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Category: भारत निर्माण

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सन 1872 से आज तक जबलपुर का दुर्गोत्सव

प्रशांत पोळ जबलपुर का दुर्गोत्सव यह अपने आप मे अनुठा हैं. पूरे देश मे रामलीला, दुर्गोत्सव और दशहरा जुलूस का अद्भुत और भव्य संगम शायद अकेले जबलपुर मे होता हैं. भारत मे १८५७ का...

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कथा, कथन, मितकथन, कथक आदि शब्दों की व्याख्या!

कमलेश कमल. कथन एक ऐसा शब्द है, जिसका प्रयोग हम बहुधा करते हैं– कभी सही; तो कभी ग़लत। ‘कथन कहा’ अथवा ‘कथन किया’? – इसको लेकर स्थापित लेखकों के मन में भी संशय की...

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हिंदू का ब्रह्मास्त्र (भाग-5)

शत्रु – बोध   जो  नष्ट  कर  रहा ,   वो  नेता   मक्कार  है ; धर्म का दुश्मन , राष्ट्र का दुश्मन ,  देश  का  वो  गद्दार  है । आतंकी – बर्बर मजहब को , शांति...

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ए नेवर एंडिंग कॉन्फ्लिक्ट: एपिसोड्स फ्रॉम इंडिक रेसिस्टेन्स

पुस्तक का नाम: ए नेवर एंडिंग कॉन्फ्लिक्ट: एपिसोड्स फ्रॉम इंडिक रेसिस्टेन्सलेखक: अमित अग्रवालप्रकाशक: गरुड़ प्रकाशनपृष्ठ: 428मूल्य: 599 (प्रिंट) ट्वीट की गति से चलने वाले इस युग में पिछले कुछ वर्षों से इतिहास लेखन के...

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सनातन धर्म की प्यास लोगों में है, बस वो समझ नहीं पाते कि यात्रा कैसे और कहां से आरंभ करें?

ये जिम्मेदारी जिस संत समाज के ऊपर थी, क्षमा के साथ कहना चाहूंगा कि वो कहीं न कहीं इसे पूरा करने में असमर्थ रहे हैं! आधुनिक बाबाओं ने आर्थिक साम्राज्य तो बड़े खड़े कर...

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छापेमारी की नौटंकी

हिंदू  धोखा   मत  खा  जाना ,   छापेमारी  के   खेल   में ; पूरी – पूरी     नूरा – कुश्ती ,     मजे    करेंगे    जेल    में । नौटंकीबाज  अब्बासी – हिंदू ,  नये-नये  नाटक  करता है ; हिंदू...

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धर्म के लिए जब विष्णु ने शिव से अपने ही एक अवतार का वध करवा दिया !

वरं प्राणपरित्याग: शिरसो वाथ कर्तनम्।न तु धर्मपरित्यागो लोके वेदे च गर्हित:।। अर्थात्:- भले ही शीश कट जाए अथवा प्राण चले जाएं, यह सौ गुना अच्छी स्थिति है, तथापि लोक तथा वेद में वर्णित धर्म...

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: क्या, क्यों, कैसे?

पुस्तक का नाम: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: क्या, क्यों, कैसे? लेखक: विजय कुमार प्रकाशक: प्रभात प्रकाशनपृष्ठ: 184मूल्य: 250 (प्रिंट) भारत देश की एक विडंबना है कि यहाँ भारत विरोधी चीजें बहुत तीव्र गति से फैलती...

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योगिनी -एक योद्धा

डॉ विनीता अवस्थी. घोड़ों की टापो की आवाज पास आती जा रही थी कम से कम 8-10 खूंखार विशालकाय देह घुड़सवार, विभिन्न आयुद्धों से सुसज्जित -तीर कमान, नुकीले भाले, खड़ग, हस्त नख तथा हाथों...

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महामूर्ख-हिंदू (भाग-10)

सबसे  बड़ा  धर्म  का  दुश्मन ,   अब्बासी – हिंदू  नेता  है ; कायर – कमजोर है  भ्रष्टाचारी ,  केवल  नौटंकी करता है । महामूर्ख – हिंदू   है   इतना ,  अब तक  जान  नहीं  पाया...

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हिंदू का सम्मान हो वापस

चाहे जितना  मेकअप करवाओ ,  बार-बार  कपड़े  बदलो ; रंग-बिरंगी  पगड़ी पहनो,  फोटो-सेशन भी  खूब  करा लो । देश नहीं टोकेगा तुझको ,  पर देश का भी कुछ काम करो ; पहला  काम  तुझे ...

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आज राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती है। दिनकर जी के पुत्र आदरणीय श्री केदारनाथ सिंह जी हमारे मौसा बाबा लगते हैं।

कल दिनकर जयंती की पूर्व संध्या पर ‘अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि महासंघ’ ने मेरे लेखन व पत्रकारिता को सम्मानित कर मुझे यह भान कराया कि मैं अपने ब्लड-लाईन और लेखन, दोनों को कभी दूषित नहीं...

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कोई नहीं हिन्दू का रक्षक

राजनीति का  धूर्त – खिलाड़ी ,  छुरा पीठ पे  घोंपना जाने ; आगे वाले को  मारके टंगड़ी ,  सत्ता  को  कब्जाना  जाने । बहुत  बड़ा  नौटंकीबाज  है ,   अभिनय  करने  में  माहिर ; इतने...

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इतिहास तथा भविष्य का निर्माण करने वाली मानव की सर्वाधिक शक्तिशाली क्षमता !

मानव की वह क्षमता जो इतिहास को भी बदल सकती है और भविष्य का रुख तय कर सकती है , वह है – प्रश्न पूछकर उसके उत्तर की खोज की क्षमता । यह क्षमता...

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विवाह चुनूं या वैराग्य का वरण करूं ?

हर रोज़ टूटकर बिखर जाता है मेरा दिल !डूबता हुआ मन , डर से खोजता है सुन्दर साहिल !दिल की धड़कनें , मां भारती का बनना चाहती हैं स्वरअपने लहू से राष्ट्र अभिषेक करना...

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मोदी अंकल से मिलना है ! 

अर्चना कुमारी। मानसिक रूप से बीमार 14 वर्षीय किशोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की चाहत लेकर घर से निकल गया। बताया जाता है घूमता हुआ वह घर से काफी दूर निकल गया। इस...

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सूर्य : तेरे चेहरे का तेज़ लाना है

वर्तमान वैश्वीकरण , उदारीकरण और निजीकरण के युग में एक युवती की यह कविता उसके मनोभावों को अभिव्यक्त करती है। सूर्य नामक यह कविता एक प्रेमिका के लिए उसके प्रेमी का प्रतिबिंब है ।...

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धर्म-सनातन का कलंक है

हिंदू  हृदय  सम्राट  बनाया ,  किसने  ये  षड्यंत्र  रचाया ? जिम्मी हृदय सम्राट को कैसे ?  हिंदू हृदय  सम्राट बताया । इससे पहले  नहीं कटा था ,  अब हिंदू का  गला कट रहा ;...

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वज्रमूर्ख हिंदू अभिभावक (भाग-1)

वज्रमूर्ख  हिंदू  अभिभावक ,   बच्चों  को  न  धर्म  बताते ; रामायण , गीता , महाभारत ,   भूले  से  भी  नहीं  पढ़ाते । धन – दौलत की  चकाचौंध में , स्त्री- पुरुष  हो  चुके  अंधे...

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