Watch ISD Live Now Listen to ISD Radio Now

नेहरू की देन कश्मीर मसले पर हमेशा लचर रही कांग्रेस, गुलाम नबी आजाद ने कहा कश्मीर पर हो पाकिस्तान का नियंत्रण!

By

Published On

1069 Views

अनुपम खेर अभिनीत ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म तो अभी रिलीज नहीं हुई है लेकिन उसके ट्रेलर ने राजनीतिक गलियारों में धूम मचा रखा है। कांग्रेस ने तो इसे न रिलीज होने देने की धमकी तक दे डाली है। इस फिल्म के ट्रेलर के एक अंश में दिखाया गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से कहते हैं कि मैं कश्मीर मसला सुलझाना चाहता हूं। उनके इस बात पर सोनिया गांधी का जवाब जम्मू कश्मीर के प्रति कांग्रेस के अब तक के रुख को भी दिखाता है। सोनिया गांधी ने कहा कि अगर आप कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के साथ शांति का समझौता कर लेंगे तो नए प्राइम मिनिस्टर (राहुल गांधी) क्या करेंगे? वैसे भी कश्मीर समस्या की देन देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की ही है। वही कश्मीर समस्या को देश के लिए नासूर बना गए। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नवी आजाद, जो अभी कांग्रेस पार्टी के राज्य सभा में नेता विपक्ष हैं, तो कश्मीर के पानी से लेकर कृषि, पर्यटन तथा बिजली परियोजना पर भारत-पाकिस्तान का संयुक्त नियंत्रण चाहते हैं। आजाद ही क्यों जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के अधिकांश नेता तो जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान को सौंपने तक के हिमायती है।

इतिहासकार और सामाजिक कार्यकर्ता रहे प्रोफेसर हरिओम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राहुल गांधी के राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के पानी से लेकर बिजली परियोजना, कृषि, बागबानी, कीटपालन, पर्यटन, वन निर्माण तथा पर्यावरण पर पाकिस्तान के साथ भारत का संयुक्त नियंत्रण होना चाहिए। दूसरे शब्दों में कहें तो जम्मू-कश्मीर के जल जंगल और जमीन पर पाकिस्तान के साथ भारत का संयुक्त नियंत्रण होना चाहिए।

आजाद ने यह बयान जम्मू कश्मीर यूनिवर्सिटी में 29 मार्च 2006 को दिया था, जब वे वहां के मुख्यमंत्री थे। मालूम हो कि उससे एक दिन पहले तत्कालीन राज्यपाल एस के सिन्हा ने उसी यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन के दौरान खेद व्यक्त करते हुए कहा था कि वर्तमान सोनिया गांधी की मनमोहनी सरकार ने तो अब जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग कहना भी छोड़ दिया है। कहने का मतलब साफ है कि गुलाम नवी आजाद जब मुख्यमंत्री थे तब वह जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान का बराबर दखल चाहते थे। अगर कांग्रेस का वश चले तो वह कश्मीर को पाकिस्तान के हवाले कर दे।

आजाद ही क्यों यूपीए सरकार में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री रहे सैफ-उद्दीन सोज ने तो साल 2006 कई बार इस बात को दोहरा चुके हैं कि कश्मीर समस्या द्विपक्षीय नहीं बल्कि त्रीपक्षीय मुद्दा है। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि श्रीनगर का एक रास्ता इसलामाबाद से जुड़ता है तो दूसरा रास्ता दिल्ली से तथा एक रास्ता दिल्ली और इसलामाबाद को जोड़ता है। उसके इस बयान से साफ हो जाता है कि कांग्रेस के स्थानीय नेता जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान के हवाले करने के खुले तौर पर हिमायती रहे हैं।

आजाद और सोज ही क्यों पूर्व केंद्रीय वित्त और गृहमंत्री रहे पी चिदंबरम जैसे कांग्रेस के कद्दावर नेता भी तो कश्मीर को देश के अन्य राज्य से अलग मानते हैं और उसके साथ बिल्कुल अहलदा बर्ताव करने के पक्षधर रहे हैं। पी चिदंबरम ने साल 2010 में श्रीनगर में अपने एक बयान में कहा था कि कश्मीर का एक अलग इतिहास और भूगोल है, वहां के मुद्दे और समस्या भी अलग हैं, इसलिए इसका समाधान भी अहलदा तरीके से करने की जरूरत है। देश के अन्य राज्यों के समस्याओं के लिए लागू समाधान कश्मीर पर नहीं थोपा जा सकता है। चिदंबरम का यह बयान किसी अलगाववादी के बयान से इतर नहीं है।

जिस प्रकार कांग्रेसी नेतृत्व शुरू से ही कश्मीर मुद्दे को टरकाता आया है, सोनियां गाधी का मनमोहन सिंह को दिया जवाब उससे बिल्कुल भिन्न नहीं है। कांग्रेस की सोच हमेशा से पाकिस्तान परस्त रही है।

प्वाइंट वाइज सममझिए

कश्मीर पर कांग्रेस का लचर रवैया

* नेहरू की देन कश्मीर मुद्दे को हमेशा से लटकाती रही है कांग्रेस पार्टी

* कश्मीर मुद्दा सुलझाने की मनमोहन सिंह की इच्छा को सोनिया ने दबा दिया

* पूर्व सीएम गुलाम नवी आजाद कश्मीर पर पाक-भारत के संयुक्त नियंत्रण के पक्ष में

* कश्मीर के जल, जंगल और जमीन पर भारत-पाक का हो संयुक्त नियंत्रण

* प्रदेश के मुख्यमत्री रहते हुए साल 2006 में आजाद ने दिया था यह बयान

* पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफ उद्दीन सोज नहीं मानते कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा

* बार-बार जम्मू-कश्मरी को त्रिपक्षीय मुद्दा बताते रहे हैं

* कांग्रेस के स्थानीय नेता कश्मीर को पाकिस्तान को दे देने के पक्ष में

* पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी कश्मीर मसले का ‘अलग’ समाधान चाहते हैं

URL : congress leaders want to joint control of pak on kashmir’s water and land !

Keyword : congress policy, Kashmir issue, separatist, sonia gandhi, ‘the accidental prime minister’, पूर्व प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह

http://www.earlytimes.in/m/newsdet.aspx?q=163221

Join our Telegram Community to ask questions and get latest news updates
आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध, संसाधन और श्रम (S4) का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment



Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 8826291284

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर