राहुल गांधी द्वारा महिला पत्रकार पर हमला! एडिटर गिल्ड खामोश! कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकारों का ‘दुम हिलाई’ रवैया आया सामने!

अपनी सुविधा के अनुसार पत्रकारों को अपनी ही ड्योढ़ी पर बुलाकर खाना खजाना जैसा इंटरव्यू देने के आदी रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साक्षात्कार लेने वाली महिला पत्रकार स्मिता प्रकाश पर हमला किया है। राहुल ने वरिष्ठ पत्रकार स्मिता प्रकाश पर खुद प्रश्न पूछकर उसका उत्तर देने का आरोप लगाया है। लेकिन एडिटर गिल्ड ऑफ इंडिया का अध्यक्ष शेखर गुप्ता खामोश बैठा है। बैठेगा भी क्यों नहीं यही तो वह शेखर गुप्ता है जिसने अपने इंटरव्यू में सोनिया गांधी को पास्ता बनाना आता है कि नहीं जैसा सवाल पूछा था। कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकारों की तो बात ही निराली है। ये तो कांग्रेस के सामने बिछे नजर आते हैं। तभी तो कांग्रेस और राहुल गांधी को कवर करने वाले एक भी पत्रकार राहूल गांधी से उनके झूठ पर सवाल पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। लेकिन सभी पत्रकार ऐसे नहीं होते। राहुल गांधी को यह बात समझ आ जानी चाहिए ।

वरिष्ठ महिला पत्रकार के खिलाफ राहुल गांधी के इस अमर्यादित हमले के बाद भी कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकारों के साथ एडिटर्स गिल्ड की चुप्पी को आड़े हाथ लेते हुए इंडिया स्पीक्स डेली के संस्थापक संपादक संदीप देव ने इनकी रीढ़ विहीन प्रवृत्ति पर प्रहार किया है। उन्होंने इस संदर्भ में त्वरित टिप्पणी करते हुए कहा है कि कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकार तो अब पीडी पत्रकार बन गए हैं। उनकी यह त्वरित टिप्पणी आप खुद सुनिए।

राहुल गांधी ने जिस वरिष्ठ पत्रकार स्मिता प्रकाश के साक्षात्कार पर सवाल उठाया है उन्होंने करारा जवाब दिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि राहुल गांधी.. आपने मुझ पर हमला करने के लिए अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घटिया शब्द का उपयोग किया है। उन्होंने राहुल को जवाब देते हुए लिखा है कि  मैं मोदी से प्रश्न कर रही थी न कि उसका उत्तर दे रही थी। अगर आप मोदी पर हमला करना चाहते हैं.. तो शौक से करिए, लेकिन हमारा उपहास उड़ाने की नीचता मत करिए। वैसे देश के सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष से ऐसी अपेक्षा नहीं थी।

जब राहुल स्मिता प्रकाश को ‘प्लायबल’ कर रहे थे तो कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकार हंस रहे थे, इस वीडियो में साफ सुना जा सकता है। यह है रीढ़विहीन कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकारों का ‘पीडी’ की तरह दुम हिलाता चेहरा! जिस प्रकार राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साक्षात्कार लेने वाली महिला पत्रकार स्मिता प्रकाश पर हमला करते हुए अपनी मर्यादा लांघी है उसकी नेशनल जर्नलिस्ट ऑफ युनियन ने कड़ी भर्त्सना की है। इसके साथ ही राहुल गांधी की भाजपा ने कड़ी आलोचना की है। गौर हो कि राहुल गांधी ने पीएम मोदी के साक्षात्कार को एक ‘नाटक’ तथा साक्षात्कार करने वाली महिला पत्रकार स्मिता प्रकाश को ‘आसानी से वश में आने वाली’ बताया है। राहुल गांधी से इससे अधिक की उम्मीद की भी नहीं जा सकती है।

एडिटर्स गिल्ड की इस चुप्पी पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सवाल उठाते हुए लिखा है कि राहुल गांधी की इस हरकत पर आखिर छद्म उदारवादी क्यों खामोश हैं? क्या ये लोग एडिटर्स गिल्ड के जवाब का इंतजार कर रहे हैं? निश्चित रूप से ये लोग एडिटर्स गिल्ड के जवाब का ही इंतजार में है कि आखिर वह क्या जवाब देता है, बाद में उसी अनुरूप ये लोग अपना तर्क गढ़ेंगे।

स्मिता प्रकाश जैसे पत्रकार पर राहुल गांधी के हमले के बाद भी एडिटर्स गिल्ड की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ पत्रकार आर राज गोपालन ने कहा कि जब राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी के साक्षात्कार को लेकर सवाल उठाया तो एडिटर्स गिल्ड को स्मिता प्रकाश के समर्थन में खड़ा होना चाहिए। लेकिन एडिटर्स गिल्ड के अध्यक्ष शेखर गुप्ता अपना दायित्व निभाने में विफल रह हैं। ऐसे में यही सही समय है कि उन्हें अपने पद से रिजाइन कर देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर शेखर गुप्ता को धक्के मार कर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया जैसी संस्था से निकाल दिया जाना चाहिए। क्योंकि इन्हीं लोगों के कारण मीडिया की विश्वसनीयता घटी है।

राहुल गांधी के इस बेतुके आरोप पर मिनहार मर्चेंट ने सवाल उठाते हुए अपने ट्वीट में लिखा है कि अनिल अंबानी की ऑफसेट हिस्सेदारी पर राहुल गांधी जो निराधार आरोप लगा रहे हैं वह झूठ है। क्योंकि 58 हजार करोड़ में से 30 हजार करोड़ ऑफसेट का हिस्सा है। इस 30 हजार करोड़ में डसॉल्ट के 72 पार्टनर हैं। इस हिसाब से अनिल अंबानी को टोटल ऑफसेट की 4 प्रतिशत ही हिस्सेदारी मिली है, जो करीब सबा आठ सौ करोड़ बनता है। ऐसे में राहुल गांधी किस प्रकार अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये लाभ देने का आरोप लगा रहे हैं? इतना बड़ा झूठ बोलने के बाद भी कांग्रेस कवर करने वाले एक भी पत्रकार राहुल गांधी के झूठ पर कोई सवाल नहीं उठा रहा। उठाए भी कैसे कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकार तो कांग्रेस और राहुल गांधी के आगे बिछ चुके हैं।

सभी पत्रकार कांग्रेस और राहुल को कवर करने वाले पत्रकारों जैसे नहीं हैं। राहुल गांधी द्वारा वरिष्ठ पत्रकार स्मिता प्रकाश पर उठाए गए सवाल पर कई पत्रकार ने राहुल गांधी से लेकर पत्रकार और पत्रकारिता तक पर सवाल उठाया है। इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने कहा है कि पत्रकारों को किसी नेता से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।

वहीं राहुल सिन्हा ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि नए पत्रकारों को अब सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि असली सर्टिफिकेट उन्हें अब राहुल गांधी के हाथ से मिलेगा।

अनुराग मुस्कान ने राहुल गांधी के मीडिया पर मोदी के दबाव में काम करने के आरोप का जवाब देते हुए लिखा है कि काश सच होता और राहुल गांधी के झूठ पर कोई सवाल उठाता।

वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना ने राहुल गांधी के स्मिता प्रकाश पर हमले के बाद भी किसी पत्रकार द्वारा सवाल नहीं पूछने पर आश्चर्य व्यक्त किया है

 

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