Category: इतिहास

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आपातकाल की बरसी: इंदिरा ने हमेशा ही लोकतंत्र के खिलाफ काम किया!

देश के लोकतंत्र पर आघात करने वाला आपाताकाल को लगे हुए 43 साल गुजर गए, लेकिन देश के लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए वह नजारा आज भी याद आ ही जाता है। आपातकाल...

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अंग्रेजों ने क्यों और कैसे किया भारत की गुरुकुल प्रणाली को नष्ट?

इतिहास के पन्नों से : अंग्रेजों ने गुरुकुल परम्परा को तबाह किया! “भारत से ही हमारी सभ्यता की उत्पत्ति हुई थी। संस्कृत सभी यूरोपियन भाषाओं की माँ है। हमारा समूचा दर्शन संस्कृत से उपजा...

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कश्मीर का अतीत! कोटा रानी जिसने इसलामी आक्रमणकारियों से कश्मीर को बचाने के लिए मरते दम तक प्रयास किया!

कश्मीर इन दिनों विवादों में है। रहस्य का आवरण ओढ़े कई कहानियां आज कश्मीर के बहाने हम सब के सामने आ रही हैं। कश्मीर का इतिहास रक्तरंजित के साथ ही इसलामी आक्रमण का वह...

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सोनिया के सहयोगी ने कहा.. अगर संघ के गोलवलकर नहीं होते तो जम्मू कश्मीर का विलय भारत में नहीं हो पाता

जिस संघ को कांग्रेस अछूत मानती है उसी संघ ने भारत के एकीकरण में अहम भूमिका निभाई है। जम्मू-कश्मीर अगर आज भारत का अटूट हिस्सा है तो उसमें संघ की महत्वपूर्ण भूमिका है। संघ...

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नालंदा विश्वविद्यालय जैसी धरोहर को नष्ट करने वाले बख्तियार खिलजी के नाम पर शहर का नाम क्यों और कब तक?

बख्तियार खिलजी, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय को मिटा दिया था, बिहार में उसके नाम पर आज भी एक शहर का नाम जैसे इतिहास को चिढ़ा रहा है! अपने एक हमले में बख्तियार खिलजी ने नालंदा...

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भारत के क्रांतिकारियों में वीर सावरकर का क्या स्थान था, यह इस बात से समझा जा सकता है कि जब भगत सिंह और सुखदेव अपने संगठन में नौजवानों को शामिल करते थे तो पूछते थे, क्या ‘लाइफ ऑफ बेरिस्टर सावरकर’ पढ़ी है?

Pushker Awasthi| कल भारत माता के सर्वोत्तम पुत्रो में से एक वीर विनायक दामोदर सावरकर जी का जन्म दिवस (28 May 1883 – 26 February 1966) था, जिनको आज लोग, ‘वीर सावरकर’ के नाम...

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महात्मा गांधी से लेकर राहुल गांधी तक, कांग्रेस के DNA में ही नहीं है लोकतंत्र!

कर्नाटक प्रकरण को लेकर आज-कल लोकतंत्र और उसकी हत्या का शोर हर जगह मचा है! शोर मचाने वालों में कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी सबसे आगे दिखते हैं! जबकि कांग्रेस के इतिहास पर...

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जिस देश में नारियां स्वयं अपने पति का चयन करती थी, वहां बलात्कार जैसा घृणित कार्य आखिर किस मानसिकता के लोग लेकर आए?

रामायण और महाभारत में युद्ध के बावजूद किसी ने स्त्रियों को हाथ नहीं लगाया! वो आखिर कौन लोग हैं जो भारत में बलात्कार ले कर आये! आइये जानते हैं इसका क्रूर इतिहास! आखिर भारत...

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मजदूर दिवसः कम्युनिस्टों की तानाशाही स्थापना का बस एक उपकरण था मई दिवस!

आज पहली मई है। पहली मई को पूरी दुनिया के मजदूर इसे ‘मजदूर दिवस’ या ‘मई दिवस’ के रूप में मनाते हैं। इसकी शुरुआत एक यूटोपिया समाज की रचना को लेकर हुआ था, जिसकी...

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आंबेडकर का दलितिस्तान बन चुका है, बस इसकी घोषणा बाकी है!

दयानंद पांडेय। फर्क यही है कि जिन्ना देश तोड़ने में तभी सफल हो गए थे! अंबेडकर अब सफल होते दिख रहे हैं। जिन्ना के पाकिस्तान की ही तरह दलितिस्तान का मुद्दा अंबेडकर ने उठाया...

