इंटरनेशनल इंडेक्स ने भी माना कि भारत में बढ़ा है रोजगार! बेरोजगारी पर फेक न्यूज फैलाने वालों के मुंह पर चपत!

एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के सारे नेताओं के साथ पेटीकोट पत्रकार देश में रोजगार की स्थिति को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने में जुटे हैं, जबकि दूसरी तरफ दुनिया में रोजगार की स्थित का डेटा रखने और उसका आकलन करने वाली इंटरनेशनल एजेंसियों ने माना है कि भारत में रोजगार बढ़े हैं। इन एजेंसियों का मानना है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण ही भारत में रोजगार बढ़े हैं। आज दुनिया भर में बढ़ रही बेरोजगारी वाले देशों की सूची में भी भारत सबसे निचले पायदान पर है, जो दर्शाता है कि भारत में अब बेरोजगारी नहीं बल्कि रोजगार बढ़ा है। इंटरनेशनल इंडेक्स के डाटा से साफ जाहिर है कि किस प्रकार दुनिया के अन्य देशों में बेरोजगारी बढ़ रही है, जबकि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की कुशलता के कारण ही आज भारत रोजगार बढ़ाने वाले देशों की सूची में शामिल हो चुका है।

इंटरनेशनल इंडेक्स के डाटा से साफ हो गया है कि युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी वाले देशों की सूची में भारत शुरू के 15 देशों में भी शामिल नहीं है। बेरोजगारी वाले देशों की सूची में 52 प्रतिशत के साथ दक्षिण अफ्रीका पहले नंबर पर है। जो राहुल गांधी अक्सर छुट्टी मनाने अपने ननिहाल इटली चले जाते हैं वहां की बेरोजगारी दर 31 प्रतिशत है। बेरोजगारी दर में भारत का निचले पायदान पर होना यह दर्शाता है कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान यहां रोजगार बढ़ा है। इंटरनेशनल इंडेक्स का यह डेटा मोदी सरकार के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने वालों के मुंह पर तमाचा नहीं तो और क्या है?

इंटरनेशनल इंडेक्स के मुताबिक साल 2019 में सबसे तेज गति से जीडीपी बढ़ने वालों में भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। भारत की जीडीपी 7.4 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) तथा संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी भारत की बढ़ती जीडीपी की प्रशंसा कर चुकी है। दोनों अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भारत की इस उबलब्धि के लिए मोदी सरकार की सराहना की है। 

1. बेहतर नीतियों के कारण आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार हिट

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण ही भारत का डंका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बजने लगा है। आज वैश्विक जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई है।

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण ही भारत का डंका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बजने लगा है। आज वैश्विक जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई है। इतनी बड़ी हिस्सेदारी भारत की कभी नहीं रही है। सोनिया गांधी की ‘मनमोहनी सरकार’ के दौरान यानि साल 2009 में वैश्विक जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी महज 5.6 प्रतिशत थी। इसमें भी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पहली एनडीए सरकार के छह साल का सहयोग था।

2. नौकरी डॉट कॉम के सर्वे रिपोर्ट में रोजगार पर चौंकाने वाला खुलासा

मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए जो लोग बेरोजगारी पर छाती पीट रहे हैं, वे अगर हाल ही में प्रकाशित नौकरी डॉट कॉम की सर्वे रिपोर्ट देखेंगे तो उनकी आंख खुली की खुली रह जाएगी। नौकरी देने वाली सबसे बड़ी वेबसाइट के नाम से प्रसिद्ध नौकरी डॉट कॉम ने भारत में नई नौकरियों की संभावना पर अपनी अगली सर्वे रिपोर्ट प्रकाशित की है। नौकरी डॉट कॉम वेबसाइट हर छह महीने में नौकरी हायरिंग आउटलूक नाम से अपनी सर्वे रिपोर्ट पेश करती है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2019 की पहली छमाही यानि जनवरी से लेकर जून तक में भारत में बड़ी मात्रा में नई नौकरिया निकलने वाली हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह मात्रा पिछली छमाही की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। कहने का मतलब है कि भारत में पिछले एक साल में काफी मात्रा में नई नौकरियां उपलब्ध हुई हैं। देश भर के 84 प्रतिशत रिक्रूटर्स मानते हैं कि देश में भारी मात्रा में नई नौकरियों के अवसर उपलब्ध होने वाले हैं। नौकरी डॉट कॉम की सर्वे रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश में साल 2014 से ही नई नौकरियों का सृजन लगातार बढ़ा है।

