मोदी सरकार की नीतियों के कारण पहले फ्रांस और अब ब्रिटेन को पछाड़ कर भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर!

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर जो उम्मीद करीब चार महीने पहले जताई थी उस पर अब आईएमएफ (अंतररष्ट्रीय मुद्रा कोष) ने भी मुहर लगा दी है। यानि भारत अगले साल ब्रिटेन को पछाड़कर विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। भारत ने इसी साल फ्रांस को पछाड़कर दुनिया की छठी सबसे वड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बना है। मालूम हो कि इसी संदर्भ अरुण जेटली ने कहा था कि अगर सबकुछ ठीक रहा है अर्थव्यवस्था के आकार के कारण अगले साल ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। उन्होंने कहा था कि देश में बढ़ती खपत और सुदृढ़ आर्थिक गतिविधियों के कारण भारत ब्रिटेन से आगे निकल जाएगा।

जेटली की उम्मीद पर मुहर लगाते हुए आईएमएफ ने कहा है कि 2019 में दुनिया की सबस बड़ी अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में भारत ब्रिटेन से आगे निकल जाएगा। 2018 मे ही फ्रांस को पीछे छोड़ते हुए भारत छठे सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बना था। आईएमएफ का कहना है कि भारत को ये उछाल ब्रिटेश की खराब अर्थव्यवस्था के कारण मिली है। ब्रिटेन महज भारत से ही नहीं बल्कि फ्रांस से पिछड़कर सातवें स्थान पर ढुलक सकता है।

वैश्विक उत्पादन पर भारत समेत उभरते बाजारों की बढ़ती पकड की वजह से ब्रिटने की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। ब्रिटेन की आर्थिक हालात कमजोर होने के लिए ब्रेक्सिट से उसका निकलना भी जिम्मेदार है।

आईएमएफ से पहले भी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग निर्धारित करने वाली दूसरी बड़ी संस्था पीडब्ल्यूसी के अर्थशास्त्री माइक जेकमैन ने ब्रिटेन की रैंकिंग गिरने की बात कही थी। उनका अनुमान था कि जिस प्रकार तीव्र गति से विकास करने वाले देशों में भारत अव्वल है इससे उसकी रैंकिंग सुधरने में लाभ मिलेगा। और हुआ भी वही। साल 2017 में जीडीपी 2,597 अरब डॉलर होने के कारण ही भारत ने भारत ने फ्रांस को पीछे छोड़ा था। क्योंकि 2017 में फ्रांस का जीडीपी 2,582 अरब डॉलर था। वहीं ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का आकार 2,940 अरब डॉलर था। जहां 2018 की बात करें तो जहां फांस और भारत का जीडीपी तेज गति से बढ़ रही वहीं ब्रिटेश का जीडीपी या तो ठहराव पर है या फिर काफी धीमी गति का है।आईएमएफ़ के मुताबिक़ ब्रिटेन की यह स्थिति साल 2023 तक ऐसी ही बनी रहेगी। इसलिए आईएमएफ ने आकलन किया है कि 2019 में ब्रिटेन फ्रांस और भारत दोनों से पिछड़कर सातवें स्थान पर लुढ़क जाएगा। और इसका सीधा फायदा भारत को होगा। क्योंकि फ्रांस तो छठे नंवर पर कायम रहेगा लेकिन भारत छठे स्थान से छलांग लगाते हुए दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

मालूम हो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था रैंकिंग में अमेरिका अभी पहले स्थान पर हैं वहीं चीन दूसरे, जापान तीसरे और जर्मनी चौंथे नंबर पर है। केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली ने कहा था कि भारत में विश्व की अग्रणी तीन अर्थव्यवस्था बनने की पूरी कूबत है। उन्होंने कहा था कि भारत औसतन 7-8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। ऐसे में हम दूसरी बड़ी अर्थवस्था को पीछे छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से 2030-40 तक भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में होगी।’

 

प्वाइंट वाइज समझिए

विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर भारत

* दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर आईएमएफ ने लगाई मुहर

* केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने करीब चार महीने पहले जताई थी यह उम्मीद

* इस साल फ्रांस को पछाड़कर दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत

* अगले साल ब्रिटेन को पछाड़ पांचवें स्थान पर पहुंचने का आईएमएफ का है आकलन

* ब्रिटेन का वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में सांतवे स्थान पर लुढ़कने का आकलन

* साल 2023 तक ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में सुधार होने की नहीं है कोई उम्मीद

* 2030-40 तक दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार होगा भारत

* केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जताई है अपनी उम्मीद

URL : IMF said india will become the fifth largest economy in the world!

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