आप मर कर भी जिन्दा रह सकते हैं बस जज्बा पैदा कीजिये!

“जिंदगी जिंदादिली का नाम है, मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते हैं?” … यह पंक्तियाँ सार्थक होती हैं पिथौरागढ़ (बड़ाबे) निवासी गीता देवी पर जिन्होंने मरने के बाद अपने शरीर को दूसरों की जिंदगी में रंग भरने के लिए दान में दे दिया। गीता देवी ने अपना लीवर, किडनियां, दिल और कॉर्निया को दान देते हुए इंसानियत की जो मिशाल कायम की है वह वंदनीय है।

29 अप्रैल को ब्रेन हेमरेज हो जाने के कारण गीता देवी को नोएडा स्थित जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 1 मई को चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया! गीता देवी की इच्छाओं का सम्मान करते हुए उनके परिजनों ने उनके शरीर को दान करने का साहसिक फैसला लिया तथा उनकी एक किडनी और लीवर को जेपी हॉस्पिटल में एक मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित कर दिया गया तथा उनके दिल और दूसरी किडनी को ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग करते हुए क्रमशः मैक्स हॉस्पिटल साकेत और मैक्स हॉस्पिटल वैशाली को पहुंचा दिया गया।

यहाँ एक बात का उल्लेख करना जरूरी है कि नोएडा और दिल्ली पुलिस के सामूहिक प्रयास से बनाये गए ग्रीन कॉरिडोर से यातायात के व्यस्तम समय में भी 32 और 24 किलोमीटर की दूरी को क्रमशः 20 मिनट और 18 मिनट में पूरा कर ऑर्गन्स को सफलतापूर्वक अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद करने के लिए पुलिस प्रशासन बधाई का पात्र है।

गीता देवी का जीवन उन लोगों के लिए सबक है जो छोटी-छोटी बातों और परेशानियों के लिए जीवन को कोसते रहते हैं। जीवन के शुरुवाती समय से ही कदम-कदम पर आने वाली चुनौतियों और विपत्तियों ने उनके जीवन के प्रति नजरिये को टस से मस नहीं होने दिया। उनकी जीवटता का परिचय इस बात से मिल जाता है शादी के कुछ ही दिनों बाद वैधव्य मिलने के बाद भी उन्होंने जिंदगी के प्रति अपना नजरिया नहीं बदला और स्वयं को दूसरों की सेवा में समर्पित कर दिया।

भले ही गीता देवी की मृत्यु पचास साल में हो गयी हो और अब वह इस संसार में नहीं है किन्तु उनके द्वारा दान किये गए अंग अन्य छ लोगों और उनके परिवार वालों के जीवन के नए रंग भरेंगे, इन परिवारों की खुशियों में जीवित रहेंगी गीता देवी! जीवित रहेगा उनका यह प्रयास जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक आदर्श बन कर रहेगा कि “मर कर भी जीवित रहना किसको कहते हैं?” #IndiaSpeaksDaily गीता देवी और उनके परिजनों के जज्बे को सलाम करता है जो मर कर भी जिन्दा रहेंगी उनके द्वारा प्रदान की गयी जीवन की रोशनी देख रहे अन्य लोगों की आँखों में!

आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध और श्रम का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

 
* Subscription payments are only supported on Mastercard and Visa Credit Cards.

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर