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प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम संबोधन!

Archana Kumari. प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने देश के नाम संबोधन में 19 मिनट बात करते हुए उन्होंने देश को आगाह किया कि कोरोना अनुशासन का पालन कीजिए ताकि लॉकडाउन की स्थिति न आए। फोन का कहना है  हमें आजीविका को भी बचाना है और जिंदगियों को भी बचाना है। उन्होंने राज्य सरकारों से भी अपील की कि लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के तौर पर देखें ।

देश में कोरोना वायरस के बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर, ऑक्सीजन की डिमांड, कोरोना योद्धाओं समेत कई मुद्दों पर बात की।  उनका राष्ट्र के नाम दिया गया पूरा संदेश

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार, कोरोना के खिलाफ आज देश बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं और फिर कोरोना की दूसरी वेव तूफान बनकर आ गई। जो पीड़ा आपने सही है, जो पीड़ा आप सह रहे हैं, उसका मुझे पूरा एहसास है। 

जिन लोगों ने बीते दिनों में अपनों को खोया है, सभी देशवासियों की ओर से उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। परिवार के एक सदस्य के रूप में आपके दुख में मैं शामिल हूं। चुनौती बड़ी है, लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले के साथ इसको पार करना है।   

साथियो, अपनी बात को विस्तार देने से पहले मैं, देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, पैरा मेडिकल स्टाफ, सभी सफाई कर्मी भाई बहन, पुलिसकर्मी की सराहना करता हूं। आपने कोरोना की पहली वेव में भी अपना जीवन दांव पर लगाकर लोगों को बचाया।

आज आप फिर इस संकट में अपना परिवार, सुख, चिंता छोड़कर दूसरों का जीवन बचाने में दिन-रात जुटे हुए हैं। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि कठिन से कठिनसमय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सही दिशा में काम करें, तभी विजय प्राप्त कर सकते हैं।

इसी मंत्र को सामने रखकर आज देश दिन-रात काम कर रहा है। बीते कुछ दिनों में जो फैसले लिए गए हैं, कदम उठाए गए हैं, वे स्थिति को जल्द से सुधारेंगे। इस बार देश के अनेक हिस्सों में ऑक्सीजन की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ी है।इस विषय में तेजी से काम किया जा रहा है।

केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, प्राइवेट जगत पूरी कोशिश कर रहा है कि सभी को ऑक्सीजन मिलें। ऑक्सीजन सप्लाई को बढ़ाने के लिए काम किए जा रहे हैं। नए प्लांट बनाने हों, इंडस्ट्री से ऑक्सीजन लेना हो आदि जैसी चीजें की जा रही हैं। आज देश में कई गुना दवाइयों का प्रोडक्शन हो रहा है।

इसे और तेज किया जा रहा है। कल ही मेरी देश की फार्मा कंपनियों के प्रमुख लोगों से लंबी चर्चा हुई है। प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए हर तरीके से दवाई कंपनियों की मदद ली जा रही है। हम सौभाग्यशाली हैं कि देश के पास इतना मजबूत फार्मा सेक्टर है, जो तेजी से दवाइयां बनाता है।

इसके साथ ही, अस्पतालों में बेड्स को बढ़ाने का काम तेजी से चल रहा है। कई जगह विशाल अस्पताल बनाए जा रहे हैं। पिछले साल जब कुछ ही मामले सामने आए थे, तभी देश ने वैक्सीन के लिए काम शुरू कर दिया था। हमारे वैज्ञानिकों ने देशवासियों के लिए वैक्सीन विकसित की हैं।

आज दुनियाभर से काफी सस्ती वैक्सीन हमारे पास हैं। वैक्सीन्स की अप्रूवल को फास्ट ट्रैक पर रखने के साथ ही सभी मदद को बढ़ाया गया है। यह एक टीम एफर्ट है, जिसकी बदौलत भारत टीकाकरण अभियान शुरू हो पाया। इस बात का जोर दिया गया कि ज्यादातर जरूरतमंद लोगों तक वैक्सीन पहुंचे।

दुनिया में सबसे तेजी से भारत में वैक्सीन के डोज दिए गए हैं। आज कोरोना से इस लड़ाई में हमें हौसला मिलता है कि हमारे हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और सीनियर सिटीजन के बड़े हिस्सों को लाभ मिल चुका है। कल एक और फैसला हमने किया है।

एक मई के बाद से 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को टीका लगाया जा सकेगा।भारत में जो भी वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा। 45 साल से ऊपर वाले लोगों के लिए जैसा कार्यक्रम चल रहा है, वह भी उतनी तेजी से जारी रहेगा।

