जो अजय माकन अपने घर का बूथ नहीं बचा सके, वह कांग्रेस को जीत क्या दिलाएंगे?

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंदर सिंह लवली आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के समक्ष भाजपा में शामिल हो गए। यह तो होना ही था, क्योंकि वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन के अहंकार और झूठ के कारण कांग्रेस के बड़े नेता उपेक्षित महसूस करने लगे हैं। 13 तारीख को दिल्ली के राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव का परिणाम बहुत कुछ कहता है। इस सीट पर भाजपा-अकाली ने कब्जा किया है। यह सीट बीजेपी और अकाली दल ने आम आदमी पार्टी से छीनी है। 2015 से पहले यह सीट परंपरागत रूप से कांग्रेस और खासकर अजय माकन की सीट रही है। लेकिन ताज्जुब देखिए कि अजय माकन का घर जिस बूथ क्षेत्र में है, वह वहां से भी बुरी तरह से हारे हैं। इसके बावजूद वह ऐसे जश्न मना रहे हैं, जैसे कोई किला फतह कर लिया हो! दरअसल वह केवल कांग्रेस आलाकमान सोनिया व राहुल गांधी की आंख में धूल झोंकने के लिए अपने दूसरे स्थान पर आने को अपनी जीत बता रहे हैं। सच तो यह है कि यहां केजरीवाल से बड़ी अजय माकन की हार हुई है।

2015 में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सुनामी में राजौरी गार्डन से आपा की जीत हो गई थी। अन्यथा, इससे पहले यह दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन की सीट रही है। माकन 1990 के दशक से यहां से चुनाव जीतते रहे हैं। इसके बगल वाली सीट विष्णु गार्डन व ख्याला पर कांग्रेस के दयानंद चंदीला व उनके परिवार का एकछत्र कब्जा रहा है। इस बार कांग्रेस ने उन्हीं की बहु मीनाक्षी चंदीला को टिकट दिया था। दयानंद चंदीला निर्दलीय और झारखंड मुक्ति मोर्चा तक की टिकट पर यहां से चुनाव जीत चुके हैं। इसलिए यह कांग्रेस से बड़ी अजय माकन और चंदीला की हार है।
इसके बावजूद यदि अजय माकन दूसरे स्थान पर आने की खुशी मना रहे हैं, तो यही माना जाएगा कि जमीनी राजनीति से अनजान राहुल गांधी को मूर्ख बनाने व दिखाने के लिए वह यह सब पाखंड कर रहे हैं। शीला दीक्षित के जमाने से अजय माकन राहुल गांधी की चापलूसी करते रहे हैं और शीला दीक्षित को दिल्ली की राजनीति से बेदखल करने की साजिश रचते रहे हैं। आज शीला दीक्षित दिल्ली की राजनीति में नहीं हैं तो माकन अपने घर का बूथ तक नहीं बचा पाए हैं!

अजय माकन का घर पोलिंग बूथ नंबर 154 में है। यहां से तो आम आदमी पार्टी भी माकन की कांग्रेस से आगे निकल गई है। इस बूथ में कांग्रेस को 81 वोट मिला तो आपा को 82 वोट मिला है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी कहते हैं कि अजय माकन के लिए तो अभी भी केजरीवाल की लहर है। आखिर उनके घर के बूथ में केजरीवाल की पार्टी उनसे एक वोट ज्यादा पाने में सफल जो रही है! भाजपा को यहां 303 वोट मिला है।

इसके बगल में बूथ संख्या- 153 में कांग्रेस को 94, आपा को 47 तो भाजपा को 196 वोट मिला है। यानी जो सीट दशकों से अजय माकन के प्रभुत्व वाली रही है, जहां उनका कर्मक्षेत्र के साथ घर भी रहा है, वहीं की जनता ने उन्हें बुरी तरह से नकार दिया है। ऐसे में कांग्रेस के डूबते जहाज को हर बड़ा नेता छोड़ छोड़ कर जा रहा है तो यह सीधे तौर पर अजय माकन की नाकामयाबी है। जनकपुरी से कांग्रेस की टिकट पर दो बार चुनाव लड़ चुके शिव कुमार सौंधी का अजय माकन से निजी और घरेलू संबंध था, वह माकन का दायां हाथ थे, लेकिन वह भी कुछ दिन पहले जनकपुरी के मिलाप नगर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजू रावल सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

शिव कुमार सौंधी कहते हैं, जो आदमी अध्यक्ष बनते ही अपने वरिष्ठ साथियों व कार्यकर्ताओं को सुनना तक नहीं चाहता हो, वह जनता का नेता क्या बनेगा? वास्तव में राजौरी गार्डन की हार कांग्रेस से बड़ी अजय माकन की हार है और इसे वह जितना जल्दी समझ लें उतना बेहतर होगा।

कांग्रेस से भाजपा में शामिल पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजू रावल के अनुसार, हम सभी दशकों से कांग्रेस के कार्यकर्ता थे, लेकिन अजय माकन के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कोई मोल नहीं रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी देश के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। इतने व्यस्त होते हुए भी ये लोग आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को अपना समय और सम्मान दोनों देते हैं। यह कांग्रेस व भाजपा के बीच की कार्यशैली का सबसे बड़ा अंतर है। राजू रावल के मुताबिक, भाजपा को इससे पूर्व दिल्ली में शायद ही कभी 52 फीसदी वोट मिला हो, लेकिन राजौरी गार्डन में मिले इतने प्रतिशत वोट दर्शाते हैं कि जनता का विश्वास भाजपा में है। हम भाजपा का हाथ मजबूत करने आए हैं, क्योंकि वह जनता का सम्मान करती है।

उधर, राजौरी गार्डन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी की जमानत तक नहीं बची। ऐसा भारत के चुनावी इतिहास में कम ही हुआ है, जब प्रचंड बहुमत से सत्तासीन हुई पार्टी केवल दो वर्ष में अपना जमानत भी नहीं बचा पाई हो। आपा के उम्मीदवार को 10 हजार मत मिले। बीजेपी के चुनाव चिह्न पर अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने चुनाव लड़ा था और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की मीनाक्षी चंदीला को 14652 मतों के अंतर से चुनाव हराया। कांग्रेस की मीनाक्षी चंदीला दूसरे स्थान पर रहीं और आम आदमी पार्टी के हरजीत सिंह तीसरे नंबर पर आए।
चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी के मनजिंदर सिंह सिरसा को 40602 वोट मिले जबकि कांग्रेस की मीनाक्षी चंदेला को 25950 वोट मिले और आप के हरजीत सिंह को 10243 वोट मिले। इससे साफ है कि बीजेपी के प्रत्याशी को कुल 78091 वोट में से 51.99 प्रतिशत मत मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 33.23 प्रतिशत वोट मिले और आप के प्रत्याशी हरजीत सिंह को 13.11 प्रतिशत मत पड़े।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी कहते हैं, भाजपा ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रही है। हम जनता के जीवन में बदलाव लाना चाहते हैं, इसलिए इस बदलाव में जो भी साफ-सुथरी छवि के लोग भागी बनना चाहते हैं, उनका स्वागत है।

आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध और श्रम का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

 
* Subscription payments are only supported on Mastercard and Visa Credit Cards.

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078
ISD Bureau

ISD Bureau

ISD is a premier News portal with a difference.

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर