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कालाधन का सबसे बड़ा साम्राज्य चिदंबरम एंड फैमिली के पास! अगली बारी कहीं गांधी परिवार की तो नहीं?

एक कहावत प्रचलित है कि अगर चोर को ही तिजोरी की चाबी थमा दी जाए तो चोरी नहीं होगी। लेकिन पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने उस कहावत को ही झूठा साबित कर दिया।। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की छत्रछाया में चली यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने की बजाए अपनी अर्थव्यवस्था एक छोटे से राज्य की कुल अर्थव्यवस्था के बराबर कर ली है। यह आरोप हमारा नहीं बल्कि देश के आयकर विभाग का है।

आयकर विभाग के मुताबिक पी चिदंबरम की करीब 20,000 (बीस हजार करोड़) वाली अर्थव्यवस्था का साम्राज्य एक-आध देश तक नहीं बल्कि 14 देशों में फैला हुआ है। चिदंबरम और उनके परिवार के अलग-अलग देशों में अघोषित 22 बैंक खाते हैं। लेकिन इन्होंने कभी भी अपने हलफनामों में इन संपत्तियों का न तो पूर्ण रूप से न ही आंशिक रूप से जिक्र किया। चिदंबरम के कालेधन को देखकर तो यही लगता है कि वे भारत में पाकिस्तान के नवाज शरीफ हैं। फर्क इतना है कि शरीफ को दोषी ठहराते हुए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सजा दे दी है, जबकि चिदंबरम का मामला अभी खुला है। जिस प्रकार से कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी नेशनल हेराल्ड केस के मामले में जमानत पर चल रहे हैं कहीं उनका आर्थिक साम्राज्य भी काले पैसे पर तो टिका नहीं है? वैसे चिदंबरम के राज खुलने से गांधी परिवार के राज भी खुल सकते हैं, जिसको लेकर स्वयं गांधी परिवार और पूरा वंशवादरी कुनबा डरा हुआ है।

मुख्य बिंदु

* 14 देशों में फैला हुआ है पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की काली अर्थव्यवस्था का साम्राज्य
* पी चिदंबरम के परिवारों के अलग-अलग देशों में खुले हुए हैं 22 अघोषित बैंक एकाउंट
* आयकर विभाग के मुताबिक चिदंबरम के पास है 22 हजार करोड़ की अघोषित संपत्ति
* काश ! चिदंबरम अपनी अर्थव्यवस्ता की बजाए देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाए होते

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तो संदेह जताकर यही संकेत दिया है। मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने अपने पहले फैसले में ही SIT गठित करने का फैसला कर ब्लैक मनी से लड़ने की मंशा कर दी थी। लेकिन चिदंबरम के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनियां गांधी ने काफी अड़ंगा लगाया था। पी चिदंबरम और उनके परिवार के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा चार आरोपपत्र दाखिल करने के बाद शाह ने ट्वीट में लिखा है कि शायद यही कारण रहा हो? जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ववर्ती सरकार को ही SIT गठित करने का आदेश दिया था।

अब सवाल उठता है कि चिदंबरम परिवार के खिलाफ आयकर विभाग ने अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की? जवाब आसान है! ‘जब संईया भइल कोतवाल तो डर काहे का।’ अब आरोपित चिदंबरम और उनके परिवार वाले एनडीए सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगा रहे हैं। यूपीए सरकार के कार्यकाल में कार्रवाई नहीं हुई, जबकि तब चिदंबरम स्वयं वित्त मंत्री थे, वहीं वर्तमान एनडीए सरकार पर राजनीतिक विद्वेष से कार्रवाई करने का आरोप लगाया जा रहा है। अब सवाल उठता है कि जब देश की आर्थिक क्षति का मामला सामने आया हो ऐसे में कार्रवाई होना उचित है या नहीं होना? आयकर विभाग ने पी चिदंबरम, उनके बेचे कार्ति चिदंबरम, उनकी पत्नी नलिनी और बहू श्रीनिधि के खिलाफ ब्लैकमनी की धारा 50 के तहत चेन्नई कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। आरोप पत्र में चिदंबरम के खिलाफ अपनी संपत्ति का आशंकि या पूर्व ब्योरा नहीं देने का आरोप लगाया है।

रस्सी जल गई पर बल नहीं गया। आयकर विभाग ने आरोप पत्र दाखिल कर दिए हैं, लेकिन कार्ति चिदंबरम ने इस मामले की जांच में सहयोग करने से मना कर दिया है। उसका कहना है कि उसे जो विवरण देना था वह पहले ही दे चुके हैं। इसके अलावा चिदंबरम परिवार ने मद्रास हाईकोर्ट में इस मामले को चुनौती दी है। आयकर विभाग का कहना है कि ये आरोप पत्र मामले की जांच कर इसे तार्किक परिणति तक पहुंचाने तथा इसकी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखने के लिए दाखिल किए गए हैं। आयकर विभाग ने तो पिछले साल ही पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ काला धन अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी, जब उन्हें कानून का उल्लंघन करते हुए विदेश में संपत्ति अर्जित करने में संलिप्त पाया था।

मोदी सरकार ने 2015 में ब्लैक मनी को लेकर जो कानून बनाया था उस कानून के मुताबिक अपराध साबित होने पर अपराधी को 120 प्रतिशत टैक्स और जुर्माने के साथ 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। इतना सबकुछ होने के बाद भी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम अभी भी गृह मंत्रालय के संसदीय समिति के सदस्य हैं। तभी तो भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को ट्वीट कर कहा है कि राज्यसभा के सभापति को चिदंबरम को संसदीय समिति से हटाने की बात कही जानी चाहिए।

चिदंबरम से जुडी अन्य ख़बरों के लिए नीचे पढें;

1- कानून की पढ़ाई करने वाला चिदंबरम परिवार आखिर कैसे 20,000 करोड़ रूपयों की संपत्ति को टैक्स रिटर्न में शामिल करना भूल गया?

2- पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के विदेशी बैंकों में 21 गुप्त खाते !

3- P. Chidambaram and Karti Chidambaram Exposed: ‘बेटा’ तो बेटा ‘पिता’ बाप रे बाप!

4- पी. चिदंबरम की फैक्ट्री से निकले थे दो चेले, दोनों महाभ्रष्टाचारी और दोनों ने किया जेल की सैर!

URL: IT Department files charge-sheets against P Chidambaram and family members under black money act-1

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