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तो क्या गाँधी की हत्या के बाद महाराष्ट्र में ब्राह्मणों का नरसंहार नेहरू की सुनियोजित चाल थी?

रामेश्वर मिश्र पंकज। एक विचित्र स्थिति पैदा हो गई है, हम सभी जानते हैं कि ऋषियों और ब्राह्मणों के कुल में ही राक्षस भी हुए हैं परंतु आधुनिक शिक्षा के असर से इस तथ्य...

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द्वितीय विश्‍व युद्ध में गांधी ब्रिटेन को दोस्‍त कह रहे थे और सुभाष अंग्रेजों को मिटाने पर आमदा थे!

पुरानी कहावत है, दूसरे के फटे में टांग अड़ाना। जब द्वितीय विश्‍व युद्ध शुरु हुआ तो गांधी जी के नेतृत्‍व में कांग्रेस ब्रिटिश शासन को बार-बार मदद देने का प्रस्‍ताव दे रही थी, जबकि...

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प्राचीन अरब था कभी हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग!

प्रख्यात इतिहासकार श्री पुरुषोत्तम नागेश ओक (1917-2007) ने अपनी पुस्तक ‘वैदिक विश्व राष्ट्र का इतिहास’ के खण्ड 2, पृ. 466-467 पर इस्लाम-पूर्व अरब के एक शिलालेख का ज़िक्र किया है, जिसे उन्होंने ब्रिटिश म्यूजियम,...

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मलेशिया में मिला एक अद्भुत शिवलिंग!

विपुल विजय रेगे। आदि पर्व की महाभारत जैसे विशाल ग्रन्थ की मूल प्रस्तावना है। इसमें महाभारत के पर्वों और उनके विषयों का संक्षिप्त संग्रह है। कथा-प्रवेश के बाद च्यवन का जन्म, पुलोमा दानव का...

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ईशा मसीह द्वारा भारत में ज्ञान प्राप्त करने और यहां समाधि लेने का एक-एक सबूत, आप खुद पढ़िए!

गुंजन अग्रवाल। ईसाइयत (Christianity) के जनक कहे जानेवाले ईसामसीह अपने 12वें वर्ष से लेकर 30 वर्ष तक क्या करते रहे अथवा कहाँ थे, इस विषय में बाइबल (नवविधान, New Testament) में कुछ भी लिखा...

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प्राचीन अरब कभी हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग था।

गुंजन अग्रवाल। इस्तांबुल, तुर्की के प्रसिद्ध राजकीय पुस्तकालय ‘मक्तब-ए-सुल्तानिया’ (सम्प्रति मक्तब-ए-ज़म्हूरिया), जो प्राचीन पश्चिम एशियाई-साहित्य के विशाल भण्डार के लिए प्रसिद्ध है, के अरबी विभाग में प्राचीन अरबी-कविताओं का संग्रह ‘शायर-उल्-ओकुल’ हस्तलिखित ग्रन्थ के...

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चलिए आपको एक कहानी सुनाता हूं, झूठे और मक्कारों की!

यह वह दौर था, जब पश्चिम में केवल एक रिलीजन था-यहूदी। एक लड़की किसी लड़के से प्रेम करती थी। शादी से पूर्व ही वह लड़की गर्भवती हो गयी। बिना शादी के कोई लड़की गर्भवती...

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शेख अब्दुल्ला ने कश्मीर घाटी को जिहाद में ढकेला था, अब उसके बेटे-पोते जिहादी जुबान बोल रहे हैं

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने धमकी दी है कि यदि इस राज्य से धारा-35ए हटाया जाएगा, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे! यानी वह भारत गणराज्य और देश के संविधान को धमकी...

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कल पीएम मोदी ने हामिद अंसारी को अलीगढ़ मुसलिम विवि की याद दिलाकर यह साबित कर दिया कि अंसारी सैयद अहमद खां की विभाजनकारी सोच के वारिस हैं!

कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को उनकी कट्टरता से भरे परिवेश की जबरदस्त याद दिलाई, जिसमें अलीगढ़ मुसलिम विवि का नाम भी शामिल था। हामिद अंसारी पूर्व में...

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झूठ बोलना बंद कीजिए…1942 के आंदोलन से नहीं भागे थे अंग्रेज!

आज संसद भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ मना रहा है। संसद में इस पर आयोजित बहस में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने भाजपा की मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तंज कसा...

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