राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के डिले टैक्टिस को समझकर प्रधानमंत्री ने चलाया ‘राम बाण’!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदीर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के डिले टैक्टिस को भांपते हुए अब इस मामले में अपना ‘राम बाण’ चला दिया है। अयोध्या मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर विवादित 2,77 एकड़ जमीन के आसपास के करीब 67 एकड़ जमीन असली भूमि मालिकों को वापस करने की मांग की है। अयोध्या मामले को लेकर मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन कर जो 67 एकड़ जमीन असली मालिक को लौटाने की जो मांग की है उस पर इंडिया स्पीक्स डेली के संस्थापक संपादक संदीप देव ने जो त्वरित विश्लेषण किया है उसे आप भी सुनिए और समझिए।

सुप्रीम कोर्ट कवर करने वाले अमर उजाला के विशेष संवाददाता राजीव सिन्हा ने इस संदर्भ में ट्वीट करते हुए लिखा है कि केंद्र सरकार ने अयोध्या विवादित स्थल के समीप 67 एकड़ जमीन अधिग्रहण की थी। लेकिन साल 2003 में सुप्रीम कोर्ट ने वहां यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दे दिया था। मोदी सरकार ने अब सुप्रीम कोर्ट से अपना वही आदेश वापस लेते हुए विवादित भूमि को छोड़ शेष 67 एकड़ जमीन असली मालिक को लौटाने की मांग की है।

सरकार ने इस मामले में आवेदन दाखिल कर कहा है कि जमीन का विवाद सिर्फ 2.77 एकड़ का है। इसके अतिरिक्त बाकी जमीन पर कोई विवाद नहीं है। इसलिए उस पर यथास्थित बरकरार रखने की कोई जरूरत नहीं है। मोदी सरकार ने सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से साल 2003 में दिए अपने आदेश में बदलाव करने को कहा है। ध्यान रहे तत्कालीन सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उस जमीन पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दे दिया था।

मोदी सरकार के इस कदम का राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष राम विलास वेदांती ने समर्थन करते हुए खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार का स्वागत योग्य कदम है। मालूम हो कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या के विवादित राम मंदिर-बाबरी मस्जिद को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कहा है कि विवादित जमीन छोड़कर बाकी बची जमीन मालिकों को वापस लौटाई जाए।

मोदी सरकार ने कहा है कि 67 एकड़ जमीन गैर विवादित है और इसे राम जन्मभूमि न्यास को लाटौई जाए। केंद्र सरकार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट विवादित जमीन पर सुनवाई करते रहे लेकिन जो विवादित जमीन नहीं है उसे लौटाया जाए। ताकि मंदिर का कार्य शुरू हो सके। केंद्र सरकार का कहना है कि जो विवादित जमीन नहीं है उस पर तो मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया ही जा सकता है।

वहीं प्रयागराज कुंभ में योगी सरकार के कैबिनेट की बैठक चल रही है। यूपी सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले में बार-बार सुनवाई की तारीखों को बदलना एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट ऐसा कर हिंदुओं की धैर्य की परीक्षा ले रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज इस साजिश से भलीभांत वाकिफ है। मोदी सरकार के सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देकर गैर विवादित जमीन असली मालिक को लौटाने की मांग करने के फैसले से कुंभ में जमा हुए साधु महात्माओं में खुशी की लहड़ दौर गई है। उन्हें लगने लगा है कि मोदी सरकार अब राम मंदिर बनवा कर ही दम लेगी।

URL : modi govt moves supreme court for release vacant undisputed land!

Keywords: supreme court, Modi Govt, Ayodhya dispute, Ram temple

आदरणीय पाठकगण,

News Subscription मॉडल के तहत नीचे दिए खाते में हर महीने (स्वतः याद रखते हुए) नियमित रूप से 100 Rs. या अधिक डाल कर India Speaks Daily के साहसिक, सत्य और राष्ट्र हितैषी पत्रकारिता अभियान का हिस्सा बनें। धन्यवाद!  

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/ WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9312665127

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबर