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Category: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद

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लगता है RSS हिंदू धर्म को अब्राहमिक बनाकर ही मानेगा!

Sandeep Deo. वसीम रिजवी ने कुरान की करीब दो दर्जन आयतों को हटाने की बात की तो RSS का संस्कार भारती मनु स्मृति को दलित और महिला विरोधी बताकर उसमें संशोधन की बात कर...

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कन्फ्यूज मत होना रे। नेताओ को सबके सामने ऐसे ही बोलना पड़ता है।

बाबा मौर्या। श्री कृष्ण ने भी कई बार ऐसी ही नीति अपनाई थी। कहा कुछ और कहने का अर्थ कुछ और था। जिसे समझने वाले समझ गए। गांधी जी के हिंदुत्व में ऐसी कौन...

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2015 में संदीप देव द्वारा लिखा गया यह लेख आज पुनः हो रहा है वायरल !

Sandeep Deo. इतिहास का कड़वा सच: हिंदुत्‍व व राष्‍ट्रवाद की पैरोकार पार्टी के सहयोग से हुआ था अल्‍पसंख्‍यक आयोग का गठन! (बलराम मधोक की आत्‍मकथा ‘जिंदगी का सफर, भाग-3 से द्वारा संदीप देव) आपको...

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संघ-परिवार: एकता का झूठा दंभ

शंकर शरण। उस से पहले तक डॉ. हेगडेवार की दलीय नीति बिलकुल ठीक थी। कि जिस स्वयंसेवक में राजनीति रुचि हो वह कांग्रेस में काम करे। यही चल भी रहा था। सेक्यूलरवादी, हिन्दूवादी, समाजवादी, आदि सभी उस...

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संघ परिवार और मौलाना वहीदुद्दीन

शंकर शरण। मौलाना वहीदुद्दीन जमाते इस्लामी के नेता और तबलीगी जमात  के सिद्धांतकार थे। अपनी पुस्तक ‘तबलीगी मूवमेंट’  में उन्होंने गदगद होकर तबलीग का इतिहास लिखा है, जो भारत से हिन्दू धर्म-परंपरा का चिन्ह...

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संघ-परिवार का उतरता रंग

शंकर शरण। इन दिनों संघ-परिवार पर हैरत बढ़ गई है। विशेषकर, शाहीनबाग पर सड़क कब्जा, जामिया-मिलिया से लेकर कई जगहों पर दिल्ली पुलिस पर हमले, लाल किला पर देश-विरोधी उपद्रव, और अब बंगाल में...

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संघ-परिवार: बड़ी देह, छोटी बुद्धि

शंकर शरण। संघ के सदाशयी लोगों को समझना होगा कि हिन्दू समाज और सच्ची चेतना मूल शक्ति है। कोई संघ/दल नहीं। चेतना ही संगठन का उपयोग करती है। इस का उलटा असंभव है। घोड़े...

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संघ परिवार: संगठन या सराय?

शंकर शरण। तो यह संगठन किस का है, जिसे हिन्दू समाज पर पड़ती चोटों से तिलमिलाहट नहीं होती? उत्तर है – केवल अपने नेताओं-कार्यकर्ताओं का, बस अपना हितचिंतक। तुलना करें:  चर्च, इस्लामी हितों को...

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संघ परिवार: यह कम्युनिस्ट मानसिकता नहीं तो क्या?

शंकर शरण। संघ-परिवार Sangh Parivar में ‘संघ-आयु’ मुहावरा चलता है। कि कोई कितने सालों से संघ में है? ऐसी भावना के विचित्र रूप भी दिखते हैं। पर बहुतेरे भले स्वयंसेवकों के लिए संघ ही...

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संघियों को महात्मा गांधी होने की बीमारी लगी है!

Sandeep Deo. महात्मा गांधी अली बंधुओं के मंच पर जब गये तो हिंदुओं को खूब कोसा। परिणाम, मोपलाओं ने मालाबार में हिंदुओं का विनाश कर दिया। अलि बंधुओं की नजर में गांधी कभी उनके...

