‘सत्य हिंदी’ के नाम पर अपने नये आका कांग्रेस के लिए फेक न्यूज के धंधे को आगे बढ़ा रहा है आशुतोष!



Rafale Deal (File Photo)
ISD Bureau
ISD Bureau

जब राफेल डील पर फेक न्यूज गैंग के सारे हथियार भोथ साबित हो गए तो एक बार फिर उसे जिंदा करने के लिए नए सिरे से फेक न्यूज फैलाना शुरू कर दिया है। इसे ‘सत्य हिंदी’ के नाम पर अपने नये आका कांग्रेस के लिए इस फेक न्यूज के धंधे को आशुतोष ने भी आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस बार मामला उठाया है राफेल विमान के नए वर्जन के लिए फ्रांस सरकार द्वारा दिए गए ऑर्डर का।

दरअसल डिफेंस न्यूज नाम की वेबसाइट ने एक खबर प्रकाशित की है कि फ्रांस सरकार ने डसॉल्ट कंपनी से राफेल के 28 F4 स्टैंडर विमान को अपग्रेड करने के लिए दो बिलियन यूरो, यानी 2.4 बिलियन डॉलर की डील की है। लेकिन उसकी इस न्यूज को भारतीय मीडिया के फेक न्यूज गैंग ने तोड़-मरोड़ कर पेश करना शुरू कर दिया। इस संदर्भ में सबसे पहली फेक न्यूज रवि नायर ने फैलाना शुरू किया।

यह वही रवि नायर है जो फेकन्यूज के सरगना माने जाने वाली the wire से जुड़ा है। राफेल डील पर फेक न्यूज फैलाने वालों में रवि नायर अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। और अब आशुतोष अपनी नई वेबसाइट ‘सत्य हिंदी’ के सहारे अपने आका कांग्रेस के लिए फेक न्यूज के धंधे को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। रवि नायर के ट्वीट के आधार पर ही उसने अपनी वेबसाइट में राफेल पर फेकन्यूज चलाना शुरू कर दिया।


@ashutosh83B

रवि नायर की देखा देखी आशुतोष ने भी सत्य को परखे बगैर ही असत्य का साथ देना शुरू कर दिया। उन्होंने भी अपनी ‘सत्य हिंदी’ में फ्रांस सरकार द्वारा महज 2 बिलियन यूरो की कीमत में 28 राफेल F4 विमान का सौदा होने की खबर चलाते हुए भारत सरकार को आईना दिखाना शुरू कर दिया। जबकि उन्हें अपनी साइट को ही सत्य का आईना दिखाने की जरूरत थी। वह यह कि फ्रांस सरकार ने 28 राफेल विमान को अपग्रेड करने का सौदा किया है न कि एफ4 स्टैंडर्ड नए विमान का सौदा किया है।

आशुतोष की असत्य खबर (फेक न्यूज) को वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना ने पकड़ लिया। उन्होंने ट्वीट करते हुए बताया कि फ़्रान्स ने किसी नए विमान की ख़रीद का आदेश नहीं दिया है। बल्कि उसने राफ़ेल के नए F4 को विकसित करने का आदेश दिया है। फ्रांस के एयरफोर्स के पास पुराने कंन्ट्रैक्ट के तहत ही 28 एयरक्राफ़्ट आने हैं। यह बात खुद फ्रांस सरकार ने कही है।

सरदाना के ट्वीट के बाद अपनी साइट पर फेक न्यूज होने की बात को एक तरह से स्वीकार करते हुए आशुतोष ने उसे ठीक करने की बात कही है।

राफेल डील पर फ्रांस सरकार की सच्चाई

फ्रांस सरकार और डसॉल्ड एविएशन के बीच जिस 28 एयरक्राफ्ट को लेकर फेक न्यूज फैलाई जा रही है उसकी सच्चाई कुछ और ही है। सच्चाई यह है कि फ्रांस सरकार ने डसॉल्ट एविएशन को साल 2009 में ही 180 राफेल विमान खरीदने का आदेश दिया था। डसॉल्ट ने बताया है कि उसने जुलाई 2018 तक 151 राफेल विमान की आपूर्ति कर दी है। एक विमान 2018 के ही सेकेंड हाफ में किया जाना था। कंपनी का कहना है कि शेष 28 विमान 2022 से 24 के बीच में आपूर्ति करनी है। फ्रांस सरकार ने इसी 28 विमान को अपग्रेड करने के लिए 2 बिलियन यूरो की डील की है।

जहां तक F4 स्टैंडर्ड विमान खरीदने की बात है तो उसकी सच्चाई यह है कि अभी तक इस बारे में फ्रांस सरकार ने कोई आदेश भी नहीं दिया है। इसके लिए 2023 में आदेश ही दिया जाएगा, क्योंकि उस समय तक F-4 स्टैंडर्ड विमान तकरीबन तैयार हो जाएगा। जहां तक एफ-4 स्टैंडर्ड विमान की आप्रूर्ति की बात है तो इस संदर्भ में डसॉल्ट एविएशन का अपना आकलन है कि वह 2030 में इसकी आपूर्ति करने की स्थिति में होगी।

लेकिन फेक न्यूज गैंग वालों को इतनी जल्दी है कि जो राफेल विमान 2030 में आपूर्ति होने की स्थिति में होगा उसे मोदी सरकार को बदनाम करने की जल्दी में 2022 में आपूर्ति कराने पर आतुर है।

URL : Fake news gang once again spreading fakenews on rafale to defame !

Keyword : fake newsmaker, Rafael Deal, France Govt, Modi Govt


More Posts from The Author





राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सपोर्ट करें !

जिस तेजी से वामपंथी पत्रकारों ने विदेशी व संदिग्ध फंडिंग के जरिए अंग्रेजी-हिंदी में वेब का जाल खड़ा किया है, और बेहद तेजी से झूठ फैलाते जा रहे हैं, उससे मुकाबला करना इतने छोटे-से संसाधन में मुश्किल हो रहा है । देश तोड़ने की साजिशों को बेनकाब और ध्वस्त करने के लिए अपना योगदान दें ! धन्यवाद !
*मात्र Rs. 500/- या अधिक डोनेशन से सपोर्ट करें ! आपके सहयोग के बिना हम इस लड़ाई को जीत नहीं सकते !

About the Author

ISD Bureau
ISD Bureau
ISD is a premier News portal with a difference.