मोदी सरकार ने महबूबा मुफ़्ती से करवाया सरकारी आवास खाली!

नरेंद्र मोदी सरकार ने अलगावपरस्त राजनीतिक पार्टियों को सबक सिखाने का मन बना लिया है। तभी तो हालात नहीं सुधरने पर पहले जम्मू-कश्मीर में चल रही गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लिया और अब पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की मुखिया महबूबा मुफ्ती से आवास भी खाली करा लिया है। मोदी सरकार ने महबूबा से दिल्ली स्थित 5, अकबर रोड आवास खाली करा लिया है। हालांकि महबूबा मुफ्ती को यह कदम तभी उठा लेना चाहिए जब वह प्रदेश की मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और सांसद के पद से इस्तीफ़ा दिया था।

महबूबा मुफ्ती सत्ता में रहते हुए भारत और जम्मू स्थित हिंदुओं को बदनाम करने का कुचक्र रचा था। इसका साक्षात उदाहरण कठुआ केस है। प्रोफेसर हरि ओम ने आरोप लगाया है कि महबूबा मुफ्ती और मुसलिम बाहुल्य कश्मीर के क्राइम ब्रांच ने जम्मू के हिंदुओं को बदनाम करने और वहां से भगाने के लिए कठुआ कांड का षडयंत्र रचा था। इस षड्यंत्र में सुन्नी समुदाय से जुड़े पत्रकारों ने उनका खूब साथ निभाया। इसके पीछे इनलोगों की मंशा किसी प्रकार डरा धमका कर यहां से हिंदुओं को पलायन करने पर मजबूर करना तथा वहां पर जिहादियों को बसाकर जम्मू को भी कश्मीर जैसा बनाने की थी। और फिर पाकिस्तान को पूरे जम्मू-कश्मीर से मदद पहुंचाना था।

मुख्य बिंदु

* महबूबा मुफ्ती, कश्मीर के क्राइम ब्रांच और सुन्नी पत्रकारों ने मिलकर रचा था कठुआ कांड का षड्यंत्र

* पटेल नहीं अकेले जवाहरलाल नेहरू था कश्मीर समस्या की जड़, उसी ने पाक को मदद करने की रची थी साजिश

जम्मू-कश्मीर आधारित राजनीतिक पार्टियां दरअसल कश्मीर समस्या का समाधान करना ही नहीं चाहती है, क्योंकि समस्या के समधान होते ही न उन्हें भारत को लूटने का मौका मिलेगा साथ ही पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी सगंठनों से भी फंड आना बंद हो जाएगा। सभी जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर का एक ही समाधान है। वह है जम्मू-कश्मीर का तीन भाग में विभाजन, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख को अलग राज्य बना दो और फिर कश्मीर को दो भागों में बांटकर एक भाग को वहां से भगाए गए हिंदू पंडितों के लिए गृह क्षेत्र घोषित कर दो। यही एकमात्र समाधान है जिससे अंतर-सांप्रदायिक क्षेत्र सौहार्द्रपूर्ण बन सकेगा। ध्यान रहे कि भारत विरोध के नाम पर कश्मीर के सारे मुसलिम नेता घोर सांप्रदायिक हैं।

कांग्रेस ने अब कश्मीर समस्या के लिए नेहरू की बजाय पटेल को दोषी ठहराने के साथ उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास में जुटी है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के चमचे सैफुद्दीन सोज की किताब का सहारा लिया है। जबकि सच तो यह है कि कश्मीर समस्या के लिए पटेल नहीं बल्कि भारत का अंतिम गवर्नर जनरल माउंटबेटन और स्वयं जवाहरलाल नेहरू ने भारत के खिलाफ साजिश कर कश्मीर मसले पर पाकिस्तान की मदद की थी। या यूं कहें कि कश्मीर समस्या के लिए अकेले नेहरू ही जिम्मेदार था। क्योंकि उसी ने जम्मू-कश्मीर को गृह मंत्रालय से अलग कर उसे विदेश मंत्रालय के साथ जोड़ा था।

भारतीय जनता पार्टी ने जैसे ही पाक परस्त महबूबा मुफ्ती को उसके मुख्यमंत्री दफ्तर से दफा किया सबसे ज्यादा खुशी राष्ट्रवादी कश्मीरियों को हुई। सभी ने मुक्त कंठ से मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाने के फैसले का स्वागत किया। प्रोफेसर हरि ओम ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ट्वीट कर आगाह भी किया है कि अगर जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करना चाहते हैं तो जिस प्रकार महबूबा मुफ्ती को सत्ता से बेदखल किया है उसी प्रकार जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के जिम्मेदार फारुक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, मिरवैज उमर, यासिन मलिक जैसे नेताओं पर लगाम लगाना जरूरी है।

URL: Modi government asked Mehbooba Mufti leave Delhi accommodation

Keywords: Modi government, Mehbooba Mufti, Mehbooba Mufti Delhi accommodation, PDP, BJP, kashmir issue, jawahar lal nehru, मोदी सरकार, महबूबा मुफ़्ती, महबूबा मुफ़्ती दिल्ली आवास, पीडीपी, भाजपा, कश्मीर समस्या, जवाहर लाल नेहरु

आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध और श्रम का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

 
* Subscription payments are only supported on Mastercard and Visa Credit Cards.

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर
The Latest