3. पिछले 15 महीने में 73 लाख लोगों को मिली हैं नौकरियां

विपक्ष जहां मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए बेरोजगारी को मुद्दा बनाने पर तुला है वहीं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लेकर देसी संस्था तक इस मसले पर मोदी सरकार की पीठ थपथपा रही है। इसके बाद भी राहुल गांधी से लेकर विपक्षी नेता और पेटीकोट पत्रकार फेक न्यूज फैलाने से बाज नहीं आ रहे। देश के कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित रखने वाला कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने इस बार जो डेटा प्रकाशित किया है उससे साफ पता चलता है कि मोदी सरकार ने देश से बेरोजगारी को खत्म करने की दिशा में कितना गंभीर काम किया है। इपीएफ के डेटा के मुताबिक पिछले 15 महीने में मोदी सरकार ने करीब 73.5 लाख लोगों को नौकरियां दी है। ईपीएफ को इस डेटा से कोई सहज अंदाजा लगा सकता है कि मोदी सरकार देश में इससे कहीं अधिक नौकरियां सृजित करने में सफल हुई हैं, क्योंकि देश में ऐसे कितने क्षेत्र और रिक्रूटर हैं जो अपने कर्मचारियों को पीएफ नहीं देते। ऐसे कर्मचारियों की तो ईपीएफओ ने तो गिनती ही नहीं की है।

4. अकेले रेलवे 4 लाख नौकरियां देने जा रहा है : पीयूष गोयल

मोदी सरकार को बदनाम करने वाले विपक्षी नेताओं के साथ पेटीकोट पत्रकारों के फेक न्यूज पर करारा प्रहार करते हुए रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने ऐलान किया है कि आने वाले समय में अकेल रेलवे 4 लाख नई नौकरियां देने जा रहा है। अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग नई नौकरिया नहीं होने का रोना रो रहे हैं दरअसल वे सरकार को बदनाम करना चाहते हैं। क्योंकि नौकरी डॉट कॉम ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में बताया है कि आने वाले कुछ दिनों में देश में बेशुमार नौकरियां आने वाली हैं। उन्होंने कहा कि 56 प्रतिशत नई नौकरियां होंगी।

5. रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने 2.5 लाख अतिरिक्त रिक्तियां घोषित कीं

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे में बंपर भर्ती की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि रेलवे करीब 2.3 लाख लोगों को सीधे रोजगार देगा। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे भर्ती अभियान दो चरणों में चलेगा। 1.5 लाख लोगों को नौकरी देने के लिए तो भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। दूसरे चरण में ढाई लाख लोगों की भर्ती की जाएगी। इनमें 34,000 अनुसूचित जाति, 17,000 अनुसूचित जनजाति, 62,000 ओबीसी कैटोगरी के लोगों की भर्ती होगी। इसके साथ ही सामान्य गरीब वर्ग के लोगों के लिए जो 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है, उनके लिए अतिरिक्त रिक्तियों की व्यवस्था की गई है।

6. भारत जीडीपी में चीन को पछाड़ बढ़ जाएगा आगे

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि भारत अर्थव्यवस्था के आकार के हिसाब से अंतत: चीन से आगे निकल जाएगा। विश्व आर्थिक मंच (WEF) में राजन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है, जबकि चीन में वृद्धि दर धीमी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2019 में 7.5 प्रतिशत और 2020 में 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि चीन की रफ्तार 2019 और 2020 में 6.2 फीसदी रह सकती है।

URL : International Index acknowledged that India has increased employment!

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