Category: मीडिया

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क्या रघुराम राजन ने मनी लाउंड्रिंग के आरोप में घिरे एनडीटीवी को संकट से निकालने में मदद की थी?

रिजर्व बैंक आॅफ के गवर्नर रघुराम राजन ने अभी हाल ही में एक साक्षात्कार दिया! उसमें उन्होंने मोदी सरकार को धमकाने के अंदाज में कहा कि यदि वह मोदी सरकार के लिए कुछ बोलेंगे...

यदि आरएसएस के खिलाफ खबर सही है और आउटलुक झूठा नहीं है तो फिर वह डर क्यों रहा है?

वर्तमान समय सचमुच डरा रहा है! जिस तरीके से अंग्रेजी व वामपंथी मीडिया वर्तमान केंद्र सरकार, संघ परिवार और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ बिना किसी बुनियाद के प्रोपोगंडा चला रहा है, वह साफ...

दो लेफ्ट लिबरल औरतें, जिनकी सोच भारत के खिलाफ है!

देश की दो ऐसी बुढ़िया औरत, जिन्हें अहंकार है कि वो अभिजातवर्गीय बुद्धिजीवी हैं! जबकि इसके उलट विद्रुपताओं से भरी इनकी शख्सियत में नफरत का जहर घुला है, इसीलिए ये आम भारतीय और उनकी...

कलिखो पुल की संदिग्ध मौत को आत्महत्या साबित करने की जल्दी में क्यों है मीडिया?

कुछ समय पूर्व तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कलिखो पुल का शव पंखे से लटका मिला! मैं कुछ अखबारों के वेब एडिशन को देख रहा हूं तो संदेह गहरा रहा है कि यह...

आतंकवादियों को हीरो बनाने वाली मीडिया और पत्रकारों के प्रति कड़े कदम उठा सकती है मोदी सरकार!

देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बुरहान वानी के समर्थकों को साफ-साफ संदेश दे दिया है कि आतंकवादी को शहीद बना कर पेश करने की कोशिश न करें! कहने को तो राजनाथ सिंह का...

मोदी सरकार के आने के बाद विदेशी फंडेड एनजीओ की गतिविधियां भारत में बढ़ी! एक साल में 22 हजार करोड़ रुपए आए विदेश से!

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद विदेशी फंडेड एनजीओ की गतिविधियां अचानक से भारत में तेज हो गई हैं! वैसे मोदी सरकार ने अवैध रूप से चल रहे बहुत सारे विदेशी फंडेड एनजीओ...

एनडीटीवी की 642 करोड़ रुपए की नई धोखाधड़ी आई सामने, सरकार ने भेजा 525 करोड़ का नोटिस!

प्रो-पाकिस्तानी न्यूज चैनल NDTV के एक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है! पी. चिदंबरम के काले धन को सफेद बनाने के पुराने खेल के अतिरिक्त यह नया धोखा है, जिसके जरिए भारतीय कानून...

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अपने लिए अभिव्यक्ति की आजादी चाहने वाले मुख्यधारा के वामपंथी पत्रकार सोशल मीडिया पर लगाना चाहते हैं लगाम!

रोहित सरदाना ,जी टीवी एंकर: पहले तनाव टीवी की रिपोर्टों तक सीमित रहता था. फिर एंकरिंग में संपादकीय घोल देने तक आ पहुंचा. जब उतने में भी बात नहीं बनी तो ट्विटर, फेसबुक, ब्लॉग,...

रवीश-बरखा, इस छोटे कश्मीरी बच्चे की मनोदशा आपके झूठ की पोल खोलने के लिए काफी है!

देखिए, कश्मीर में इतने छोटे बच्चे के दिमाग में मजहबी जहर किसने भरा है? रवीश और बरखा दत्त जैसे पत्रकार कश्मीर को राजनीति समस्या बताकर मजहबी कट्टरता और इसे बढ़ाने वाले अलगाववादियों एवं पाकिस्तान...

वाजपेयी के खिलाफ एजेंडा चलाने वाले पत्रकार, मोदी के खिलाफ एजेंडा चलाने के लिए हो रहे हैं एकजुट!

