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कनार्टक के राज्यपाल को भाजपाई कहने से पहले ‘Cash for votes scandal’ में एडिटेड सीडी दिखाने के लिए खुद को कांग्रेसी तो कहोगे न राजदीप सरदेसाई?

कर्नाटक में राज्यपाल वजूभाई वाला ने भाजपा को सरकार बनाने का अवसर क्या दे दिया, लुटियन जर्नलिस्ट असंवैधानिक भाषा और मर्यादा पर उतर आए! पत्रकारिता को कदम-कदम पर बदनाम करने और अपना जमीर बेचने वाले राजदीप सरदेसाई हों, या उनकी पत्नी सागरिका घोष, दोनों इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, जैसे इन्हें हिस्टीरिया का दौर पड़ा हो!

राजदीप, 2009 को देश की जनता भूल नहीं है! संसद के अंदर भाजपा के दो सांसदों को नोटों की गड्डियां लहरानी पड़ी थी और लालकृष्ण आडवाणी बेबस और असहाय नजर आ रहे थे तो केवल इसलिए कि राजदीप और सागरिका ने पत्रकारिता को कांग्रेस के हाथ में बेच दिया था! कांग्रेस की सरकार बचाने के लिए सांसदों की खरीद-फरोख्त का अपने पास होते हुए भी राजदीप-सागरिका ने इसे नहीं चलाया! तब ये दोनों पति-पत्नी सीएनएन-आईबीएन का संचालन कर रहे थे और कांग्रेस की सरकार बचाने के लिए पत्रकारिता की मर्यादा को भरे बाजार नीलाम कर रहे थे!

‘कैश फॉर वोट’ का वह मसला याद है न तुम्हें राजदीप? आरोप के मुताबिक कांग्रेस के एक बड़े नेता द्वारा भाजपा सांसदों को खरीदने के लिए दिए गये नोटों के स्टिंग का सीडी तब राजदीप और सागरिका के पास आ गया था। इन्होंने इसे दिखाने का वादा भी अपने न्यूज चैनल पर जनता से किया था, लेकिन बाद में इसे कांग्रेस के पक्ष में दबा लिया था। कहा जाता है कि भाजपा में तब के राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने यह स्टिंग राजदीप से कह कर कराया था। इसीलिए भाजपा और लालकृष्ण आडवाणी आशा कर रहे थे कि राजदीप कांग्रेस द्वारा लोकतंत्र को नीलाम करने का यह सीडी दिखाकर अपने पत्रकारिता के धर्म को निभाएंगे, लेकिन राजदीप ने कांग्रेस के प्रति पालतूपन दिखाते हुए उस सीडी को दिखाने से इनकार कर दिया।

बाद में भाजपा ने सीएनएन-आईबीएन चैनल के बहिष्कार की धमकी दी, जिसके बाद राजदीप ने मक्कारी दिखाते हुए एडिटेड सीडी चलाया और यह कुतर्क दिया कि वह लोकतंत्र का सम्मान करते हुए पूरी सीडी तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष को सौंप देंगे। जबकि इस राजदीप ने गुजरात दंगे में न जाने कितनी ही फर्जी खबरों दिखा कर, दंगे को हिंदू-मुसलिम दंगा बताकर लोकतंत्र और पत्रकारिता की पूरी मर्यादा को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

आज यही राजदीप और सागरिका कह रहे हैं कि कर्नाटक में राज्यपाल ने खरीद-फरोख्त को बढ़वा दिया है, वह भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं, राज्यपाल ने भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए दो सप्ताह का समय देकर आठ विधायकों को खरीदने का मौका दे दिया है आदि-आदि। राजदीप तुमने भी तो कांग्रेस द्वारा भाजपा सांसदों की खरीद-फरोख्त की सीडी दबाकर संसद के अंदर खरीद फरोख्त को बढ़ावा दिया था? तुमने भी ‘कैश फॉर वोट’ की सीडी को न चलाकर एक पत्रकार से अधिक कांग्रेसी कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया था?

तुम भूल गये राजदीप? कितने बड़े दोगले हो तुम? दाउद इब्राहिम पर जब तुमने लेख लिखा था तो उसके साथ भी कोई डीलिंग की थी क्या? अमित शाह के खिलाफ फर्जी वीडियो कांग्रेस के किस नेता के कहने पर तुमने चलाया था राजदीप? आज तुम्हारा दोगला चरित्र चीख-चीख कर कह रहा है कि तुम न कभी पत्रकार थे और न तुम कभी पत्रकार हो सकते हो? तुम कहते हो न कि तुम निष्पक्ष नहीं, ऑब्जेक्टिव हो? 12 लाख करोड़ की लूट वाली यूपीए सरकार की सर्वेसर्वा सोनिया गांधी से ‘सास-बहु’ के अलावा और क्या प्रश्न पूछा तुमने आज तक? दोगले तुम जैसों के कारण एक आम पत्रकार को आज जनता के सामने हूटिंग का सामना करना पड़ रहा है!

कर्नाटक में पिछले दरवाजे से लोकतंत्र के अपहरण का प्रयास कर रहे कांग्रेस के पक्ष में जिस तरह से राजदीप-सागरिका पति-पत्नी बैटिंग कर रहे हैं, उससे यह कहीं से भी किसी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से कम नहीं लग रहे हैं। इन पति पत्नी के ट्वीट को देखिए, और बताइए, ऐसे पत्रकारों का जनता बहिष्कार न करे तो क्या करे?

तुम सोनिया गांधी के ‘पेटिकोट’ और राहुल गांधी के ‘पीडी’ पत्रकार से अधिक की हैसियत नहीं रखते, समझे?

राजदीप की बीबी सागरिका घोष का ट्वीट देखिए, यह पत्रकार से अधिक कांग्रेस की सलाहकार दिख रही है!

सागरिका अपने एक ट्वीट में राज्यपाल को धमकी दे रही है, देखिए..

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