Watch ISD Videos Now Listen to ISD Radio Now

बेईमान बैंक मैनेजर पीएम मोदी के DeMonetization अभियान को फेल करने में जुटे!

पंडित मधुसूदन व्यास । प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का बहुत बड़ा निर्णय ऐसे ही नहीं ले लिया था, इसके लिए पूरी तैयारी की गयी थी, सभी तकलीफों और उठाये जाने वाले क़दमों पर विचार किया गया था लेकिन मोदी सरकार को यह नहीं पता था कि हजारों बैंक मैनेजर चोर और बेईमान निकल जाएंगे और जनता को पैसे देने के बजाय ये चोरों और बेईमानों के साथ मिलकर उनका काला धन सफ़ेद करने लगेंगे।

चोर और बेईमान बैंक मैनेजरों ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को कमजोर साबित कर दिया, हजारों चोर बैंक मैनजरों ने ऐसी लूट मचा रखी है कि पूछो मत। ये भ्रष्टाचारियों से मिलकर उनके कालेधन को सफ़ेद कर रहे हैं और बदने में करोड़ों रुपये की रिश्वत खा रहे हैं लेकिन जब गरीब जनता कैश काउंटर पर पहुँचता है तो ये कहते हैं कि कैश ख़त्म हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार बैंक कर्मियों की तारीफ की है लेकिन कर्मचारी तो काम करते हैं लेकिन बैंक मैनेजर अपने घर से बेईमानों और भ्रष्टाचारियों से डील करके आते हैं। जाते समय वे अपने साथ लाखों के नए नोट ले जाते हैं और भ्रष्टाचारियों से कमीशन लेकर उनसे पुराने नोट लेकर अगले दिन वापस आ जाते हैं।

अगर ये बेईमान बैंक मैनेजर इमानदारी से काम करते तो जनता को इतनी तकलीफ ना होती और ना ही कैश के लिए मारामारी होती, आज हालात यह हो गए हैं कि लोग कैश के लिए टूट पड़ रहे हैं, लोग बैंकों और ATM के बाहर बड़ी बड़ी लाइनें देखकर इतने डर जाते हैं कि वे दो चार महीनों का जुगाड़ करके रखना चाहते हैं, पहले लोग अपने सारे पैसे बैंकों में रखते थे और 1000-500 रुपये ही कैश रखते थे और जब जरूरत पड़ती थी तो ATM से जाकर निकाल लेते थे लेकिन अब लोग इतना डर गए हैं अपने घर में 5000-10000 रखना चाहते हैं। लोग डर गए हैं कि अगर कैश ख़त्म हो गया तो उन्हें बैंकों और ATM के बाहर लाईन में लगना होगा।

Related Article  तो क्या पिछली सरकारों ने RBI गवर्नरों के साथ मिलकर छापे थे एक ही नंबर के कई नोट?

धनकुबेरों ने अपना कालाधन सफ़ेद करने के लिए बैंक मैनेजरों के साथ साथ गाँठ कर ली और लाखों लोगों ने अपना बहुत सारा कालाधन सफ़ेद कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंक वालों की तारीफ करते नहीं थकते, मोदी कहते हैं कि बैंक वाले रात दिन काम कर रहे हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो बैंक वाले ही मोदी की फजीहत करवा रहे हैं। वो रात दिन काम तो कर रहे हैं ये सच है लेकिन रात दिन काम वो कमाने के लिए कर रहे हैं। देश में हर तरह के आदमी हैं कुछ बैंक वाले अच्छा काम भी कर रहे हैं लेकिन कुछ बैंक वालों ने अंधेरगर्दी मचा रक्खी है। बैंकों के पिछले दरवाजों ने जानकर नोट बदले जाने की ख़बरें पूरे देश से आ रहीं हैं।

कल बेंगलुरु में पौने पांच करोड़ जब्त किये गए जिनमे अधिकतर नए नोट और कुछ सौ सौ के नोटों की गड्डियां भी थीं। कल ही एक भाजपा युवा नेता के पास से कई लाख बरामद लिए गए जिनमे दो हजार के नए नोट थे। ये सब कहाँ से आ रहा है, कौन ऐसा कर रहा है। सूत्रों की मानें तो ये सब बैंक वाले ही कर रहे हैं । आम जनता को बैंक का बीस फीसदी भी नहीं मिल पा रहा है, अस्सी फीसदी नोट पिछले दरवाजे से गायब कर दिए जा रहे हैं। जिन बैंक वालों की प्रधानमंत्री तारीफ कर रहे हैं उन्ही बैंक वालों ने सरकार को जमकर चूना लगाया है और किचकिच कराई है।

विपक्ष ने नोटबंदी को मुद्दा बनाया तो जनता की परेशानी देखकर, बैंक के बाहर लगी लाइनों को देखकर और इन लाइनों को लंबी करने के जिम्मेदार कमीशनखोर बैंक वाले ही हैं। देश में हर रोज कहीं न कहीं से भारी मात्रा में नए नोट बरामद किये जा रहे हैं ये कहाँ से आ रहे हैं इसका जबाब किसी के पास नहीं है जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से देश के लोग बैंक वालों को ही इसका जिम्मेदार मान रहे हैं। जनता लाइन में खड़ी रहती है बैंक में कैश समाप्त हो जाता है।

Related Article  सादिया अनस लखनऊ पासपोर्ट मामले में सोशल मीडिया पर वायरल इंडिया स्पीक्स की रिपोर्ट के बाद विदेश मंत्रालय जवाब के साथ आया सामने! लेकिन सुषमा स्वराज को बचाने में खुद अपने ही बयान में फंसा?

अगर यह बैंक मैनेजरों की मिली भगत नहीं है तो आखिर कैसे सौ करोड़ से अधिक मूल्य के नए नोट बरामद हो रहे हैं! चैन्नई में 170 करोड़ के नए नोट और 144 करोड का सोना बरामद हुआ है। सरकार तत्परता से कालाबाजारियों और बैंक मैनेजरों के नेक्सस पर प्रहार करे अन्यथा अभी तकलीफ सह कर भी समर्थन कर रही जनता का मूड उखड़ते देर नहीं लगेगी।

नोट: यह लेखक के निजी विचार हैं। IndiaSpeaksDaily इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति उत्तरदायी नहीं है।

Join our Telegram Community to ask questions and get latest news updates
आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध, संसाधन और श्रम (S4) का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Other Amount: USD



Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर