शरीयत में कुत्ते और गधे के समान गंदी हैं महिलाएं!

मीमों के शरीयत कानून में महिलाओं को कुत्ते और गधे जैसा गंदा माना जाता है। यह खुलासा शरीयत कानून के जानकार ने किया है। शरीयत कानून के अमानवीय पक्षों को उजागर करने वाली कनाडा निवासी इंसाफ हैदर ने कहा है कि इस कानून में महिलाओं को इतना बदतर माना जाता है कि उनके अगल-बगल खड़ा होकर अदा होने वाली नमाज को भी अमान्य माना जाता है।

इंसाफ हैदर ने अपने ट्वीट में लिखा है कि अगर कोई मुसलिम महिला, गधे और या कुत्ते के पैसेज से नमाज अदा करता है तो उसका नमाज अवैध घोषित कर दिया जाता है। मालूम हो कि इंसाफ हैदर एक सऊदी अरब-कनाडाई मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वह रईफ बदावी (Raif Badawi) की पत्नी हैं और सक्रिय रूप से उनकी आजादी के लिए अभियान चला रही हैं। इसके साथ ही वह ‘रईफ बदावी फाउंडेशन फॉर फ्रीडम’ के अध्यक्ष हैं। इंसाफ अरब दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा मानवाधिकार जागरूकता के लिए अभियान चलाती हैं।

मालूम हो कि इंसाफ हैदर के पति रईफ बिन मुहम्मद बदावी सऊदी अरब के प्रसिद्ध लेखक और सामाजिक सुधारवादी कार्यकर्ता हैं। लेकिन सऊदी अरब सरकार ने उनके सुधारवादी कार्यों से नाराज होकर उन्हें साल 2012 में गिरफ्तार कर लिया था। वहां की अदालत बहावी को एक हजार कोरे और 10 साल की कारावास की सजा सुना चुकी है। इंसाफ ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब सरकार उनके पति बदावी को धीरे-धीरे यातना देकर हत्या करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा है कि बदावी को एक प्रकार से ‘धीमी मौत’ की सजा दी गई है।

इंसाफ हैदर ने शरीया कानून के गुप्त रहस्यों का खुलासा करने के लिए एक अभियान चला रखा है। इसके लिए उन्होंने #TheRealSharia पर शरीया को लेकर ट्वीट सीरीज चलाने की घोषणा की है। उनके इस अभियान को India speaks daily समर्थन करता है तथा उनके अभियान में शामिल है।

गौरतलब है कि रईफ बदावी सऊदी अरब के उदारवादियों के लिए सऊदी लिबरल नाम से एक वेबसाइट चलाते थे। बदावी को साल 2012 में वहां की सरकार ने वेब माध्यम से इसलाम का अपमान करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में उन पर इसलाम धर्म छोड़ने समेत कई आरोप लगाया गया। अदालत ने सऊदी सरकार की दलील को मानते हुए बदावी को सौ कोड़े तथा दस साल जेल की सजा सुनाई थी।

मालूम हो कि बदावी ने आतंकी संगठन हमास का भी विरोध किया था। इसलिए नहीं क्योंकि हमास इजराइल का दुश्मन है, बल्कि इसलिए क्योंकि उसका उद्देश्य मुसलिम मजहब आधारित सरकार बनाने का है। पति रईफ बदावी की लड़ाई को अब इंसाफ आगे बढ़ा रही है। मुसलमानों की कट्टरता तथा महिलाओं के मानवाधिकार की रक्षा की इस लड़ाई में तारीख फतेह जैसे लेखकों का सहयोग उन्हें मिल रहा है।

URL : How a Person’s prayer can be invalidated for praying in woman’s passage !

Keyword : TheRealSharia, sharia law, human right, Ensaf Haidar, Raif Badawi

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