वाजपेयी सरकार के समय सक्रिय हुए तहलका, अंग्रेजी आउटलुक और #NDTV व उससे निकले सारे गैंग मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए फिर से सक्रिय हैं। इनके निशाने पर 2004 तक वाजपेयी सरकार,...

आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय रिपोर्टिंग से हिला; पाकिस्तानी मीडिया !

मीडिया को यूँ ही ही नहीं लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है, यदि मीडिया अपना काम सही ढंग और ईमानदारी से करे तो देश की आधी से ज्यादा समस्याएं समाप्त हो जाएगी. भारत...

आतंकवादियों के लिए विलाप करने वाली मीडिया को नहीं दिखता सैनिकों के परिवार का दुःख!

कश्मीर के मुद्दे पर पूरे देश को बरगलाने वाली पैड मीडिया से मोदी नाराज हुए , लेकिन क्या सिर्फ नाराज होकर इस संशय का हल ढूँढा जा सकता है. मोदी जी आतंकवादी बुरहान वानी...

भारत के काले पत्रकार और उनका काला इतिहास!

मैंने पत्रकारिता की गिरती दशा को देखकर 12 साल पुराने अपने पत्रकार करियर को विराम दिया था। 2012 में नौकरी छोड़ी थी। अब तक लिखी अपनी हर किताब में पत्रकारिता के स्याह चेहरों को...

ज़ाकिर नायक को ‘रॉक स्टार’ का तमगा देने वाले आज चुप क्यों है ?

50 वर्षीय ज़ाकिर नाइक मुंबई में स्थित इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का संस्थापक है और पीस नाम से एक विवादास्पद चैनल भी चलाते हैं! अपने विवादस्पद भाषणों से विख्यात ज़ाकिर नाइक को आधुनिक इस्लाम का...

‪‎BurhanWani‬ समर्थकों को ठीक से पहचानिए!

बांग्लादेश में अभी तक आतंकवादियों का शव लेने कोई नहीं पहुंचा है, तो दूसरी तरफ कश्मीरी आतंकी बुरहान वानी की मौत पर लेफ्ट-जेहादी गठबंधन के पत्रकार, नेता और तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता चूड़ियां तोड़ कर...

रोहित सरदाना ने किया रविश कुमार के खुले पत्र का डी एन ए !

रविश कुमार जी को इन दिनों पत्रकारिता रास आती नजर नहीं आ रही दिखती है ! वो करना कुछ और चाहते है लेकिन परिस्थितियां उनके प्रतिकूल हों जाती है ! अब रविश कुमार जी...

अपने लिए सम्भावनायें तलाशने की कोशिश है, एमजे अकबर के नाम रविश कुमार का खुुला पत्र!

रविश जी का खुला पत्र एम जे अकबर के नाम ! मेरा विश्लेषण ! पत्रकारिता में भी अब सीरियल जैसा ड्रामा देखने को मिला रहा है! हमारे रविश जी को ले लीजिए जिन्होंने पत्रकारिता...

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पत्रकारों को उनका मूल काम याद दिलाना चाहती है मोदी सरकार

एक बात का आप लोगों को एहसास हुआ? मोदी सरकार में #MSM मीडिया की पहुंच न के बराबर हो गई है। जब तक सरकार ने सूची नहीं जारी की, तब तक न तो उन्हें...

कपिल सिब्बल का मतलब कहीं राजदीप, बरखा, सागरिका या शेखर गुप्ता जैसे ‘Our Journalists’ से तो नहीं था !

देखिये इसे कहते हैं नेता जिसकी शख्सियत से बड़े बड़े सूरमाओं की जुबान फिसलने लगी! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं! जिन्होंने किसी निजी न्यूज चैनल को साक्षात्कार दिया है!...

हथियार बनाने वाली कंपनी द्वारा शांति के नोबल पुरस्कार देने का पाखंड समझिए!

संजय कुमार। जैसे ही टेलीविज़न पर ‘एक भारतीय को नोबल शांति पुरस्कार ‘ सुना तो लगा जैसे समय ठहर-सा गया हो! मानस पटल पर एक हीं भाव आया कि आखिर वह भारतीय कौन हैं?...

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