मुसलमानों ने दलितों की अर्थी अपने मोहल्ले से निकलने से रोका, उन पर हमला किया, लेकिन देश में खामोशी है! क्योंकि शोर होते ही दलित-मुसलिम गठजोड़ का झूठ सामने आ जाएगा!

तमिलनाडु में दलित के अर्थी को न केवल रोका गया, उस पर पथराव किया गया, बल्कि दलितों के घरों व बस्तियों पर हमला किया गया, लेकिन देश का सेक्यूलर बिरादरी और इनके युवरात राहुल गांधी व उनकी पार्टी चुप है! नकली दलित रोहित वेमुला की आत्महत्या पर देश भर में कोहराम मचाने वाला जेएनयू का कन्हैया कुमार, शहिला रशीद, उमर खालिद की आवाज इन दलितों के लिए क्या आपने सुनी? खुद को दलितों के मसीहा के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे जिग्नेश मवानी, दलित मंडल आदि की चीत्कार आपने सुनी? ‘जय भीम’ वाली मायावती से पूछिए कि उन्हें उन दलितों से प्रेम क्यों नहीं होता, जो मुसलमानों के सताए हैं? अदालत की सजा को भी दलित-ब्राह्मण चश्मे से देखने वाले पत्रकार शेखर गुप्ता का कोई लेख इस पर पढ़ा? राजदीप सरदेसाई, सागरिका घोष, सिद्धार्थ वरदराजन आदि तथाकथित पत्रकारों का कोई दर्द कहीं दिखा? इन्होंने न तो तमिलनाडु के दलितों के लिए कोहराम मचाया और न ही इस पर कुछ लिखा! जानते हैं क्यों?

क्योंकि कांग्रेस और उसके पे-रोल पर पल रही यह ‘पीडी बिरादरी’ दलितों के हितचिंतक नहीं, बल्कि दलितों के शोषक हैं! इन्हें हिंदुओं को जाति में तोड़ने के लिए दलित-मुसलिम गठजोड़ करना है! इन्हें दलितों की कोई परवाह नहीं, बल्कि अपने मालिक राहुल-सोनिया की ताजपोशी की परवाह है! इसलिए ये लोग जानबूझ कर उन घटनाओं को नहीं उठाते जिसमें जिसमें शोषक तो मुसलमान है और शोषित दलित! बिहार से लेकर उप्र तक दलित बच्चियों के साथ मुसलमानों द्वारा बलात्कार की कितनी ही घटनाएं पिछले कुछ महीनों में घटी हैं, लेकिन इसे लेकर कहीं कोई शोर नहीं मचा! कठुआ में हिंदुओं को बदनाम करना था तो पीडि़त बच्ची का नाम व मजहब तक उजागर किया, लेकिन बिहार, उप्र और तमिलनाडु में मुसलमानों को बचाना है तो घटनाओं को दबाया! यही खेल आजादी के बाद से चल रहा है!

2 Shocking incidents in UP:

तमिलनाडु के एक गांव बोम्मिनाइकनपट्टी में कुछ मुसलिमों ने अपने टोले के रास्ते से एक दलित की अर्थी नहीं निकलने दी। 5 मई को हुई इस घटना को लेकर दलित मोहल्ले पर मुसलमानों का गुस्सा फूटा, लेकिन ताज्जुब की बात है कि इतनी बड़ी घटना पर पारंपरिक मीडिया ने चुप्पी साध ली। न कोई पत्रकार गैंग, न ही सेक्युलर गैंग की आवाज फूटी।

molested women from SC community

एक प्रत्यक्षदर्शी ने अपने ट्वीट से बताया कि गांव के मुसलिमों ने 50 हिंदू दलितों के घरों को उजाड़ दिया, बूढ़े और बच्चों को पीटा। यह इसलिए किया कि एक हिंदू दलित की अर्थी मुसलिम मोहल्ले से निकल रही थी। चूंकि यहां पीड़ित हिंदू दलित हैं इसलिए इन्होंने चुप्पी साध रखी है, क्योंकि इनकी नजर में मुसलमानों द्वारा दलित हिंदुओं पर अत्याचार जायज है!

Has any Media spoke about this Horrible Incident happened against Dalit?

एएनआई ने इस मामले में एक ट्वीट किया था जिसके हिसाब से इस मसले को लेकर पूरे गांव में 7 मई तक तनाव बना रहा। अब जाकर कही मामला शांत हुआ है। लेकिन दिल्ली की लुटियन मीडिया सोने का नाटक करती रही!

Muslim dominated area? Is this secular country?

URL: Clashes between dalit-muslim after Muslims oppose hindu funeral procession

Keywords: Tamilnadu, clash between dalits and muslims, secular media, dalit muslim clashes, communal violence in tamil nadu, funeral

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