मीडिया के फर्जीवाड़े के कारण मर रहे हैं जवान, आखिर कब लगेगी मीडिया के झूठ पर रोक?

आप सभी को याद होगा, मैंने बहुत पहले कई लेख लिखा था कि किस तरह से देश, मोदी सरकार, भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए 2014 के बाद बड़े-बड़े लेफ्ट जर्नलिस्ट अपना वेब पोर्टल लेकर आ गये हैं और फर्जी खबरों के जरिए देश को बदनाम करने में जुटे हैं।

आज उन्हीं में से राघव बहल के ‘द क्विंट’ सहित एक मराठी चैनल पर आरोप है कि उसके रिपोर्टर के फर्जीवाड़े की वजह से एक जवान को आत्महत्या करनी पड़ी है। उस रिपोर्टर ने आपसी बातचीत में जवान का स्टिंग कर लिया था। सरकार को एक पल भूल जाइए। ये आर्मी आखिर अपने यहां मीडिया को आने क्यों देती है? आर्मी मना कर दे तो किसी सरकार की हिम्मत नहीं है जो इसकी परमिशन दे। एनडीटीवी व बरखा ने इसकी शुरुआत की थी। उसके बाद से आर्मी का इतना नुकसान हो चुका है, लेकिन आज भी आर्मी सचेत नहीं हो रही है और मीडिया को टूर कराती रहती है।

मैंने इस ओर भाजपा नेतृत्व का ध्यान तभी खींचा था जब सिद्धार्थ वरदराजन के ‘द वायर’ ने यह झूठी खबर चलाई थी कि आयुष विभाग में एक भी मुसलमान को जाब नहीं दिया जा रहा है। फर्जी आरटीआई के जरिये सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गयी थी।

आज ‘द क्विंट’, ‘द वायर’, ‘कैच’, जैसे कुकुरमुत्ते अपनी विरोधी विचारधारा की सरकार का विरोध करते करते देश विरोध में संलग्न हैं। आज तो एक ने एक जवान की जान भी ले ली है! भाजपा अपने पक्ष में वेब का एक संजाल खड़ी करे, अन्यथा बराक ओबामा ने चुनाव हारने के बाद जो कहा था उसे याद कर ले! बराक ने कहा था-‘ हमें हराने के लिए वेब का जाल फैलाया गया जो फेसबुक के जरिये फर्जी खबर का लिंक बड़ी तेजी से फैलाते थे।’

मैं इन एक एक वेब के पीछे के चेहरों को बेनकाब करूंगा। लेकिन मेरे एक के करने से क्या होगा। जबतक भाजपा इन फर्जी पत्रकारों व वेब के मुकाबले राष्ट्रवादी वेब का बड़ा जाल नहीं खड़ा करेगी, इन लेफ्ट पत्रकारों के झूठ को बेनकाब करना मुश्किल है। यह राष्ट्रवादी वेब इन लेफ्ट वेब के हर फर्जीवाड़ा को काटे, न कि केवल सरकार की नीतियों या संगठन के आदि पुरुषों आदि का गुणगान करे। विरोध को काटने के लिए वार भी उतना ही तीखा होना चाहिए।

यह सोशल मीडिया का युग है। मेन स्ट्रीम मीडिया के अप्रभावी होने पर लेफ्ट-कांग्रेसी पत्रकारों और बड़े फंडिंग हाउस के जरिये सोशल मीडिया पर खेल शुरू हो चुका है। कब तक निस्वार्थ राष्ट्रवादी के भरोसे भाजपा लड़ती रहेगी। अपनी मारक टीम तैयार करे। इस जवान की आत्महत्या को हम ऐसे ही जाने नहीं दे सकते हैं!

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Sandeep Deo

Sandeep Deo

Journalist with 18 yrs experience | Best selling author | Bloomsbury’s (Publisher of Harry Potter series) first Hindi writer | Written 8 books | Storyteller | Social Media Coach | Spiritual Counselor.

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