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कश्मीरी अलगाववादी का ऐलान, हम भारत से लड़ते रहेंगे और भारत सरकार से पेंशन भी लेते रहेंगे।

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सपोले को दूध पिलाना देश के हित में कभी नहीं होता, सरकार को इस पर ध्यान देना होगा, लोकतंत्र के नाम पर अपने संशाधनो से कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुरियत कॉन्फ्रेंस जैसे दुश्मनों को पालने का खामियाजा भारत सालों से भुगत रहा है। लेकिन अब बहुत हो गया। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के महासचिव और पूर्व विधायक गुलाम नवी सुमजी जैसों पर लगाम लगाना जरूरी है। सुमजी ने अपने एक बयान में कहा है कि वह भारत के खिलाफ युद्ध भी जारी रखेगा और पूर्व विधायक के रूप पेंशन जैसी खैरात भी लेता रहेगा। सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों की पेंशन तत्काल बंद की जाए तथा देश के खिलाफ युद्ध लड़ने की बात कहने के लिए तुरंत जेल में डाला जाए।

मुख्य बिंदु

* गुलाम नवी एक तरफ सरकार से खैरात की भीख मांगता है दूसरी तरफ सरकार को ललकारता है

* उसके के दो साल विधायकी का हर्जाना जम्मू-कश्मीर की सरकार 1989 से आज-तक भरती आ रही है

सुमजी जैसे नेताओं को कभी शर्म नहीं आती है। ये लोग जिस थाली में खाता है उसी में छेद भी कर देता है। वह अपनों का भी सगा नहीं होता। तभी तो कश्मीर को भारत से अलग करने के नाम पाकिस्तान को भी मूर्ख बनाता रहा है और भारत को भी। क्योंकि इन जैसों को खैरात खाने की आदत सी पड़ गई है। तभी तो देश के खिलाफ सरेआम युद्ध लड़ने के साथ ही उसी देश से पेंशन लेने को अधिकार बता रहा है। सुमजी ने अपन पेंशन और एरियर के लिए अप्लाई भी कर दिया है।

उसने कहा है कि हमलोग भारतीय सेना की घाटी में मौजूदगी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे है, लेकिन पूर्व विधायक के रूप में पेंशन और उसका एरियर लेना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसे हम कभी नहीं छोड़ेंगे। वह अनंतनाग के शाली बग विधानसभा से 1987 से 89 के बीच विधायक रहे हैं। लेकिन जब 1989 में राज्य में सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ तो उसने विधायक पद से इस्तीफ दे दिया तथा मुस्लिम प्रतिनिधि के रूप में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस में शामिल हो गया। महज एक बार वह भी एक तिहाई समय के लिए रहे विधायक पद से जरूर इस्तीफा दे दिया लेकिन उसका हर्जाना आज तक हमारी सरकार से वसूल रहा है। और ऊपर से कहता है कि कोई मुझे खैरात नहीं दे रहा है, चूंकि मैं विधायक था इस नाते यह मेरा अधिकार है। गुलाम नवी सुमजी की गिनती हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के सबसे धनी नेताओं में होती है, लेकिन अपनी बढ़ी हुई पेंशन और एरियर के लिए एक भिखारी की भांति जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सचिव को चिट्ठी लिखी है।

अंग्रेजी में लिखी उनकी चिट्ठी सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुई ऐजाज वानी नाम के एक फेसबुक यूजर जबरदश्त टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा है खरगोश लेकर भागने तथा शिकारी कुत्ते से शिकार करने का अनूठा मामला है।

URL: Kashmiri separatist announcement will continue to fight against India and continue get pension

Keywords: कश्मीर, अलगाववादी संगठन, हुरियत नेता, गुलाम नवी सुमजी, भारतीय सेना, Ghulam Nabi Sumji, Hurriyat leader, former MLA, revised pension, Jammu Kashmir Assembly, Kashmiri separatist

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