जिस काशी को छह-सात साल में नहीं देखा जा सकता उसे आईआईपी ने 20 मिनट में दिखा दिया : मनोज तिवारी



IIP Photo Exhibition
ISD Bureau
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फोटोग्राफी (फाउंडेशन) ने ‘काशी एक उत्सव’ कार्यक्रम के तहत जीवंत फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया। नोएडा सेक्टर 2 स्थित बी-7 कार्यालय में काशी आधारित फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन काशी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र तथा भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी ने किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर फोटो प्रदर्शनी के लिए बनाई गई फोटो गैलरी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी के उद्घाटन मौके भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय, सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल, भाजपा नेता शांत प्रकाश जाटव मौजूद थे।

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काशी की पौराणिकता तथा संस्कृति पर आधारित इस प्रदर्शनी की सांसद मनोज तिवारी ने काफी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वैसे तो मैं बिहार का रहने वाला हूं लेकिन रहना और पढ़ना लिखना काशी में रहकर। लेकिन उतने दिनों तक रहने के बाजजूद पूरी काशी को मैं नहीं देख पाया उसी पूरी काशी को मैंने यहां महज 15 मिनट में देख लिया। उन्होंने कहा कि जिस काशी को देखने के लिए छह सात साल अध्ययन की जरूरत पड़ती है उस काशी को आईआईपी ने फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को मिनटो में दर्शन करा दिया है।

इस प्रदर्शनी में लगी तस्वीर की जिस प्रकार मनोज तिवारी ने बारीकी से व्याख्या की है उसे देखकर निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि यह काम कोई काशी का बेटा ही कर सकता है। इस प्रदर्शनी में लगी दो तस्वीरों की खास रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक तस्वीर निर्जन में खड़े व्यक्ति की है। यह तस्वीर इतनी मनोरम है कि लगता है कि आत्मा उस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर रही है। आत्मा प्रवेश के समय जैसी शांति और सुख उस व्यक्ति के चेहरे पर विद्यमान है। ऐसा दृश्य काशी मे ही हो सकता है। दूसरी तस्वीर में प्रदर्शित काशी स्थित मोक्ष धाम की है। तिवारी ने बताया कि पूरी दुनिया में काशी ही ऐसी जगह है जहां लोग मृत्यु की इच्छा लेकर आते हैं क्योंकि यहां मरने से लोगो को मोक्ष मिलती है। इसलिए इसे मोक्षधाम भी कहते हैं। तीसरी तस्वीर में प्रदर्शित काशी की लिट्टी के बारे में बताया।

इस मौके पर इस प्रदर्शनी के आयोजक आईआईपी के संचालक से उन्होंने एक आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आप ने काशी की अद्भुत पौराणिक तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई है वैसे ही आप अन्य शहरों की भी तकनीकी के माध्यम से स्पिंग के तहत बारी-बारी से लगा सकते हैं। इससे आप अपने दफ्तर में बैठे एक साथ कई शहरों की पौराणिकता को जीवंतता प्रदान कर सकते हैं। मनोज तिवारी ने पुरानी काशी के साथ ही अलग से नई काशी की तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि जब से मोदी यहां के सांसद बने है तब से यहां की तस्वीर काफी बदल गई है इसलिए नई काशी की तस्वीरों की प्रदर्शनी भी लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले जहां एयरपोर्ट से शहर आने में दो से ढाई घंटे लग जाते थे वहीं अब महज 20 मिनट लगते हैं। क्योंकि वहां अब चमकती हुई सड़क बन गई है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी अद्भुत है लेकिन एक कमी खलती है। वह यह जो काशी गौरी और पार्वती के नाम से प्रख्यात है उसी पर आयोजित प्रदर्शनी में गौरी पार्वती की एक साथ कोई तस्वीर नहीं दिखी।

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इस मौके पर जहां प्रदर्शनी के आयोजक शैलेश जी राजेश जी की प्रशंसा की वहीं संदीप देव को निर्भीक पत्रकार बताया। उन्होंने कहा कि यही एक ऐसा पत्रकार है जो कभी नौकरी की चिंता नहीं करता। सच लिखने के चलते वह कुछ भी कर सकता है।

इस मौके पर उन्होंने मोबाइल की उपयोगिता और अनिवार्यता के बारे में बताते हुए कहा कि मोबाइल फोन आज की जरूरत और उपयोगी बन चुका है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि हमलोगों ने एक ऐलान नाम की एक पूरी फिल्म ही मोबाइल से बना ली है। वह फिल्म अभी आई नहीं है, आने वाली है। उन्होंने कहा कि अनुराग कश्यप ने तो अपनी फिल्म ‘गैंग ऑफ वासेपुर’ के कई दृश्य तो उन्हों मोबाइल से ही शूट किया था।

मनोज तिवारी के स्वागत करते हुए आईआईपी फाउंडेशन के संचालक राजेश गोयल ने कहा कि इस प्रदर्शनी में मनोज जी के आ जाने भर से गौरवान्वित महसूस करता हूं। उन्होंने संस्थान के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि युवाओं के जीवन को जीवंत करने क लिए फोटोग्राफी सिखाने के लिए इसकी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अभी तक इस संस्था से 15 हजार छात्र पढ़कर निकल चुके हैं और अभी देश-दुनिया में फैलकर फोटोग्राफी कर रहे हैं।

इतना ही नहीं इस संस्था से पूरी दुनिया के 35 देशों के छात्र-छात्राएं जुड़े हुए हैं। इस संस्था में छात्रों को अपने देश के संस्कारों और बेहतर माहौल जैसे स्थितिपरक फोटोग्राफी की शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि काशी ही ऐसी जगह है जहां आज भी जीवंतता कायम है। इसलिए हमलोगो वहां अपने छात्रों को भेजते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में नवंबर में कुछ बच्चे एक बार फिर काशी जा रहे हैं।

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वहीं इस मौके पर मौजूद भाजपा नेता शांत प्रकाश जाटव ने कहा कि इस प्रदर्शनी को देखते हुए मुझे एक बार तो ऐसा लगा कि मैं दोबारा काशी पहुंच चुका हूं। काशी में होने का एहसास यही प्रदर्शनी दे सकती थी। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में लगी तस्वीर में कोई लिट्टी को पहचान सकते थे वो मनोज जी ही हो सकते थे।

URL: Kashi can not be seen in six years, IIP has shown in 20 minutes: Manoj Tiwari

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