने लगे हैं कि आखिर...

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अयोध्या के लिए सुप्रीम कोर्ट को समय नहीं लेकिन राफेल में इनको दस दिन में चाहिए जवाब, जनता देख रही है मी लार्ड!

करीब 132 साल से अदालतों में घिसट रहे राममंदिर विवाद को सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायधीश के पास तीन मिनट का भी समय नहीं है, लेकिन राफेल डील पर उन्हें सरकार...

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अयोध्या विवाद मामले को लटकाने से सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली पर उठने लगे हैं सवाल!

अयोध्या विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला उसकी खुद की साख पर बट्टा लगा गया है। तभी तो सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट कार्यशैली से लेकर उसके फैसले तथा उन्हें मिलने वाली...

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राम मंदिर के लिए अदालत के पास वक्त नहीं, लेकिन सैंडिल और चप्पल की परिभाषा देने के लिए पूरा वक्त है?

देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सोमवार को दशकों से चले आ रहे अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई तीन मिनट में खत्म करते हुए तीन महीने के लिए उसे लटका दिया।...

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आखिर सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेसी साजिश के तहत लटका ही दिया अयोध्या विवाद का मामला!

मोदी जी राम मंदिर पर अध्यादेश लाइए नहीं तो जाइये! देखिये विडियो… सुप्रीम कोर्ट जैसी शीर्ष न्यायिक संस्थान जब तक औपनिवेशिक गुलाम मानसिकता से बाहर निकल कर भारतीय संदर्भ में सोचना नहीं शुरू करेगी...

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ब्यूरोक्रेसी, न्यायपालिका तथा कांग्रेस के कॉकटेल से चिदंबरम के अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ी!

जब भी देश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार द्वारा करारा प्रहार की बात उठती है लोग पूछ बैठते हैं कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक भी भ्रष्टाचारी को अभी तक जेल क्यों नहीं...

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सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के साथ ही राम मंदिर निर्माण की तैयारी शुरू, अयोध्या में पहुंचने लगी है सामग्री!

लगता है सालों से अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने की प्रतीक्षा अब खत्म होने वाली है। वैसे तो अयोध्या राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित है, लेकिन...

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न्याय बिकता है, बोलो खरीदोगे!

विष्णु प्रभाकर की एक कहानी धरती अब भी घूम रही है में एक निर्दोष आदमी जेल चला जाता है। उस के परिवार में सिर्फ दो छोटे बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी। बच्चे...

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रेप आरोपी बिशप को मिली बेल से कोर्ट के भेदभावपूर्ण रवैये पर उठा सवाल!

जब देश एक, कानून एक, मामला एक जैसा तो फिर कोर्ट के क्रियान्वयन में भेद क्यों? जिस प्रकार एक नन के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल को केरल हाईकोर्ट ने जमानत दी है उससे वहां...

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लगता है सुप्रीम कोर्ट को पसंद है शरीयत का फतवा…

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फतवा पर रोक क्या लगाई सुप्रीम कोर्ट ने उसके आदेश पर ही स्टे लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट आखिर चाहता क्या है? क्या सुप्रीम कोर्ट देश में कोई ऐसी व्यवस्था चाहता है...

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मी- लार्ड ऊपर वाले की लाठी बे-आवाज होती है! देश के 40 प्रतिशत जजों के बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग!

इसमें तो कोई दो राय नहीं कि भारतीय न्यायपालिका में अभिजात वर्ग की बहुलता है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि न्यायधीशों के ‘कर्म’ उनके बच्चों के प्रतिफल के रूप में बाहर...

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कांग्रेस की ‘न्यायपालिका’!

1973 में इंदिरा गाँधी ने न्यायमूर्ति एएन रे को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में बैठा दिया वो भी तब जब उनसे वरिष्ठ न्यायधीशों की लिस्ट जैसे न्यायमूर्ति जेएम शेलात, केएस हेगड़े और...

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