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उद्धव ठाकरे के चलते बैकफुट पर मुंबई पुलिस!

Archana Kumari. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के चलते मुंबई पुलिस बैकफुट पर आ गई है। खासकर एंटीलिया मामले को लेकर सचिन वझे प्रकरण के चलते मुंबई पुलिस की छवि धूमिल हो गई है । 

इस बीच  वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय पांडे ने उद्धव ठाकरे सरकार पर अनदेखी करने के आरोप लगाते हुए लंबी छुट्टी पर चले गए ।  उनका कहना है कि  सर्वोच्च अदालत के मापदंड  के अनुसार प्रदेश में सरकार नहीं चल रही है और उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को जिम्मेवार ठहराया ।

महाराष्ट्र के डीजी राज्य सुरक्षा निगम.संजय पांडे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार पर राज्य में पुलिस विभाग में पद देने के दौरान उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया । संजय पांडे को तत्कालीन फेरबदल में महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम  का मुखिया बनाया गया है।

जबकि वह इससे पहले होमगार्ड के डीजी थे। इस पद पर अब परमवीर सिंह की तैनाती की गई है । अपने ट्रांसफर के बाद उन्होंने ठाकरे सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मेरे साथ गलत व्यवहार किया गया है।

मुझे लगता है कि जो कुछ हुआ वह कानून के मुताबिक नहीं है। इसलिए मैंने सरकार के सामने अपना पक्ष रखने की कोशिश की और उनसे अपनी गलतियों को सुधारने का अनुरोध किया।

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का कहना है मैं 1993 के दंगों के दौरान डीसीपी था। मैंने खेरवाड़ी के पास के इलाकों में शिवसेना के कार्यकर्ताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई की थी।

जिसका बदला मुझ से लिया जा रहा है और मेरे जैसे लोगों से बदला लेने के लिए सरकार बहुत बड़ी संस्था है। अगर ऐसा करती है तो हम सुरक्षित हाथों में नहीं हैं। उन्होंने कहा, राज्य सरकार मुझे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी देवेन भारती के खिलाफ पूछताछ की जिम्मेदारी दी।

मैंने उसे पूरा किया। इस बारे में रिपोर्ट भी दर्ज की। लेकिन जब उन्हें मुझे बड़े कार्यालय की जिम्मेदारी देनी थी, तो उन्होंने मुझे उपेक्षित कर दिया, जैसे मैं कुशल नहीं था। मुझे नहीं पता कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया। 

महाराष्ट्र सरकार को भेजे गए पत्र के बारे में उन्होंने  कहा, मेरा पत्र मेरे साथ हुए अन्याय के बारे में बात करता है। न केवल यह सरकार बल्कि इस सरकार से पहले भी ऐसे अन्याय हुए थे। आज भी किया जा रहा है।

मैंने इस सरकार के कई उदाहरणों का उल्लेख किया है। नए पद का कार्यभार संभालने की बात पर उन्होंने कहा, “मेरे नए कार्यालय का कार्यभार संभालने का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि मैं पहले से ही उस पद पर था।” उन्होंने कहा, “जब सीपी पद खाली हो गया तो मैं वरिष्ठ था, लेकिन उन्होंने मेरी अनदेखी की और जूनियर को तैनात किया।

जब भ्रष्टाचार विरोधी पद खाली हो गया, तो उन्होंने मेरी अनदेखी कर दी। जब महानिदेशक गए, तो उन्होंने किसी को अतिरिक्त प्रभार दिया, जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अवैध है। अब फिर से सीपी पद खाली हो गया है, उन्होंने एक और अधिकारी नियुक्त किया है। मैं इन अधिकारियों के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट आदेश के अनुरूप काम नहीं कर रही है।

उनका कहना है कि मुंबई में हाल ही में हुए विस्फोटक मामले के विवाद के बाद, आपने फिर से मुझे नजरअंदाज कर दिया और प्रकाश सिंह मामले में माननीय एससी के आदेशों के खिलाफ एक कनिष्ठ अधिकारी को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा। यह बात सही है कि संजय पांडे को लगातार परेशान किया जा रहा है  और इसी के चलते उन्होंने केंद्र सरकार से प्रतिनियुक्ति की भी मांग की थी । 

1993 मुंबई दंगों को नियंत्रित करने में योगदान करने के लिए अपनी ईमानदारी और सख्त नैतिकता के लिए जाने जाने वाले 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय पांडे का  पहले भी  15 साल के कार्यकाल के दौरान 14 बार तबादला किया गया।

इस बीच परमवीर सिंह को हटाने को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख का बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा कि सचिन वाझे के चलते ही गिरी मुंबई कमिश्नर पर गाज गिरी है और इस प्रकरण से मुंबई पुलिस की छवि खराब हुई।

इस बीच नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले ने अपना कार्यभार संभाल लिया और उनका भी कहना है कि मुंबई पुलिस आम लोगों का विश्वास जीतने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी, जो छवि खराब हुई है उसको ठीक करेगी।

उधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी लगातार पूछताछ के बाद भी रियाजउद्दीन काजी तथा सचिन  के और सहयोगीयो की संदेहास्पद भूमिका के बावजूद गिरफ्तारी नहीं कर पाई है ,इस बीच एंटीलिया बम कांड मामले में फॉरेंसिक विशेषज्ञ की एक टीम NIA कार्यालय पहुंची और एनआईए का दावा है सचिन वाझे के ठाणे घर से एनआईए अधिकारियों को सर्च में कई अहम सुराग और सबूत केस से जुड़े मिले है, जबकि कुछ गाड़ियों की चाबी,2 कुर्ते,कुछ अन्य कपड़े

और कुछ दस्तावेज जप्त किए गए। इसके अलावा सचिन के ठाणे स्थित अपार्टमेंट के सिक्योरिटी और सोसाइटी वालो, पड़ोसियों के बयान दर्ज किए गए। खासकर वाझे के सोसाइटी साकेत में आने जाने की टाइमिंग,24,25 फरवरी को उनकी लोकेशन,उनके द्वारा इस्तेमाल की जा रही गाड़ियों कीडिटेल,सोसाइटी विसिटर रजिस्टर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे ।

एनआईए को वाझे के द्वारा इस्तेमाल की गई कारो की जानकारी और उनके ग्रुप सर्कल की जानकारी भी मिली है और जो अब तक 5 कारो का पता चला है, उनमें स्कॉर्पियो, इनोवा,मर्सडीज, लेंड क्रूजर और ऑडी कार आदि शामिल है।

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Archana Kumari

Archana Kumari

राजधानी दिल्ली में लंबे समय तक अपराध संवाददाता के रूप में कार्य का अनुभव। अर्चना विभिन्न समाचार पत्रों तथा न्यूज़ चैनल में काम कर चुकी हैं। फिलहाल स्वतंत्र पत्रकारिता।

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