हमारा प्रयास जीवन बचाने के लिए है। आर्थिक गतिविधियां कम से कम प्रभावित हों। वैक्सीनेशन को 18 से अधिक उम्र वालों के लिए खोलने से शहरों में तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी। श्रमिकों को भी तेजी से वैक्सीन मिलने लगेगी। मेरा राज्य से निवेदन है कि वे श्रमिकों को भरोसा जगाए रखें और कहें कि वे जिस शहर में हैं, वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और काम भी बंद नहीं होगा।

पिछली बार जो परिस्थितियां थीं, वह अभी से काफी भिन्न थीं। तब मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था। आप याद कीजिए देश में क्या स्थिति थी। लैब नहीं, पीपीई का कोई प्रोडक्शन नहीं।हमारे पास इस बीमारी के ट्रीटमेंट के लिए कोई खास जानकारी नहीं, लेकिन हमने काफी कम समय में सुधार किया और आज हमारे डॉक्टरों ने काफी अच्छी एक्सपर्टीज हासिल कर ली है।

वे जीवन बचा रहे हैं। आज हमारे पास पीपीई किट्स हैं, लैब का बड़ा नेटवर्क है। टेस्टिंग की सुविधा को भी बढ़ा रहे हैं। साथियो, कोरोना के खिलाफ धैर्य से लड़ाई लड़ी गई है। इसका श्रेय जनता को ही जाता है। अनुशासन और धैर्य के साथ कोरोना से लड़ते हुए यहां तक लाए हैं। मुझे विश्वास है कि हम कोरोना के इस तूफान को भी समाप्त कर सकेंगे।

 आज हम चारों ओर देख रहे हैं कि कई सामाजिक संस्थाएं जरूरतमंदों तक मदद पहुंचा रहे हैं। मैं इन सभी को आदरपूर्वक नमन करता हूं और अपील करता हूं कि देशवासी आगे आएं और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाएं। सेवा के संकल्प से ही हम यह लड़ाई जीत पाएंगे।

युवा साथियों से अनुरोध है कि वे छोटी-छोटी कमेटियां बनाकर कोविड व्यवहार का पालन करवाएं। हम ऐसा करेंगे तो राज्य सरकारों को कंटेनमेंट जोन बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लॉकडाउन भी नहीं लगाना पड़ेगा। स्वच्छता अभियान के समय बाल मित्रों ने लोगों को काफी समझाया था।

मैं आज भी कहना चाहता हूं कि मेरे बाल मित्र घर में ऐसा माहौल बनाइए कि बिना काम और बिना कारण लोग घर से बाहर न निकलें। प्रचार माध्यमों से भी मेरी कामना है कि ऐसे संकट के समय में जागरूक करने के प्रयासों को और बढ़ाएं। इसके साथ ही इस पर भी काम करें कि डर का माहौल और कम हो सके।

लोग अफवाह और भ्रम की स्थिति में न आएं। आज की स्थिति में लॉकडाउन से बचाना है। मैं राज्यों से भी कहूंगा कि लॉकडाउन को अंतिम विकल्प ही मानें। मैं अपनी अर्थव्यस्था की सेहत भी संभालेंगे और देशवासियों की सेहत भी संभालेंगे। कोरोना से बचने का जो भी उपाय है, उसका पालन जरूर करें।

दवाई भी, कड़ाई भी का पालन जरूर करें। आज नवरात्रि का आखिरी दिन है। कल रामनवमी है और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का यही संदेश है कि हम मर्यादाओं का पालन करें। कोरोना के इस संकट काल में कोरोना से बचने के जो भी उपाय हैं, कृपया करके उनका पालन शत प्रतिशत करिए।

रमजान के महीने का भी आज सातवां दिन है। कोरोना के खिलाफ जंग जीतने के लिए अनुशासन की भी जरूरत है। जब जरूरत हो तभी बाहर निकलें। कोविड अनुशासन का पूरा पालन करें। मेरा आप सभी से यही आग्रह है और आप लोगों को यह भरोसा देता हूं कि अनुशासन, धैर्य के साथ जुड़कर देश कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगा। आप सभी स्वस्थ रहें, आपका परिवार स्वस्थ रहें, इसी के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Archana Kumari

Archana Kumari

राजधानी दिल्ली में लंबे समय तक अपराध संवाददाता के रूप में कार्य का अनुभव। अर्चना विभिन्न समाचार पत्रों तथा न्यूज़ चैनल में काम कर चुकी हैं। फिलहाल स्वतंत्र पत्रकारिता।

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