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काश सनातन धर्म का जरा भी ज्ञान होता मोहन भागवत जी को!

आज एक ख्वाजा साहब के पुस्तक विमोचन में संघ प्रमुख मोहन भागवत पर जमकर सेक्यूलर रंग चढ़ा रहा। गौ तस्करों की जगह गौ रक्षकों को नसीहत देने की पुरानी संघी बीमारी इन्होंने भी व्यक्त...

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भारत की आत्मा मूलतः सौम्य है।

कमलेश कमल। क्या आपने यह ग़ौर किया है कि अत्यधिक सफल व्यक्ति निर्विवाद रूप से अत्यधिक ऊर्जावान् होते हैं और सौम्य होते हैं? ऊर्जावान् हों, पर शांत-प्रशांत न हों, तो बात बनती नहीं है,...

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हताहत राष्ट्रवाद

अनुपमा चतुर्वेदी I भारतवर्ष ने सदियों अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए असंख्य युद्ध लड़े हैंI भारत की धरती माँ ने अपने सपूतों का लहू, माथे पर सिन्दूर के समान सुशोभित किया हैI...

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प्राचीन भारतीय शिक्षा-दर्शन!

कमलेश कमल। हिंदू धर्म सत्य और ऋत का सहज-शाश्वत और सुमिलित गठबंधन है, जो स्वभाव से ही वर्तमानजीवी और कल्याणधर्मी है। ऋत और सत्य का यह गठबंधन दर्शन की रज्जू से होता है, जिसका...

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राष्ट्रवादी लेखकों, पत्रकारों, संपादकों, कवियों और सोशल मीडिया में एक्टिव सनातनियों से एक आह्वान:

आदित्य जैन। आज संपूर्ण विश्व में अपने – अपने नैरेटिव बनाने की होड़ मची हुई है। आतंकवादी , माओवादी , जेहादी , ईसाई मिशनरी आदि केवल नैरेटिव के दम पर ही सही को ग़लत...

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त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं चंपतराय!

राजीव गुप्ता। वर्तमान पीढी समेत नई – नई राजनीतिक पार्टियों के लोगों को वास्तव में यह मालूम ही नही है त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति का नाम ही चंपतराय है । उत्तर प्रदेश में...

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आरोप लगाने वालों, पहले चंपत राय जी जैसा जीवन जी कर तो दिखा दो !

1975 इँदिरा गाँधी द्वारा थोपे आपातकाल के समय बिजनौर के धामपुर स्थित आर एस एम डिग्री कॉलेज में एक युवा प्रोफेसर चंपत राय, बच्चों को फिजिक्स पढ़ा रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार करने वहां...

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लंपट वामपंथियों, पंच मक्कारों से निपटने का यौगिक तरीका : कृष्ण नीति की नींव और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का संदेश!

आदित्य जैन। आज जीवन के प्रत्येक पहलुओं पर पंच मक्कारों ने अपना प्रभाव छोड़ रखा है । यदि कोई युवक – युवती कॉलेज जाते हैं तो ये सबसे पहले इनके शिकार बनते हैं। कहानी...

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21 वीं सदी के भटके हुए चंद्रशेखर आजादों की गाथा : कहीं मैं भी तो नहीं ?

आदित्य जैन। एक चंद्रशेखर आजाद थे , जिन्होंने अपना सर्वस्व देश को समर्पित कर दिया था और आज 21वीं सदी के युवा हैं , जिन्होंने अपना सर्वस्व अपने स्वार्थ और खासकर सोशल मीडिया की...

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सांस्कृतिक पुनर्जागरण की रणभेरी कौन बजाएगा ? पंच मक्कारों को धूल कौन चटाएगा ? एक सरल रोडमैप !

आदित्य जैन। यदि किसी व्यक्ति ने आचार्य रजनीश जैन अर्थात ओशो जैसे बहुआयामी साधक से दीक्षा ली हो वह सनातनी हिन्दू के सारे कर्तव्यों का पालन करता हो गोरख की नाथ परंपरा से जुड़ा...

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